Saturday, July 4th, 2020

स्कूलों की मरम्मत के लिए 115 करोड़ चाहिए

Uttarakhand Education Minister Mr. Mantri Prasad Naithani in Central Education Advisory Board Meetingआई एन वी सी,
दिल्ली,
उत्तराखण्ड के शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने गुरूवार को मानेकशॉ कन्वेशन हॉल में केन्द्रीय शिक्षा सलाहकार परिषद् की 62वीं बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक की अध्यक्षता केन्द्रीय राज्य मानव संसाधन विकास मंत्री भारत सरकार जतिन प्रसाद ने की। श्री नैथानी ने केन्द्र सरकार से आपदा से क्षतिग्रस्त 139 माध्यमिक विद्यालयों के पुनर्निमाण एवं मरम्मत के लिये 15 करोड़ रूपये स्वीकृत करने का अनुरोध किया। इसी प्रकार आपदा में पूर्णतः क्षतिग्रस्त 131 प्राथमिक विद्यालय, 28 उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा 04 सी0आर0सी0 तथा 577 आंशिक क्षतिग्रस्त प्राथमिक विद्यालयों के लिये पूर्व में स्वीकृत 35.94 करोड़ रूपये को बढ़ाकर 88.56 करोड़ करने की मांग भी रखी।  नैथानी ने केन्द्र सरकार से शिक्षा की मद में उत्तराखण्ड राज्य को उत्तरपूर्वी राज्यों की भांति 90ः10 के अनुपात में योजनाएं पोषित करने का अनुरोध किया। उन्होंने मॉडल स्कूलो के निर्माण हेतुु राज्य की ईकाई लागत की दरों को स्वीकृत करने की  मांग की। श्री नैथानी ने कहा कि रमसा के मानकों में ढील देते हुए 03 कि0मी0 की परिधि तथा छात्र संख्या को 20  छात्र प्रतिकक्षा किया जाय। इस पर केन्द्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया उन्होेंने बजट में भी उत्तराखण्ड के प्रस्ताव पर विचार करने की सहमति जताई। श्री नैथानी ने प्रत्येक विद्यालय में योग तथा व्यायाम शिक्षकों की तैनाती का प्राविधान केन्द्रीय स्तर से करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे जहां एक ओर बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास होगा वही दूसरी ओर बड़ी संख्या में रोजगार सृजन भी होगा। साथ ही उन्होंने मिड-डे मिल योजना में राशन की नाप-तौल के कार्य से शिक्षकों को पृथक करते हुए अन्य वैकल्पिक व्यवस्था करने का सुझाव दिया। उन्होंने शिक्षकों को शिक्षा से इतर अन्य कार्यो जिनमें जनगणना और अन्य कार्यो में न लागाये जाने की मांग की। ताकि शैक्षिक कार्य बधित न हो।  उत्तराखण्ड के विषय में शिक्षा मंत्री ने बैठक में कहा कि 17000 विद्यालयों में  प्रबन्धन समिति का गठन किया गया है। 1 लाख से अधिक एस.एम.सी सदस्यों को आर0टी0ई0 की जानकारी हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। तथा 49000 बच्चों को गैर-सरकारी विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जा चुका है। आर0टी0ई0 पर राज्य सरकार प्रतिवर्ष 20 करोड़ की धनरािश व्यय कर रही है।  इसी तरह उन्होेंने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में 28 स्कूलों में राज्य सरकार द्वारा कक्षा 11 व 12 में बालिकाओं को पढ़ाया जा रहा है।   श्री नैथानी ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने बालिकाओं को स्कूली शिक्षा के लिये प्रेरित करने हेतु मुख्यमंत्री बालिका योजना तहत मैदानी क्षेत्रों में साईकिल वितरण तथा पर्वतीय क्षेत्रों में निर्धारित धनराशि की एफ0डी0 उनके खातों में जमा की जा रही है। उन्होंने कहा कि आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में स्कूली बच्चों की शिक्षण सामग्री आदि के लिये 500 रूपये प्रति छात्र-छात्रा वितरित किये जा रहे है।  बैठक मंे केन्द्रीय मंत्री अल्पसंख्यक मामलो के मंत्री के0 रहमान खान तथा शिक्षा सचिव राजश्री भट्टाचार्य ने भी विचार व्यक्त किये। उत्तराखण्ड शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव शिक्षा एस0राजू, निदेशक एन0सी0आर0टी0 आर0के0 कुॅवर, संस्कृत शिक्षा विभाग के डी0 के0 बहुगुणा तथा जनसंपर्क अधिकारी इन्द्र भूषण बडोनी भी उपस्थित थे।

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