Saturday, February 29th, 2020

सुप्रीम कोर्ट का CAA पर इंकार 

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देशभर में जारी विरोध के बीच आज सर्वोच्च अदालत में बड़ी सुनवाई है. सुप्रीम कोर्ट में CAA के समर्थन-विरोध में 144 से अधिक याचिकाएं दाखिल की गई हैं. इनमें 141 कानून के खिलाफ, 1 कानून के समर्थन में और एक याचिका केंद्र सरकार की ओर से दाखिल की गई है. सुनवाई से पहले अदालत के बाहर कुछ महिलाओं ने इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन भी किया.
संविधान पीठ की मांग पर जजों की ओर से कहा गया है कि संविधान पीठ अभी सबरीमाला, महिलाओं की बराबरी पर सुनवाई कर रही है. वकील राजीव धवन ने मांग की है कि कौन कब बहस करेगा, ये अभी तय होना चाहिए.

चीफ जस्टिस ने इसपर कहा है कि मुझे नहीं लगता है कि कोई भी प्रक्रिया वापस ली जा सकती है. हम ऐसा आदेश लागू कर सकते हैं, जो मौजूदा स्थिति के अनुरूप होगा.


तीन महीने के लिए टाल दी जाए प्रक्रिया...
अदालत में वकील विकास सिंह, इंदिरा जयसिंह ने कहा है कि असम से 10 से अधिक याचिकाएं हैं, वहां पर मामला पूरी तरह से अलग है. असम को लेकर अलग आदेश जारी होना चाहिए. कपिल सिब्बल की ओर से अपील की गई है कि अगर इस मामले पर स्टे नहीं लगता है तो चीन महीने के लिए इसे टाल दिया जाए.


सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू...
सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संशोधन एक्ट पर दायर याचिकाओं की सुनवाई शुरू हो गई हैं. अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को बताया कि उन्हें अभी तक 144 में से 60 याचिकाओं की ही कॉपी मिली है. इसपर कपिल सिब्बल ने कहा कि मुद्दा अभी ये है कि क्या मामले को संवैधानिक बेंच को भेजना चाहिए. साथ ही उन्होंने NPR की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए, जो कि अप्रैल में शुरू होगी.
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यूपी में 40 हजार लोगों को नागरिकता देने की बात कही जा रही है, अगर ऐसा हुआ तो फिर कानून वापस कैसे होगा.


सुप्रीम कोर्ट में भारी भीड़...
सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संशोधन एक्ट को लेकर सुनवाई शुरू होने वाली है. चीफ जस्टिस एस. ए. बोबडे ने सुनवाई से पहले कोर्ट रूम में एकत्रित भीड़ पर आपत्ति जताई है. CJI ने कहा कि इतनी भीड़ में हम वकीलों को भी सुन पा रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट में अभी एंट्रीक्स बनाम देवास विवाद तो सुना जा रहा है. इसी मामले के बाद चीफ जस्टिस की बेंच नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ दायर याचिकाओं को सुनेगी. PLC.

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