Monday, June 1st, 2020

हड़ताल मारे गए चालक के परिजनों को 10 लाख रुपए और सरकारी नौकरी

bhupinder singh hoodaसंजय राय, आई एन वी सी, हरियाणा, हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कल हड़ताल के दौरान अम्बाला में एक हादसे में मारे गए चालक नरेन्द्र सिंह के परिजनों को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और मृतक की पुत्रवधू गुरप्रीत कौर को उसकी योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। अब चालक नरेन्द्र सिंह की मृत्यु के उपरांत उत्पन्न हुआ विवाद सुलझ गया है। इस समझौते के बाद पूरे मामले का पटाक्षेप हो गया है और सभी कर्मचारी अपनी डयूटी पर जाकर सेवाएं बहाल करने के लिए सहमत हो गए हैं। यह जानकारी उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आज लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह अम्बाला शहर में जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारियों, कर्मचारी नेताओं और मृतक के परिजनों से लम्बी वार्तालाप करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने दुर्घटनावश हुई कर्मचारी नेता की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है और परिवार को सांत्वना संदेश भी भेजा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस मामले को निपटाने के लिए पूर्व मंत्री चौ. निर्मल सिंह और पूर्व मीडिया कोआर्डिनेटर दलीप चावला बिट्टू के साथ मिलकर उनकी डयूटी लगाई थी ताकि परिजनों और कर्मचारी नेताओं से बात करके उत्पन्न हुए तनाव को समाप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि कर्मचारी नेताओं और परिजनों ने इस समझौते पर पूरी तरह अपनी सहमति व्यक्त की है और कहा कि यह समझौता बिना किसी दबाव के आपसी सहमति से किया गया है। समझौते की जानकारी देते हुए श्री सुरजेवाला ने कहा कि हड़ताल के दौरान इस तरह की दुर्घटना होने से कर्मचारी संघों व आम जनता में रोष उत्पन्न होना स्वाभाविक था लेकिन इस मामले का कोई सर्वमान्य हल बातचीत से ही सम्भव था। उन्होंने कहा कि मुश्किल की इस घड़ी में हरियाणा सरकार पूरी तरह पीडि़त परिवार के साथ है और समझौते के दौरान परिवार को आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने जैसी मांगों को जल्द लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता सरकार द्वारा तथा 5 लाख रुपए मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रदान किए जाएंगे। नौकरी देने के लिए मंत्रिमंडल की बैठक में आवश्यक औपचारिकताएं भी जल्द पूरी कर ली जाएंगी। इसके अतिरिक्त कर्मचारी नेताओं ने पूरे मामले की मैजिस्ट्रेट जांच करवाने की मांग रखी थी और उनकी इस मांग को भी स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मैजिस्ट्रेट जांच पूरी होने तक कर्मचारी नेताओं व कर्मचारियों पर दर्ज किए गए मुकदमों की कार्रवाई को आगे नही बढ़ाया जाएगा और जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर ही कोई आगामी कार्रवाई की जाएगी। मामला निपटाने के लिए सरकार और प्रशासन द्वारा देरी से प्रयास करने के प्रश्न के उत्तर में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन द्वारा अपने स्तर पर परिजनों से सम्पर्क करके मामला निपटाने के प्रयास आरम्भ कर दिए गए थे। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने भी कल सांयकाल ही पूर्व मंत्री चौ. निर्मल सिंह और पूर्व मीडिया कोआर्डिनेटर दलीप चावला बिट्टू को प्रशासन के साथ मिलकर इस मामले को सुलझाने के लिए कहा था और वे सभी उसी समय से परिजनों, यूनियन नेताओं और प्रशासन के सम्पर्क में थे। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान घायल हुए सभी कर्मचारियों का इलाज सरकारी खर्च पर करवाया जाएगा। मृतक के सुपुत्र कंवलजीत सिंह ने लोक निर्माण मंत्री व सरकार के अन्य प्रतिनिधियों द्वारा करवाए गए समझौते पर संतुष्टि व्यक्त की और कहा कि यह फैसला बिना किसी दबाव के किया गया है। हरियाणा कर्मचारी महासंघ के प्रधान बाबू लाल यादव, हरियाणा राज्य परिवहन सर्वकर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सरबत सिंह पूनिया, दलबीर सिंह, परिवहन विभाग की ज्वाईंट एक्सन कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष हरि नारायण शर्मा सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने भी समझौते पर सहमति व्यक्त की और कहा कि समझौते के लिए पूरी बातचीत सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेने के लिए मुख्यमंत्री के साथ-साथ लोक निर्माण मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला का भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त राजबीर देसवाल, उपायुक्त शेखर विद्यार्थी, पुलिस उपायुक्त अशोक कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त डा0 एस.एस. फुलिया, एसडीएम मुकेश आहूजा, सहायक पुलिस आयुक्त राजकुमार वालिया सहित प्रशासन और पुलिस के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

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