Friday, April 3rd, 2020

हाथ से मैला ढोने की कुप्रथा को पूरी तरह से समाप्त किया जाएगा

आई एन वी सी न्यूज़ जयपुर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि राज्य में हाथ से मैला ढोने की कुप्रथा को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह कृत संकल्प है। हाथ से मैला ढोने वालों की पहचान कर उनका पुनर्वास कार्य प्राथमिकता से किया जायेगा। डॉ. चतुर्वेदी गुरूवार को अम्बेडकर भवन के सभागार में हाथ से मैला ढोने वाले कार्मिकों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास के लिए गठित राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मैला ढोने वालों की पहचान एवं पुनर्वास कार्य की विस्तार से समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि स्वायत शासन विभाग द्वारा 1220 स्वच्छकारों की सूची प्राप्त हुई है जिनकी अनुजा निगम द्वारा सत्यापन करने पर 577 स्वच्छकार योग्य पाये गये इनमें से 322 में प्रत्येक को एकमुश्त 40 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी गई।उन्होंने नगर पालिकाओं, नगर निगमों, रेल्वे स्टेशनों, छावनियों में नियमानुसार सामुदायिक शौचालय बनाने के निर्देश दिये। डॉ. चतुर्वेदी ने अनुजा निगम को स्वच्छकारों को छोटे-छोटे धन्धे शुरू करने के लिए ऋण दिलाने के लिए योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिये। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग एवं स्वायत्त शासन विभाग को स्वच्छकारों के स्वस्थ जीवन के समस्त आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलबध कराने के लिए गाईडलाईन जारी करने के निर्देश दिये। डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि हाथ से मैला ढोने वाले कार्मिकों के नियोजन एवं पुनर्वास के लिए राज्य स्तरीय, जिला एवं उपखण्ड स्तरीय सतर्कता समितियों का गठन किया जा चुका है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत अस्वच्छकारी शौचालय एवं शौचालय विहीन मकानों के सर्वे कर शौचालय निर्माण के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा नगर निकायों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। बैठक में राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष श्री गोपाल पचेरवाल ने स्वच्छकारों की स्थिति पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि हाथ से मैला ढोने की स्थिति आज के युग में भी होना शोचनीय है, अपराध है। इसलिए हम सबकी जिम्मेदारी है कि इस कुप्रथा को बंद कर स्वच्छकारों को कौशल प्रशिक्षण देकर आजीविका के संसाधन देने का कार्य किया जावे। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अशोक जैन ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि हाथ से मैला ढोने वालों की कुप्रथा कोए सभी के सहयोग समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिये। इस अवसर पर विभाग के निदेशक डॉ. समित शर्मा ने कहा कि स्वच्छकार का कार्य करने वालों की सामाजिक सुरक्षा के तहत 10 लाख का जीवन बीमा करने के लिए समस्त पालिकाओं, नगर निगमों को गाईड लाईन जारी कराने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिये। बैठक में राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष पवन कवाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) श्री एम.एल.लाठेर, विशिष्ठ शासन सचिव गृह विभाग श्री महेश भारद्वाज, निदेशक स्वायत्त शासन विभाग श्री पवन अरोड़ा, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य श्री स्वामी सदानंद, स्वच्छ भारत मिशन के अधिशाषी अभियंता श्री प्रयाग चौधरी सहित विभिन्न विभागोें के अधिकारी मौजूद थे।

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