Monday, March 30th, 2020

हार्ट ट्रीटमेंट स्टेंट का विकल्प

आई एन वी सी न्यूज़  

नई  दिल्ली ,

 स्टेंट के बारे में बहुत सारे संदेह पैदा हुए हैं - अत्यधिक लागत, अनावश्यक उपयोग और संदिग्ध गुणवत्ता। वर्ष 2016 में 6 लाख से अधिक स्टेंट लगाए गए हैं। हृदय रोग विशेषज्ञों और हृदय अस्पतालों को 6000 करोड़ अतिरिक्त धन मिला। किसी भी चीज की अधिकता अंततः पकड ़में आ जाती है। सरकार ने स्टेंट की लागत को 85 प्रतिशत तक कम करने का निर्णय लिया। इसके बाद भी यह अभी भी दिल के अस्पतालों के लिए पैसा कमाने का कारण है। मूल प्रश्न जो अभी भी बना हुआ है-क्या इन स्टेंटों की आवश्यकता थी? क्या यह हृदय रोगियों के इलाज का एक मात्र तरीका है? हृदय रोग के रोगियों की संख्या क्यों बढ ़रही है? हृदय रोग का अधिक सफल एवं उपयुक्त उपचार क्या हो सकता है?

लुधियाना  स्थित सिबिया मेडिकल सेन्टर के  निदेशक डॉ.एस एस सिबिया का कहना है कि भोजन में अधिक वसा, व्यायाम की कमी, तंबाकू का सेवन, बीपी, मधुमेह, मोटापा और अत्यधिक तनाव पर नियंत्रण न होने के कारण हृदय रोग होता है। कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड नामक वसा-यदि रक्त में अधिक वर्षों से हृदय की नलियों के अंदर जमा रहती है। हृदय रोगी इन ब्लॉकों के बारे में अनजान रहते हैं जब तक कि यह 70-80 प्रतिशत चरण तक नहीं पहुंचता है - क्यों कि हृदय को इसकी रक्त की आपूर्ति का केवल 20-30 प्रतिशत की ही आवश्यकता होती है। जब तक लक्षण दिखाई देते हैं तब तक ब्लॉक 80 प्रतिशत या उससे अधिक तक पहुंच चुके हैं। तब केवल यही होते हृदय रोगी अस्पतालों में पहुंचते हैं और हृदय रोग विशेषज्ञ इसका उपचार महंगे स्टेंट और बाईपास जैसा उपचार बताते हैं। स्टेंटिंग के बाद भी मरीज उसी जीवन शैली के साथ आगे बढ़ते हैं और स्टेंट को वापस से ब्लॉक कर लेते हैं- इस प्रकार अगला स्टेंट लगाया जाता है। तब आदर्श समाधान क्या हो सकता है?
डॉ.एस एस सिबिया  के अनुसार सबसे अच्छा विकल्प हृदय रोगियों की जीवन शैली प्रशिक्षण और उसकी शिक्षा है। हृदय रोगियों में से अधिकांश चिकित्सकीय रूप से निरक्षर हैं-उन्हें कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स, व्यायाम, तनाव प्रबंधन कौशल, हृदय रोग को रोकने के लिए योग, मधुमेह, उच्च बीपी, अधिक वनज को नियंत्रित करने के तरीकों और साधनों के बारे में जानने की आवश्यकता है। यदि हदय की धमनी के ब्लॉक उन्नत चरण में हैं, तो उन्हें इष्टतम चिकित्सा प्रबंधन की भी आवश्यकता है।
 

Comments

CAPTCHA code

Users Comment