Friday, December 13th, 2019

स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद सरस्वती उर्फ़ प्रो.जी डी अग्रवाल के आमरण अनशन के समर्थन में काशी में दिन भर का उपवास

आई एन वी सी न्यूज़ काशी ,

आई. आई. टी, कानपुर के सेवानिवृत प्रोफेसर, राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय के पूर्व सलाहकार, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रथम सचिव, चित्रकूट स्थित ग्रामोदय विश्वविद्यालय में अध्यापन और पानी-पर्यावरण इंजीनियरिंग के नामी सलाहकार के रूप विख्यात लगभग 90 वर्षीय प्रसिद्ध पर्यावरण विज्ञानी प्रो. जी.डी. अग्रवाल जो अब सन्यास ग्रहण करने के उपरांत स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद सरस्वती  के रूप में जाने जाते हैं गंगा की दुर्दशा से आहत होकर विगत  22 जून 2018 से हरिद्वार के मातृ सदन आश्रम में आमरण अनशन कर रहे हैं. उनके स्वास्थ्य में दिनों दिन गिरावट हो रही है. माँ गंगा की अविरलता एवं निर्मलता के लिए बांधों एवं खनन के विरोध में किये जा रहे उनके अनशन से उत्तराखंड और केंद्र सरकार की भी नींद उड़ गयी है . केन्द्रीय मंत्री नितिन गटकरी और उमा भारती ने स्वामी जी को पत्र भेज कर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया है किन्तु स्वामी जी ने उसे ठुकराते हुए कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नही चलेगा सरकार  को   यदि वास्तव में गंगा की चिंता है तो वह इसे बांधो के जकडन से मुक्त करने की दिशा में इच्छाशक्ति दिखाए. प्रो. जी डी अग्रवाल द्वारा किये जा रहे अनशन के समर्थन में देश के अन्य हिस्सों से गंगा प्रेमी और पर्यावरण के प्रति चिंतित लोग हरिद्वार पहुंचने लगे हैं . काशी की जनता में भी गंगा की दुर्दशा को लेकर हलचल है ,उनके अनशन के समर्थन में साझा संस्कृति मंच के तत्वावधान में काशी के गंगा प्रेमी एवं पर्यावरण के प्रति सचेत सामाजिक कार्यकर्ता बुधवार को अस्सी घाट पर दिन भर का उपवास रखेंगे. साथ ही एक हस्ताक्षर अभियान का संचालन किया जाएगा.

काशी में हो रहे दिन भर के उपवास में शामिल होने के लिए कई गंगा प्रेमियों की सहमति मिल गयी है इसमे लोकप्रिय टीवी सीरियल "देवो के देव महादेव" के लेखक निलय उपाध्याय भी शामिल हो रहे हैं . उक्त जानकारी साझा संस्कृति  मंच के कार्यकर्ता वल्लभाचार्य पाण्डेय ने दी है.



 

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