Tuesday, June 2nd, 2020

स्वच्छता सुविधाओं में कमी की वजह से कई देश आर्थिक विकास में पिछड़े : विलासराव देशमुख

आई,एन.वी.सी.,, दिल्ली ,, भारत की राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने आज यहां विज्ञान भवन में वर्ष 2010-11 का निर्मल ग्राम पुरस्कार प्रदान करते हुए कहा कि एक देश के लिए उन्नत सफाई व्यवस्था सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक मापदंड का पैमाना है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह में 800 से भी अधिक पुरस्कृत और आमंत्रित लोगों ने हिस्सा लिया। खुले में शौच जाने से मुक्त होकर निर्मल दर्जा प्राप्त कर चुके 21 ग्राम पंचायतों और एक ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों को राष्ट्रपति ने सम्मानित किया। पुरस्कार विजेताओं को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। पूर्ण स्वच्छता अभियान में तेज़ी लाने और ग्रामीण भारत में अब तक 70 प्रतिशत स्वच्छता प्राप्त करने के प्रयासों के लिए राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवीसिंह पाटिल नें ग्रामीण विकास मंत्रालय के पेयजल और स्वच्छता विभाग की सराहना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अच्छे स्वच्छता कार्यक्रमों के लिए महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और महिला समितियों को स्वच्छता के अग्रदूत बनाकर उनकी भूमिका को बढ़ाया जा सकता है। राष्ट्रपति ने इस विषय पर खेद जताया कि गावों में स्वच्छता की अपर्याप्त सुविधाओं की वजह से कई ग्रामीण अस्वस्थ हो जाते हैं इसलिए स्वास्थ्य और स्वच्छता में सतत् सुधार को सुनिश्चित करना बेहद ज़रुरी है। उन्होंने कहा कि पंचायतों में गांवों के विकास में परिवर्तन लाने का सामर्थ्य है और इस संबंध में उन्हें एक निर्णायक भूमिका निभाने के प्रति प्रोत्साहित करना चाहिए । सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री विलासराव देशमुख ने कहा कि स्वच्छता सुविधाओं में कमी की वजह से विश्व के कुछ सबसे गरीब देश गरीबी घटाने और आर्थिक विकास में पिछड़े हुए हैं। इसलिए हमारे लोगों के स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए, बीमारियों और मौतों की घटनाओं को कम करने के लिए स्वच्छता और स्वच्छ वातावरण बेहद ज़रुरी है। स्वच्छता को अंतिम विकल्प माना गया है लेकिन सार्थक मानव विकास में यह आधारभूत और पहला अध्याय है। मंत्री महोदय ने कहा कि हमारे गांवों में जीवन स्तर में बेहतरी लाने की अद्भुत क्षमता के साथ निर्मल ग्राम पुरस्कार एक सराहनीय पहल है। शत प्रतिशत स्वच्छता लाने के लिए इन पुरस्कारों ने ग्राम पंचायतों को अपने अधिकार क्षेत्र में अनुकरणीय बनने में सक्षम बनाया है और अन्य पंचायतों को स्वस्थ गांव बनने के लिए प्रेरित किया है।

Comments

CAPTCHA code

Users Comment