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Sunday, September 20th, 2020

हिंसा, CAA के खिलाफ JNU छात्रों का दिल्ली में मार्च, कांग्रेस ,आप और लेफ्ट के नेताओं का भी मिला साथ

नई दिल्ली,दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में हिंसा और नागरिकता कानून के खिलाफ जेएनयू के छात्र, शिक्षक और लेफ्ट समेत विपक्षी दलों के नेता मार्च निकाल रहे हैं। जेएनयू के छात्र और शिक्षक गुरुवार दोपहर जेएनयू से बसों में भरकर मंडी हाउस पहुंचे।

सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी, वृंदा कारत, शरद यादव, डी. राजा समेत दूसरे विपक्षी नेता छात्रों के प्रदर्शन में शामिल हुए। विश्वविद्यालय के कुलपति के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों की मानव संसाधन विकास मंत्रालय तक मार्च निकालने की योजना है। छात्रों के प्रदर्शन के मद्देनजर संसद मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मंडी हाउस में धारा 144 भी लगाई गई है।

 

ट्रैफिक व्यवस्था होगी बाधित

मंडी हाउस पर प्रदर्शन के चलते लुटियंस जोन में ट्रैफिक बाधित है। मंडी हाउस से मानव संसाधन मंत्रालय तक जाने के लिए फिरोज शाह रोड लिया जाएगा, जिसके कारण कनॉट प्लेस तक जाने वाले लगभग रास्ते बंद रहेंगे। मंडी हाउस में धारा 144 लागू कर दी गई है।

 

रविवार को जेएनयू में हुई हिंसा के बाद से लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठनों ने जेएनयू वीसी एम जगदीशन कुमार को पद से हटाने की मांग की है, तो वहीं पुलिस पर कथित गुंडों के साथ मिलकर जेएनयू में हंगामा करवाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जेएनयू में छात्रों के रजिस्ट्रेशन को लेकर बवाल हुआ था, जो पिछले शुक्रवार से चल रहा है। पूरे कैंपस में पढाई लिखाई बंद है और कैंपस लेफ्ट-राइट में बंटकर रह गया है।

केजरीवाल बोले- दिल्ली पुलिस नहीं, केंद्र जिम्मेदार

इस बीच गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेएनयू हिंसा पर घिरी दिल्ली पुलिस का बचाव करते नजर आए। उन्होंने कहा, 'मैं दिल्ली पुलिस की गलती नहीं मानता। उन्हें तो ऊपर से आदेश आता है। कहा जाता है कि हिंसा होने दो, हमला करने हमलावरों को निकलने दो। अगर पुलिस को आदेश दिया जाएगा कि रेप नहीं होने चाहिए, अपराध रुकने चाहिए। तो ऐसा ही होगा। वे आदेश मानते हैं, वरना नौकरी चली जाएगी।'

 

योगेंद्र यादव करा रहे चर्चा का आयोजन

स्वराज इंडिया पार्टी के नेता योगेंद्र यादव ने ट्वीट करके बताया कि दोपहर 3 बजे साबरमती कैंटीन मेस में एक चर्चा का आयोजन किया गया है, जिसके जरिए छात्रों को उस हिंसा वाले दिन के दर्दनाक ट्रॉमा से बाहर निकालने की कोशिश होगी। शाम को 7:30 बजे जामा मस्जिद के गेट पर प्रदर्शन होने की बात कही जा रही है, तो वहीं रात में 8 बजे मौजपुर से जाफराबाद तक कैंडल मार्च होगा। PLC.

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