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Friday, October 30th, 2020

हरित अधिकरण के हिन्दी व हिन्दुत्व के दुश्मन अ न्यायधीशों का पुतला फूंकेगे

harit pardarshan  108-pardarshan 11-4-16 photo1आई एन वी सी न्यूज़
नई दिल्ली,
अखिल भारतीय अंग्रेजी अनिवार्यता विरोधी मंच और अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश कौशिक जी की अध्यक्षता में राष्ट्रवादी शिव सेना ,धर्मरक्षक श्री दारा सेना,ओजस्वी पार्टी,ओम जी हिन्दू सेना,खटिक चर्मकार बाल्मिकी धर्म रक्षक सेना,बिहारी भाई सुरक्षा समिति,वानर सेना,हिन्दू धर्मरक्षा संघ आदि हिन्दी और हिन्दू संगठनों की संयुक्त बैठक में हरित अधिकरण के तुगलकी फरमान- ‘‘हिन्दी में याचिका दायर की तो भारी जुर्माना लगेगा।’’ को हरित अधिकरण के अ न्यायधीशों का मानसिक दिवालियापन करार दिया गया।
बैठक में अंग्रेजी अनिवार्यता विरोधी मंच के अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश कौशिक जी ने कहा की हरित अधिकरण ने याचिका कर्ता ओजस्वी पार्टी के राजनीतिक सलाहकार श्री मुकेश जैन पर याचिका संख्या 195ध्16 हिन्दी में दायर करने पर जुर्माना लगाने की जो चेतावनी का आदेश इसी 16 मई को दिया है,वह भारत की राष्ट्रभाषा हिन्दी का सबसे बडा अपमान है। श्री कौशिक ने हरित अधिकरण के हिन्दी विरोधी रवैय्ये की जमकर आलोचना की और इसे न केवल भारतीय संविधान और राजभाषा अधिनियम का सरासर उल्लंघन बताया,बल्कि मानसिक रूप से विक्षप्ति हरित अधिकरण के इन अ न्यायधीशों को तुरन्त बर्खास्त करने की भी मांग की।
श्री कौशिक ने क्षोभ पूर्वक कहा कि हरित अधिकरण में एक मात्र याचिका कर्ता श्री मुकेश जैन को जिस प्रकार से प्रताडित, अपमानित ओर हतोत्साहित किया जा रहा है, वह भारत सरकार की नीति ‘‘संघ का कर्तव्य हे कि वो हिन्दी का विकास करे-अनुच्छेद 351’’ के ठीक विपरित हिन्दी का विनाश करने की है। श्री कौशिक ने क्हा कि हरित अघिकरण ने हिन्दी में याचिका दायर करने पर श्री मुकेश जैन पर न्यायालय की अवमानना का मुकदमा चला कर जिस प्रकार से गिरफ्तार कराया और सरकार इन तानाशाहों के कुकृत्यों की मूक दर्शक मात्र बनी बैठी है वह अब हमारे सब्र की इन्ताह बन चुका है। सरकार को चाहिये कि अदने से अधिकरणों में सर्वोच्च और उच्च न्यायालय के न्यायधीशों की भर्ती को बन्द करके राजभाषा नियमों के अन्तर्गत 100 प्रतिशत काम हिन्दी में करने में सक्षम न्यायधीशों की भर्ती ही हरित अधिकरण में करें।
हिन्दी और हिन्दी संगठनों ने  हिन्दू महासभा के अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश कौशिक की अध्यक्षता में निर्णय लिया है कि जल्द ही राजभाषा हिन्दी का विरोघ करने वाले इन अन्यायधीशों का पुतला फूंका जायेगा। इससे पूर्व भी गत् 11 अप्रैल को अंग्रेजी की गुलामी से बाहर न निकलने वाले सर्वोच्च न्यायालय,दिल्ली उच्च न्यायालय और हरित अधिकरण के मुख्य न्यायधीश का पुतला हिन्दी और हिन्दू संगठनों द्वारा जन्तर मन्तर पर फूंका गया था।

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