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Wednesday, September 23rd, 2020

हरियाणा की बदहाली के लिए चौटाला ज़िम्मेदार : किरण चौधरी

संजय रॉय तोशाम (हरियाणा).     हरियाणा की वन एवं पर्यटन मंत्री किरण चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला पर प्रदेश को बदहाली की गर्त में धकेलने का आरोप लगते हुए कहा है कि इनेलो के शासनकाल में प्रदेश में एक भी बिजली के कारखाने की स्थापना नहीं हुई। बल्कि स्व. चौ. बंसीलाल द्वारा लगाए गए कारखानों को सुचारू रूप से चलाने में भी ये पार्टी पूरी तरह से विफल रही थी। विकास से इस पार्टी का कोई लेना देना नहीं है। ये तो केवल अपने राजनीतिक स्वार्थो को पूरा करने के लिए बनाई गई घरेलू पार्टी है जिसका अस्तित्व उस डूबते हुए सूरज के समान है जिसके बाद केवल अंधेरा ही नजर आता है। किरण चौधरी ने आज अपने तोशाम हलके के जनसंपर्क अभियान के दौरान गांव मालवास, देवसर, मालवास कुहाड, कुसुम्भी, केहरपुरा, टिटाणी, जीतवाणबास, शिमली, मंसलवास, सुंगरपुर, कैरू, ढाणी जाटान का दौरा किया. उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी के विकास सूत्री कार्यक्रम जिसकदर विरोधी दलों पर भारी पड रहा है उसकी शिकन कुलदीप बिश्नोई और अजय चौटाला के लडखडाए भाषणों में स्पष्ट दिखाई देती है। जिन नेताओं का अपने शासन काल में प्रदेश के विकास से दूर-दूर तक कोई सरोकार नहीं रहा और अब  लोगों का एसे भ्रमित कर देने वाले छलावे से मुंह मोड़ लेना यही दर्शाता है कि मतदाता अब केवल कांग्रेस के विकास कार्यक्रम में एक सुत्र में बंध जाना चाहता है। प्रदेश की जनता इस आक्रोश रूपी चुनावी छलावे को समझ चुकी है लोगों का कांग्रेस की नीतियों में विशवास जताना इस बात का सपष्ट संकेत है कि अब इन दलों के वजूद पर जो प्रदेश में प्रश्न चिन्ह लगा है। हजकां और इनेलो पार्टी का रेत का महल ढह चुका है और अब ये राजनीतिक पार्टियां अपने अस्तित्व को बचाने के लिए जूझ रही है। अपने वजूद को बचाने के लिए ये पार्टियां ओछे से ओछा हथकंडा भी अपनाने से नहीं चूक रही।  श्रीमती चौधरी ने बताया कि केवल चुनाव के समय लोगों की समस्याओं पर गौर करने वाली विरोधी पार्टी हमेंशा की तरह अपनी राजनीतिक मंशा पूरी करने के लिए समाज के बंटवारे का अपना पुराना पत्ता खेलने पर विवश दिखाई देती है। ऐसी पार्टी जिसकी सुचि में अपने शासन काल में विकास और सामाजिक हितों का कोई उदाहरण नहीं मिलता अब चुनाव के समय अपने सिमटते हुए वजूद को बचाने के लिए जाति पाति के राजनीतिक द्वेश से परिपूर्ण पंतरा अपनाने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि मतदाता का यह समझना अति आवश्यक है कि ऐसे नेता जो समाज को बांटने का प्रयास करते हैं वे किस कदर समाज के लोगों का भला कर सकते हैं। ऐसे नेता तो केवल चुनाव के समय लोक लुभावने प्रलोभन देकर अपना राजनीतिक स्वार्थ पूरा करने की मंशा रखते हैं। अपने शासन काल में दक्षिणी हरियाणा की समस्याओं की सुध ना लेने वाले इस इलाके के विकास की जो बात करते हैं उससे बड़ा छलावा लोगों के साथ और कोई नहीं हो सकता। दक्षिण हरियाणा के विकास से अगर कोई ताल्लुक रखता है तो वो केवल कांग्रेस पार्टी ही है जो स्व. चौ. बंसीलाल और स्व. चौधरी सुरेन्द्र सिंह द्वारा इस इलाके के विकास के लिए बनाई गई योजनाओं को अपने कार्यक्रम में शामिल करके इस इलाके के चहुंमुखी विकास के लिए दृढ संकल्प है ।  वनमंत्री ने आगे कहा कि लोगों का कांग्रेस पार्टी के झलसों में इतनी बड़ी तादात में उमड़ना इस बात का सपष्ट संकेत है कि जनता इस बात को भली भांति पहचान चुकी है कि विकास का रास्ता केवल कांग्रेस पार्टी की नीतियों से होकर गुजरता है, सीमित समय में एक बड़े पैमाने पर समाज के सभी वर्गों एंव समाज के सभी क्षेत्रों का उत्थान कांग्रेस की रचनात्मक विचार धारा का परिणाम है। कांग्रेस पार्टी ही एक मात्र ऐसी पार्टी है जिसने हर चुनाव में केवल विकास को ही मुख्य मुद्दा बनाया और इसबार भी अपने द्वारा करवाए गए विकास कार्यों को लेकर चुनाव मैदान में उतरी है।  श्रीमती किरण चौधरी ने बताया कि हांसी-बुटाना लिंक नहर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और दक्षिणी हरियाणा के हिस्से का पानी वे लाकर रहेंगी चाहे इसके लिए कितना भी पूरजोर संघर्ष क्यों ना करना पड़े, उन्होंने कहा कि इस इलाके के हितों के लिए संघर्ष करना तो उन्हे विरास्त में मिला है, अपने खून के आखरी कतरे तक वे संघर्ष से पिछे नहीं हटेंगी। ये इलाका उनकी कर्म भूमि है, इस इलाके का विकास उनके लिए सर्वोपरि है। इसके लिए अधिक से अधिक विकास पूर्वक नीतियां अमल में लाई जाएंगी। पीने के पानी की समस्या के लिए कारगर नीति अमल में लाकर उसका स्थाई समाधान किया जाएगा। चौ. बंसी लाल द्वारा इस इलाके के विकास का जो सपना देखा गया था उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। कोई भी राजनीतिक ताकत चाहे वो कितनी भी प्रभावशाली क्यों ना हो अब इस इलाके के विकास को रोक नहीं सकती। कांग्रेस की विकास की नीतियों को योजनाबद्ध ढंग से लागू करके इस इलाके का विकास सुनिश्चित होगा।  वनमंत्री ने इनेलो और हजकां पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इनेलो और हजकां तो ऐसे सूखे वृक्ष है जो ना ही तो जनता को छाया दे सकते हैं और न ही कोई फल। आज जनता इन विरोधी दलों को विनाश के प्रतीक के रूप में पहचानने लगी है। इस बिगड़ती छवि को सुधारने के लिए अब इन दलों ने नए-नए पैतरें अपनाकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास शुरू कर दिया है। मगर जनता अब इन प्रवासी नेताओं को वापस अपने घर भेजने के मूड में दिखाई देती है।लोगों का जोश देखकर इस बात का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अब विरोधी दलों का इस इलाके में तो क्या प्रदेश में अस्तित्व खत्म हो चुका है। जनता के साथ किए गए विश्वासघात का ही परिणाम अब इन दलों को इन चुनावों में भुगतना पड़ेगा। हार की बौखलाहट इन स्वार्थी नेताओं के भाषणों एवं बयानबाजियों मे स्पष्ट महसूस की जा सकती है। ये केवल चुनाव ही नहीं धर्म और अधर्म की लड़ाई है जिसमें धर्म की विजय होनी निश्चित है।  श्रीमती चौधरी ने बताया स्व. चौधरी बंसीलाल ने इस इलाके में दूर-दराज के रेतीलें टीलों में पानी पहुंचाने के लिए उठान सिंचाई परियोजना लागू की ताकि क्षेत्र के किसान स्वाभिमान के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत कर सके। रेतीलें टीलों पर बनी झोपड़ियों में बिजली का बल्ब जलाकर चौ. बंसीलाल ने यह साबित कर दिया था कि इस इलाके के प्रति उनकी राजनैतिक सोच बहुत गंभीर थी। इलाके के विकास के लिए चौ. बंसीलाल ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी थी।  इस अवसर पर उनके साथ विधायक रामकिशन फौजी,प्रताप सिंह चौटाला, भूपेन्द्र चौधरी, एडवोकेट हरि सिंह सांगवान, शीशराम चेयरमैन, जगदीश चेयरमैन,सेठ देवराज तोशामिया,डॉ. रामनिवास शर्मा, चांदेराम, सुरेन्द्र सुण्डा, सुन्दर पहलवान, कृष्ण ढाणीमाहू, अशोक चेयरमैन, जगदीप सांगवान,कृष्ण लेघां, चेयरमैन फूलकुमार, छोटू सरपंच लेघां,श्यामा पहलवान, रणबीर नीमड़ीवाली, सरदार चूहड सिंह, भगवानदास, अमरसिंह सरपंच, देशराज महता, सुनील महता, चेयरमैन पतराम काटिया, मुख्तयार सांगवान, राजकुमार बागनवाला, कृष्ण सिंगला, पंडित रामकिशन, अशोक ढोला, अशोक सिवाच प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा, राजेश बामला, नारायण सिंह सरपंच बामला, अशोक, मामनचंद, राजपाल बंजारा, नरेन्द्र सिंह, बबलू भट्ट, रविन्द्र खरे, पंकज शर्मा, संजय बडाला, सुभाष, दिनेश, सुरेश, अशोक, चेयरमैन पवन शर्मा, प्रकाश सोनी, दलबीर दहिया, पप्पू सांगवान, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्णा श्योराण, राजबाला, विजय बजीणा, बजरंग मड्डू थे।

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