Close X
Sunday, November 1st, 2020

हमें देश में कुपोषण के विरूद्ध जंग छेड़नी चाहिए - अर्जुन मुंडा

आई.एन.वी.सी,,

रांची,, मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि जिस प्रकार भ्रष्टाचार के विरूद्ध जंग है उसी प्रकार हमें कुपोषण के विरूद्ध भी जंग छेड़नी चाहिए। बचपन के कड़वे अनुभव को व्यक्ति भूल नहीं पाता है उससे कोई समझोता नहीं कर पाता है। इसलिए बचपन को सुखद एवं स्वस्थ बनाना सभी की सबसे बड़ी जिम्मेवारी है। इससे विकसित समाज का आधार तैयार हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि हम सब मिल कर पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ काम करें तो नििश्चत ही एक अच्छा परिणाम ला सकते है। बच्चों के अधिकार, उनकी समस्याएं गंभीर चिंतन का मुद्दा है। हमे इस दिशा में एक सार्थक पहल लानी चाहिए। इसके मÌेनज़र राज्य सरकार Þ बचपन बचाओं आंदोलन ß का आगाज करती है। मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा आज स्थानीय होटल रेडीसन ब्लू में सूचना एवं जन-समप्र्क विभाग झारखंड सरकार एवं यूनीसेफ के तत्वाधान में बाल अधिकार एवं मीडिया की भूमिका बालिकाओं के विशेष संदर्भ में आयोजित प्रशिक्षण सह कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि आज मीडिया breaking न्यूज पर ध्यान केिंद्रत करती है। लेकिन जो महत्वपूर्ण समस्या है वे इससे अछूते रह जाते है परिणामस्वरूप मूल बातें पीछे रह जाती हैंं जिनका समाधान नहीं मिल पाता है। समाचार breaking न्यूज के बाद भी है। इस लिए बच्चो से संबंधित संवेदनशील मुद्दो सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों से संबंधित मीडिया की कार्यशालाएं आयोजित करने का निदेश सूचना एवं जन-संपर्क विभाग को दिया गया है। उन्होंने कहा कि झारखंड में बच्चों में कुपोषण, बाल उत्पीड़न जैसी समस्याएं है। इन मामलों में झारखंड भारत में दूसरे नंबर पर है जो दुर्भाग्यपूर्ण है परंतु सरकार के साथ-साथ समाज का भी दायित्व बनता है कि हम इन समस्याओं को चुनौती के रूप में ले और उसके समाधान के लिए कुछ करें। बच्चो की समस्याओं का समाधान एवं उनके अधिकार को  सामूहिक प्रयास से ही सुनििश्चत किया जा सकता है। प्रधान सचिव सूचना एवं जन-संपर्क विभाग डॉŒ डीŒ केŒ तिवारी ने विषय प्रर्वतन करते हुए यूनीसेफ के साझा प्रयास से प्रारंभ किए गए मीडिया कर्मियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों को रेखांकित किया। इस अवसर पर आई जी अनुराग गुप्ता ने झारखंड में बच्चों की गुमशुदगी, उनकी ट्रैफिking, बाल श्रमिकों से संबंधित निर्देशिका तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है जिसमें सभी के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने थानों में बरामद हुए बच्चों के लिए चाइल्ड होम एवं उनके सहायतार्थ राशि उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। इसके अतिरिक्त उन्होने दिल्ली में शॉर्ट स्टे होम की स्थापना का भी सुझाव दिया। प्रधान सचिव समाज कलयाण श्रीमती मृदुला सिंहा ने कहा कि समाज कल्याण का यह मूल विषय है परंतु बच्चें पूरे समाज की जवाबदेही बने महज आंकड़ा न बने, हमें यह सुनििश्चत करना है। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा छन्श्रै कोलकता में सूचना एवं जन-संपर्क विभाग एवं यूनीसेफ के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त 28 मीडिया कर्मियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र दिया गया। कार्यक्रम का संचालन सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के अपर सचिव श्री राजीव लोचन बक्शी ने किया कार्यक्रम के अंत में उप निदेशक श्रीमती स्नेहलता एक्का ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

Comments

CAPTCHA code

Users Comment