Thursday, January 23rd, 2020

हालात कार्यों, उपलब्धियों सेवाओं को सुरक्षित रखना आवश्यक

> जमीयत उलमा ए हिंद के ऐतिहासिक पुरुषों पर पुस्तक का विमोचन > अपने पूर्वजों की खिदमात को याद किए बगैर शताब्दी समारोह आयोजन अपूर्णः महमूद मदनी 

आई एन वी सी न्यूज़ नई दिल्ली  ,

जमीयत उलेमा ए हिंद इन दिनों अपना शताब्दी प्रोग्राम मना रही है इसके तहत आज यहां अपने केंद्रीय कार्यालय के मदनी हाल में जमीयत  के दो महान महापुरुष हजरत मौलाना अबुल महासिन  मोहम्मद सज्जाद बिहारी, और मौलाना सैयद मोहम्मद मियां देवबंदी   के जीवन और उपलब्धियों पर क्रमशः दो पुस्तकों 'तजकरा अबुल महासिन' और 'तजकरा सैयद उल मिल्लत'  का विमोचन हुआ। इस संबंध में यहां एक समारोह आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता मौलाना कारी सैयद मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी अध्यक्ष जमीयत उलेमा ए हिंद ने की जबकि  संचालन मौलाना महमूद मदनी महासचिव जमीयत उलेमा ए हिंद ने किया ।

स्टेज पर मौलाना अतीक अहमद  बस्तवी अध्यापक नदवातुल उलेमा लखनऊ, मौलाना शब्बीर अहमद कासमी शाही मुरादाबाद, प्रोफेसर अख्तरुल वासे अध्यक्ष मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी जोधपुर, प्रोफेसर शरीफ उल हसन दिल्ली यूनिवर्सिटी,  मौलाना साजिद मियां देवबंदी, राशिद सईद,मौलाना कारी शौकत अली वेट, मुफ्ती मोहम्मद सलमान मंसूरपुरी, शाही मुरादाबाद, मौलाना अब्दुल हमीद नोमानी, मौलाना अख्तर इमाम आदिल,  मौलाना जियाउल हक खैराबादी और नासिर खान सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं. यह दोनों किताबें जमीयत उलेमा ए हिंद के नेतृत्व में दिसंबर 2018 में आयोजित हुए सेमिनार में प्रस्तुत किए गए लेखों, शोध पत्रों पर आधारित है। इस समारोह में दारुल उलूम देवबंद सहित देश के कई धार्मिक संस्थानों के जिम्मेदार पदाधिकारी अध्यापक गण और विद्वान मौजूद रहे ।

अपने संबोधन में मौलाना कारी सैयद मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी ने कहा कि दुनिया में जो प्रमुख और ऐतिहासिक हस्तियां होती हैं उनके हालात से सबक हासिल किए जाते हैं । इसलिए इन के हालात कार्यों, उपलब्धियों सेवाओं को सुरक्षित रखना आवश्यक है। ताकि आने वाली पीढ़ी अपने पूर्वजों के तौर तरीके को सीखे और उनके पद चिन्हों पर चलकर हौसला शक्ति प्राप्त करें ।

प्रोफेसर  शरीफ उल हसन ने  मौलाना मोहम्मद मियां देवबंदी  की लेखन व  उपलब्धियों के साथ उनके मुजाहिदाना ऐतिहासिक कारनामे पर प्रकाश डाला और कहा कि आपने उलमा ए हिंद का शानदार माज़ी  जैसी ऐतिहासिक पुस्तक लिखी है जिस पर मैं आश्चर्यचकित हूं ।उन्होंने पुस्तक के संकलन प्रकाशन विमोचन के लिए मौलाना महमूद मदनी साहब को धन्यवाद अदा किया ।इनके अलावा मौलाना अतीक उर रहमान बस्तवी मौलाना मुफ्ती सलमान मंसूरपुरी, मुफ़्ती अफ्फान मंसूरपुरी आदि ने भी संबोधित किया।




 

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