Sunday, January 26th, 2020

हरी झण्डी देने पर की प्रसन्नता व्यक्त

आई एन वी सी न्यूज़ नई दिल्ली, धर्मरक्षक श्री दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन की अध्यक्षता में हुई हिन्दू संगठनों की बैठक में वैज्ञानिक व औद्याsगिक अनुसंधान संस्थान और राष्ट्रीय पर्यावरण अभियान्त्रिक अनुसंधान संस्थान द्वारा बेरियम नाईट्रेट और पोटेशियम नाईट्रेट युक्त पटाखे बनाने की विस्फोटक सामग्री को हरी झण्डी देने पर प्रसन्नता व्यक्त की। बैठक में श्री दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश श्री ए के सीकरी ने जिस प्रकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की पटाखा फैक्ट्रियों को बन्द कराया था] उसमें पटाखें बनाने और बेचने के लाइसेंस देने सम्बन्धी विस्फोटक अधिनियम 2008 की धारा 103 से लेकर 118 का सरासर उल्लंघन किया गया। श्री जैन ने खुलाया किया कि न्यायाधीश श्री ए के सीकरी ने बेरियम नाईट्रेट युक्त पटाखों के निर्माण पर ग्रीन पटाखों के नाम पर जिस प्रकार से रोक लगाकर न केवल हिन्दुओं को उनके सबसे बड़े त्यौहार दीपावली को उल्लास पूर्वक बनाने से रोका बल्कि विस्फोटक अधिनियम 2008 की पहली अनुसूची के भाग 1 के बारूद वर्ग 1 और नाईट्रेट मिश्रण वर्ग 2 के तहत पोटेशियम और बेरियम नाईट्रेट के इस्तेमाल करने के नियम का भी उल्लंघन किया है। बैठक में दारा सेना के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी ओम जी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में जजों, अफसरों, वकीलो और मीडियाकर्मियों का एक राष्ट्रविरोधी रैकेट काम कर रहा है, यह रैकेट विस्फोटक अधिनियम 2008 के प्रावधानों के तहत बनाये जा रहे पटाखों पर रोक लगाकर संविधान का पालन करने की शपथ को लगातार तोड़ jgk है। स्वामी ओम जी ने सी आई ए के ऐजेन्ट प्रशान्त भूषण की चेली वकील पूजा धर को आड़े हाथों लेते हुए कहा नाईट्रेट मिश्रण वर्ग 2 के तहत बेरियम और पोटेशिम नाईट्रेट युक्त पटाखें बनाने पर रोक लगवाने की मांग करना विस्फोटक अधिनियम 2008 का सरासर उल्लंघन है। किन्तु सबसे बड़ी बात यह है कि उसकी इस गैर कानूनी हरकत को जिस प्रकार से न्यायाधीश श्री ए के सीकरी और अब्दुल नजीर ने अपने 5-3-19 के आदेश में भाव दिया है उससे साफ है कि सी आई ए की फोर्ड फाउन्डेशन से इन्दिरा जय सिंह और प्रशान्त भूषण जैसे सी आई ए के ऐजेन्ट वकीलों को मिल रहे करोड़ों डालरों में से एक बड़ा हिस्सा सर्वोच्च न्यायालय के के- जी- बालाकृष्णन् जैसे भ्रष्टतम जजों को जा रहा है यही कारण है कि सी आई ए की फन्डिंग पर पल रहे ये जज न केवल विस्फोटक अधिनियम 2008 का उल्लंघन करके दीपावली के जीवाणुनाशक पटाखों पर रोक लगाकर स्वाईन फ्लू जैसी महामारी फैलाकर 130 करोड़ हिन्दुस्तानियों के जीवन से खेल रहे हैं बल्कि पटाखा उद्योग को बर्बाद करके भारत सरकार की जीडीपी को भी साजिशन जबरदस्त चोट पहुंचा रहे हैं। हिन्दू संगठनों ने केन्द्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री श्री सुरेश प्रभु को ज्ञापन देकर मांग की कि वे तत्काल विस्फोटक अधिनियम 2008 के नियमों के तहत फरूखनगर गाजियाबाद सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सभी पटाखा फैक्ट्रियों को लाइसेंस दिलवायें ताकि सर्वोच्च न्यायालय में बैठे संविधान विरोधी सी आई ए के ऐजेन्टों द्वारा सरकार के राजस्व को पिछली 2 दीवाली के दौरान पहुंचायी गयी हजारों करोड़ों रूपयों की हानि की भरपाई हो सके। हिन्दू संगठनों ने केन्द्रीय सतर्कता आयोग से भी नियमों का उल्लंघन करके साजिशन सरकार के राजस्व को हानि पहुंचाने वाले सर्वोच्च न्यायालय के इस देशद्रोही रैकेट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।



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