Tuesday, October 15th, 2019
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सोयाबीन की बोनी 15 जुलाई तक सामान्य रूप से कर सकेंगे किसान - करीब 36 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है खरीफ की बोनी

farmerआई एन वी सी न्यूज़ भोपाल, मध्यप्रदेश में प्रमुख खरीफ फसलों की बोनी प्रारंभ हो चुकी है। कुछ जिलों में वर्षा की कमी के कारण किसानों को बोनी करने में देरी हुई है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे बोनी को लेकर चिंतित न हों। प्रदेश में सोयाबीन की बोनी 15 जुलाई तक सामान्य रूप से की जा सकेगी। संचालक किसान-कल्याण और कृषि विकास श्री मोहनलाल ने जानकारी दी है कि राज्य के 13 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा, 24 जिलों में सामान्य वर्षा तथा 11 जिलों में सामान्य से कम और केवल 3 जिलों पन्ना, सिंगरौली और आगर-मालवा में अत्यंत अल्प वर्षा दर्ज की गयी है। प्रदेश में अनाज फसलों में मक्का की बोनी की स्थिति काफी अच्छी है। अब तक 6 लाख 56 हजार हेक्टेयर में मक्का की बोनी की जा चुकी है, जो इस वर्ष के लक्ष्य से आधे से अधिक है। दलहनी फसलों में उड़द एक लाख 74 हजार हेक्टेयर में और तुअर 82 हजार हेक्टेयर में बोई जा चुकी है। प्रदेश में खरीफ की प्रमुख फसल सोयाबीन की बोनी 19 लाख 58 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कर ली गयी है। इस प्रकार खरीफ फसलों की बोनी किसानों द्वारा 35 लाख 71 हजार हेक्टेयर में की जा चुकी है। पिछले वर्ष इस समय तक केवल 32 लाख 8 हजार हेक्टेयर में खरीफ की बोनी की गयी थी। किसानों को सामयिक सलाह कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि जिन क्षेत्रों में 4 इंच से अधिक वर्षा हो चुकी हो, वहाँ बतर आने पर सोयाबीन, मक्का, ज्वार, अरहर, मूंग, उड़द, तिल आदि की बोनी करें। सोयाबीन की शीघ्र किस्में जेएस 9560, जेएस 9305, आरबीएस 2001-4, जेएस 20-29, जेएस 20-69 आदि बोयें। बड़े किसान एक ही खेत में अलग-अलग फसलें बोयें, जिससे कि कृषि में जोखिम कम हो सके। किसानों को समय-समय पर बीजोपचार करने की भी सलाह दी गयी है। किसानों को कल्चर तथा पीएसबी का टीकाकरण बीज पर करने को कहा गया है। जिन खेतों में बोनी की जा चुकी है, वहाँ अतिरिक्त भरे हुए पानी का निकास किये जाने के लिये भी कहा गया है। संचालक कृषि ने किसान-कल्याण विभाग के मैदानी अमले को सक्रिय रहकर किसानों को सलाह देने के लिये कहा है। कृषि उप संचालकों को जिला और विकासखण्ड-स्तर पर तत्काल कंट्रोल-रूम शुरू करने और उनके फोन नम्बर का सार्वजनिक प्रचार करने को कहा है। किसानों को एसएमएस के माध्यम से भी सलाह दी जा रही है

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