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Saturday, December 5th, 2020

स्वास्थ्य मंत्री ने स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए MAA प्रोग्राम का लाॅन्च किया

jp-nadda-invc-newsआई एन वी सी न्यूज़ नई दिल्ली,

  • स्तनपान एक प्राकृतिक एवं लागत प्रभावी हस्तक्षेप है और सभी स्तरों पर इसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिएः जे पी नड्डा  
‘‘स्तनपान सबसे प्राकृतिक एवं लागत प्रभावी हस्तक्षेप है और सभी स्तरों पर इसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। यह एक महत्वपूर्ण संसाधन है जो हर बच्चे को उपलब्ध होना चाहिए। दुनिया के इस सबसे प्रभावी निवेश कोमानवमात्र के विकास के लिए हर बच्चे तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य है।’’ आज यहाँ स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए एक मुख्य कार्यक्रम MAA (मदर्स एब्ज़ोल्यूट अफेक्शन) का लाॅन्च करते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे पी नड्डाने कहा। इस मौके पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्रीमति अनुप्रिया पटेल, सचिव (स्वास्थ्य) श्री सी के मिश्रा, सचिव (महिला एवं बाल विकास) श्रीमति लीना नायर, भारत के लिए युनिसेफ केप्रतिनिधि श्री लुईस जाॅर्ज आर्सेनाॅल्ट तथा युनिसेफ की सेलेब्रिटी एडवोकेट माधुरी दीक्षित भी मौजूद थीं। इसके अलावा कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। श्री जे पी नड्डा ने कहा कि प्रजनन, मातृत्व, नवजात, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य (RMNCH+A) के प्रति सामरिक दृष्टिकोण के साथ जीवन की सभी अवस्थाओं पर ध्यान देना ज़रूरी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक प्रमाणों के अनुसार स्तनपान बच्चों कोमृत्यु, बीमारी और अन्ततः गरीबी से बचाने के लिए पहला महत्वपूर्ण टीकाकारण है, यह शारीरिक, संज्ञानात्क एवं सामाजिक क्षमता के विकास में हमारा सबसे कीमती निवेश है। सभा को सम्बोधित करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि जागरुकता इस दृष्टि से बहुत अधिक मायने रखती है और हमें इससे जुड़े मिथकों और गलत अवधारणाओं को दूर करना होगा। श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने बतायाकि स्तनपान माँ और बच्चे के बीच एक विशेष सम्बन्ध बनाता है। स्तनपान के दौरान माँ और बच्चे के बीच होने वाली बातचीन उसके जीवन, व्यवहार, भाषा आदि के विकास पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्रीमति अनुप्रिया पटेल ने कहा कि स्तनपान बच्चे के अस्तित्व में सुधार लाने के लिए अनिवार्य है। बच्चों में होने वाली 13 फीसदी मौतें स्तनपान की अनुचित प्रथाओं केे कारण होती हैं। श्रीमति अनुप्रिया पटेल ने कहा किमंत्रालय एक ऐसा वातावरण विकसित करने के उद्देश्य के साथ MAA -मदर्स एब्ज़ोल्यूट अफेक्शन का लाॅन्च कर रहा है जहां सुनिश्चित किया जा सके कि महिलाओं, उनके पतियों और परिवारों को स्तनपान और इसकी उचित प्रथाओं के बारे में जानकारी एवंसहयोग दिया जा सके। युनिसेफ की सेलेब्रिटी एडवोकेट माधुरी दीक्षित ने इस बात ज़ोर दिया कि माँ का दूध बच्चे के अस्तित्व को सुनिश्चित करता है। अभिनेत्री एवं दो स्वस्थ बच्चों की माँ माधुरी ने बताया, ‘‘बच्चे के जन्म के एक घण्टे के अंदर स्तनपान शुरू कराना और पहले छहमहीने तक उसे केवल स्तनपान पर रखना बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए बेहद ज़रूरी है।’’ उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा कि स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए जागरुकता पैदा करना अनिवार्य है। स्तनपान सुनिश्चित करता है कि हमारेबच्चे सही पोषण के साथ अपने जीवन की शुरूआत करें।’’ इस पहल के महत्व पर रोशनी डालते हुए सचिव (स्वास्थ्य) श्री सी के मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी आबादी में स्तनपान की दरों में कुछ खास अंतर नहीं है, अवधारणाओं से हट कर बात करें तो पारम्परिक प्रथाओं के चलते गंावों में स्तनपान की दर अधिकहै। इससे साफ है कि स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए सार्वभौमिक स्तर पर सहयोग की आवश्यकता है। सचिव (स्वास्थ्य) ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा कि MAA एक राष्ट्रव्यापी स्तनपान संवर्धन कार्यक्रम है, जिसे विशेष रूप से उचित स्तनपान को बढ़ावादेने, संरक्षित रखने और सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य के साथ लाॅन्च किया गया है। यह इस बात पर ज़ोर देता है कि मुश्किल स्थितियों में रहने वाले बच्चों सहित सभी बच्चों को इसकी ज़रूरत है। ‘‘ MAA -मदर्स एब्ज़ोल्यूट अफेक्शन’’ एक राष्ट्रव्यापी प्रोग्राम है, जिसे स्वास्थ्य प्रणालियों में स्तनपान को सहयोग प्रदान करने और इससे सम्बन्धित परामर्श सेवाएं प्रदान करने के लिए लाॅन्च किया गया है। प्रोग्राम को नाम दिया गया है 'MAA'  जो इस बात कीओर इशारा करता है कि स्तनपान कराने वाली माँ को परिवार के सदस्यों और स्वास्थ्यसुविधाओं की ओर से विशेष सहयोग की आवश्यकता है। MAA प्रोग्राम के मुख्य अवयव हैं सामुदायिक स्तर पर जागरुकता बढ़ाना, आशा के माध्यम से पारस्परिक संचार कोबढ़ावा देना, सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में डिलीवरी पाॅइन्ट्स पर स्तनपान के लिए कुशल सहयोग तथा निगरानी एवं पुरस्कार/ सम्मान। कार्यक्रम में मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों एवं विकास साझेदारों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

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