Saturday, November 16th, 2019
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स्वास्थ्य की देखभाल न करना बड़ी गलती : राज्यपाल

kaptan singh solankiआई एन वी सी न्यूज़
हरियाणा,
भारत भूमि भोग भूमि नहीं है, बल्कि पुण्य भूमि है और हमारी कर्मभूमि भी है। यह हमें केवल रहने के लिए जगह नहीं देती बल्कि जीने के लिए अन्न भी देती है। इसलिए इसका उपयोग करते समय हमेें इस भूमि के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। ये उदगार हरियाणा के राज्यपाल प्रो0 कप्तान सिंह सोलंकी ने आज निट्टर संस्थान में आयोजित 5वें राष्ट्रीय जैविक खेती सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। इस दो दिवसीय सम्मेलन में देष के 27 राज्यों के वैज्ञानिक व किसान भाग ले रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि आदमी की तरह खेती, जमीन, जानवर यहां तक कि वाहन का भी अपना स्वास्थ्य होता है और हर किसी का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज हम सबसे बड़ी गलती यही कर रहे हैं कि अपनी जमीन के स्वास्थ्य की देखभाल नहीं कर रहे। इससे जमीन बंजर होती जा रही है। हम जमीन का दोहन नहीं, बल्कि अधिकाधिक रसायन डालकर उसका षोषण कर रहे हैं और षोषण हत्या करने के समान अपराध है। यदि हम यह अपराध करते रहे तो हमारी आने वाली पीढियों के लिए कुछ नहीं बचेगा और वे नष्ट हो जाएंगी।
प्रो0 सोलंकी ने कहा कि हमें आज यह विचार करने की जरूरत है कि हम जो कुछ भी पैदा कर रहे हैं, वह हमारे लिए कितना उपयोगी है। इस अवसर पर पंजाब कृषि विष्वविद्यालय कि कुलपति डा0 बी0 एस0 ढिल्लों, भारतीय जैविक कृषक संघ के अध्यक्ष सर्वदमन पटेल, निट्टर के निदेषक डा0 एम0 पी0 पुनिया, खेती विरासत मिषन के कार्यकारी निदेषक उमेन्द्र दत्त ने भी अपने विचार रखे।

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