SWAMI-OMJI,swami-om-ji-scamआई एन वी सी न्यूज़
नई दिल्ली ,

ओजस्वी पार्टी के कार्यालय में हुई हिन्दू संगठनों की बैठक में कुछ मीडिया गिरोहो द्वारा स्वामी ओम जी की छवि खराब करने को न केवल गम्भीरता से लिया बल्कि कुछ बिकाउ देषद्रोही मीडिया की इस लाबी के इस घृणित दुष्प्रचार को गलत बताते हुए जमकर भ्रत्र्सना की।  बैठक में ओजस्वी पार्टी के राष्ट्रीय राजनीतिक सलाहकार  मुकेश जैन ने कहा कि स्वामी ओम जी एक प्रबल राष्ट्रभक्त सन्त है जो न केवल दिन रात हिन्दुत्व की सेवा कर रहे हैं बल्कि भारत को गुलाम बनाने की साजिश में लगी भारत विरोधी देशद्रोही आतंकवादी मिश्निरियों की नक्सलवादी गतिविधियों से भी देश को आगाह कर रहे हैं।

मुकेश जैन ने बताया कि हाल ही में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने जिस घरेलू मामले में स्वामी ओम जी को हाजिर होने के लिये समन किया है वो केवल इस लिये जारी किया गया क्यों कि इसी 14 अक्तूबर को स्वामी ओम जी बिग बोस की शूटिंग में व्यस्त होने के कारण न्यायालय में हाजिर नहीं हो सके। यद्यपि स्वामी ओम जी की ओर से स्वामी ओम जी के प्रतिनिधि ने स्वामी ओम जी के गैर हाजिरी के बारे में बता दिया था।  जैन ने बताया की इसी 2 नवम्बर को दिल्ली की साकेत कोर्ट ने स्वामी ओम जी के वकील  सुरेन्द्र कुमार अत्री जी की दलीलों को सही मानते हुए स्वामी ओम जी के खिलाफ घरेलू मामले में जारी वारन्ट को कैन्सिल पेशी की अगली तारीख तक के लिये कैन्सिल कर दिया। स्वामी ओम जी के खिलाफ जारी वारन्ट कैन्सिल होने से उनके प्रशंसको में खुशी की लहर है।

मुकेश जैन ने स्वामी ओम जी की प्रसन्शा करते हुए बताया कि हाल ही में सी आई ए और फोर्ड फाउन्डेशन से जुडी नक्सली ईसाई आतंकवादी मिश्निरी ताकतों ने जब सर्वोच्च और उच्च न्यायालय के भ्रष्ट न्यायधीशों से सैटिंग करके हिन्दुओं के धार्मिकम उत्सवों और त्यौहारों पर नये-नये प्रतिबन्ध लगाने शुरू किये तो वो स्वामी ओम जी ही थे जो भरी अदालत में हरित अधिकरण के अध्यक्ष स्वतन्त्र कुमार पर बरसे तुम कौन होते हो यमुना में फूल-मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाने वाले ? संविधान में हमें मूलाधिकार अनुच्छेद 26 के तहत् अपने धार्मिक कार्यो के स्वयं प्रबन्धन का मूलाधिकार दिया है।यही नही जब सर्वोच्च न्यायालय के जज दीपक मिश्रा ने शबरी माला मन्दिर में रजास्वला स्त्रियों का प्रवेश कराकर मन्दिर की पवित्रता और तात्रिक शक्तियों को नष्ट करने का प्रयास किया तो वो स्वामी ओम जी ही थे जिन्होंने जज दीपक मिश्रा को सरेआम जूता मारने की घोषणा करके इन रिश्वत खोर भ्रष्ट जजों द्वारा मन्दिर को अपवित्र करने से रोका। यही नहीं स्वामी ओम जी दही हान्डी को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिबन्धित करने के आदेश से इतना खपा हुए की मुख्य न्यायधीश और जज अनिल रमेश दवे के घर उन्हे जूता मारने पहुंच गये। हिन्दू संगठनों ने सूचना और प्रसारण मंत्री जी से अनुरोध किया कि हिन्दू सन्तों का निरादर करने में लगी मीडिया की इस देशद्रोही बिकाउ वेटिकन लाबी पर वक्त रहते अंकुश लगाकर भक्तों के गुस्से को काबू मे लाये।

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