Tuesday, March 31st, 2020

हिन्दू धर्म के अलावा अन्य धर्म एक ही सोपान पर खड़े दिखाई देते हैं : राजनाथ सिंह

rajnath singh invcतुषार अहमद सैफ़ी,, आई एन वी सी,, दिल्ली,, स्वामी विवेकानन्द की 150वीं जयन्ती के पुनीत अवसर पर दिल्ली भाजपा द्वारा एक वर्शीय आयोजनों की श्रृंखला की पहली कड़ी स्वामी विवेकानन्द संगीतमय नाटक के प्रस्तुतीकरण के अवसर पर पार्टी के वरिश्ठ नेता श्री लालकृश्ण आडवाणी, विजय गोयल समेत अनेक वरिश्ठ उपस्थित। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली प्रदेष अध्यक्ष श्री विजेन्द्र गुप्ता ने की। इस अवसर पर अपने संदेष में भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने विष्व के सभी धर्मावलंबियों के बीच भारतीय आध्यात्म, धर्म, संस्कृति की सर्वोपरिता का महत्व बताते हुए कहा था कि आज अन्य धर्म एक ही सोपान पर खड़े दिखाई देते हैं जबकि हिन्दू धर्म क्रमविकास के सिद्धांत का पालन करते हुए द्वैत, विषिश्टाद्वैत, अद्वैत के तीन सोपान पार कर चुका है। उन्होंने भारत में विदेषी सांस्कृतिक आक्रमण से सो गई भारतीय चेतना को जगाया था। स्वामी विवेकानन्द ने पुनर्जागरण का एक नया युग प्रारम्भ किया था। स्वामी विवेकानन्द और राजा राम मोहन राय इस जागरण के कमल थे। स्वदेष लौटकर अपने कलकत्ता के भाशण में आध्यात्मिक अद्वैतवाद के आधार पर विष्व की आध्यात्मिक विजय को भारत की वैदेषिक नीति का प्रारम्भ और अखंड राश्ट्रीय एकता स्थापित करने को ही उन्होंने अपने जीवन का उद्देष्य बनाया था। इसी उद्देष्य की पूर्ति करते हुए ही उन्होंने अपनी अंतिम सांसें लीं। भारतीय जनता पार्टी भारत के सांस्कृतिक, आर्थिक, आध्यात्मिक, सामाजिक, उन्नति के लिए प्रतिबद्ध है। सिरिफोर्ट ऑडीटोरियम में देष के प्रसिद्ध गायक व संगीतकार श्री षेखरसेन की संगीतमय प्रस्तुति नाटक विवेकानन्द का दो घंटें तक सजीव चित्रण किया गया। इसमें स्वामी जी के व्यक्तित्व, कृतित्व पर विस्तार से प्रकाष डाला गया। खचाखच भरे सभागार मंे उपस्थित भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं तथा दिल्ली के प्रबुद्धजनों ने इस नाटक को देखा और सराहा।

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