Sunday, July 5th, 2020

सितंबर तक मिलने लगेगा भारत में बना टीका -  सीरम इंस्टीट्यूट के CEO का दावा

नई दिल्ली, भारत में कोरोना का टीका तैयार करने में लगे पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अडर पूनावाला ने कहा है कि यदि ट्रायल सफल रहा तो यह टीका इसी साल सितंबर या अक्टूबर तक आ सकता है और 1000 रुपये में मिल सकता है.हमारे सहयोगी प्रकाशन बिजनेस टुडे को दिए एक खास इंटरव्यू में पूनावाला ने यह जानकारी दी. पूनावाला ने कहा कि वह जोखिम लेते हुए कोरोना के टीके के एडवांस परीक्षण से पहले ही इसके उत्पादन की कोशिश करेंगे और यह तैयार हो गया तो इसकी कीमत प्रति टीका 1,000 रुपये की होगी.उन्होंने कहा कि अगले महीने के अंत से ही इसका उत्पादन शुरू हो सकता है और परीक्षण सफल रहा तो सितंबर-अक्टूबर तक इसे बाजार में उपलब्ध करा दिया जाएगा.

क्या कहा सीईओ ने
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में अभी टीके के क्लीनिकल ट्रायल की घोषणा की गई है, लेकिन हमने उत्पादन की पहल कर दी है. परीक्षण सफल रहा तो हम इस साल सितंबर या अक्टूबर तक टीके की पहली खेप तैयार कर देंगे. हमने उत्पादन पहले ही शुरू करने का निर्णय इसलिए लिया है ताकि ट्रायल सफल होने के बाद तत्काल इसे पर्याप्त रूप से उपलब्ध करा पाएं. हम मई में ही इसका ह्यूमन ट्रायल भी कर लेंगे.उन्होंने कहा, 'हमारे केंद्र कोविड-19 का टीका बनाने के लिए तैयार हैं और हमने उन्हें पूरी तरह से टीका बनाने के काम में ही लगा दिया है. पुणे के अपने कारखाने में हमने 500-600 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इसके अलावा अगले 2-3 साल में पूरी तरह से कोविड-19 का ही टीका बनाने के लिए एक नया कारखाना स्थापित कर लेंगे.'

कब और कितना होगा उत्पादन
इस टीके का उत्पादन कब शुरू होगा इस सवाल पर पूनावाला ने कहा, 'हमारे मौजूदा ईकाइयों में अगले तीन हफ्ते में उत्पादन शुरू हो जाएगा. हम हर महीने 40 से 50 लाख डोज बनाएंगे. इसके बाद उत्पादन बढ़ाकर हर महीने 1 करोड़ तक कर देंगे. सितंबर-अक्टूबर तक उत्पादन बढ़कर हर महीने 4 करोड़ तक पहुंच सकता है. बाद में इसे हम दूसरे देशों भी निर्यात करेंगे.

पुणे की है कंपनी
पूनावाला ने इस संस्थान की स्थापना 1966 में की थी. यह दुनिया की सबसे बड़ी टीका बनाने वाली कंपनी है जो हर साल 1.5 अरब डोज तैयार करती है और दुनिया के 65 फीसदी बच्चों को इस कंपनी के टीके लगाए गए हैं. गौरतलब है सीरम के अलावा कोरोना का टीका बनाने में ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और अमेरिका की बायोटेक कंपनी कोडाजेनिक्स भी लगी हुई हैं. PLC.

 

Comments

CAPTCHA code

Users Comment