Monday, May 25th, 2020

स्वच्छ भारत पर नीति आयोग में मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने रखे महत्वपूर्ण सुझाव - उप-समूह की चौथी व अंतिम बैठक के बाद 10 दिन में केंद्र को सौंपी जानी है रिपोर्ट

MANOHARLALKHATTAR,MANOHARLALINDELHI,CMMANOHARLALआई एन वी सी न्यूज़ नई दिल्ली, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अक्तूबर, 2019 तक 100 प्रतिशत घरेलू शौचालयों का निर्माण करने का है। हरियाणा में अब तक लगभग 86 प्रतिशत लक्ष्य को हम हासिल कर चुके है। मुख्यमंत्री बुधवार को नई दिल्ली में नीति आयोग में स्वच्छ भारत अभियान पर आयोजित मुख्यमंत्रियों के उप-समूह की बैठक में भाग लेने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर  रहे थे। आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एवं  स्वच्छ भारत अभियान पर मुख्यमंत्रियों के उप-समूह केसंयोजक चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान को लेकर अनेक महत्वपूर्ण सुझाव बैठक में रखे। बैठक में उतराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, महराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडऩवीस, मिजोरम के  मुख्यमंत्री लालथनवल व नीति आयोग की सी.ई.ओ सिंधुश्री खुल्लर सहित अनेक राज्यो के मंत्री एवं उच्चाधिकारियों ने भागीदारी की। हरियाणा में पंचायती संस्थाओं के चुनाव में उम्मीदवारी के लिए घर में टॉयलेट निर्माण की शर्त को स्वच्छता अभियान के लिए अहम कदम मानते हुए मुख्यमंत्रियों के उप-समूह की बैठक में भी इसे देश भर में लागू करने की अनुशंसा की गई ताकि स्वच्छ भारत अभियान में आदर्श स्थापित हो सके। उल्लेखनीय है कि स्वच्छ भारत अभियान पर मुख्यमंत्रियों के उप-समूह की आज चौथी व अंतिम बैठक थी।  मुख्यमंत्री ने बताया कि अन्य उप-समूह की ओर से अन्य महत्वपूर्ण अनुशंसा में बी.पी.एल. परिवारों के घरों के लिए शौचालय निर्माण के लिए 15 हजार रुपए की राशि का प्रावधान करने व गांव स्तर से लेकर राज्य स्तर तक स्वच्छता अभियान के लिए अवार्ड देने सहित अनेक महत्वपूर्ण अनुशंसा चार बैठकों के मंथन के बाद सर्वसम्मति से की गई है। मुख्यमंत्री ने उप-समूह की बैठक में अपने सुझाव में भवन निर्माण सामग्री के मलबे से बनाई जानी वाली वस्तुओं के मानको की अनुशंसा की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि संस्थाओं, कस्बों व गावों के लिए भी स्वच्छता के मानक निर्धारित करने की भी हमें अनुशंसा करनी चाहिये।  मुख्यमंत्री ने यह सुझाव भी रखा कि स्वच्छ भारत अभियान में लोगों की और अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए निजी टीवी चैनलों, एफ0एम0 रेडियो एवं सामुदायिक रेडियो पर प्राइम टाइम पर खुले में शौच के नुकसान तथा स्वच्छता के लाभों के बारे मे जागरूकता पैदा करें। इस तरह का प्रयोग पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से भी कारगर साबित हो सकते है, साथ ही स्वच्छता को सभी विभागों के सभी स्तरों के कर्मचारियों एवं अधिकारियों के प्रारम्भिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा बनाने की अनुशंसा भी मुख्यमंत्री ने बैठक  में की। स्वच्छता कार्यक्रम के लिए राज्यों, स्थानीय निकायों और संस्थानों को दिये जाने वाले ऋणों पर कुछ विशेष ब्याज अनुदान व स्वच्छता के क्षेत्र में अपनाई जाने वाली नई तकनीकों एवं पं्रबंध समाधान को प्रोत्साहित करने हेतू एक विशेष फण्ड बनाने की भी की सिफारिश करने का सुझाव भी रखा। मुख्यमंत्री ने कहा 50 प्रतिशत धनराशि अंशदान के रूप में देने की शर्त कुछ राज्यों के लिए दिक्कत की बात हो सकती है। अत: राज्यों के लिए अंशदान की राशि 25 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री के साथ पंचायती राज विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव नवराज संधू, स्थानीय आयुक्त आनंद मोहन शरण व मुख्यमंत्री के विशेष कार्यकारी अधिकारी विजय शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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