Tuesday, May 26th, 2020

सिंधिया समर्थक 8 मंत्रियों ने नहीं दिया इस्तीफा

भोपाल. मध्य प्रदेश में जारी सियासी घटनाक्रम के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) सहित उनके 27 समर्थक विधायकों के मोबाइल फोन अचानक बंद हो गए. इसके बाद बुलाई गई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में मौजूद करीब 20 मंत्रियों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) के प्रति आस्था जताते हुए सोमवार देर रात को अपना इस्तीफा सौंप दिया. मध्य प्रदेश की मंत्रिमंडल में कुल 28 मंत्री हैं. बताया जा रहा है कि करीब आठ मंत्री सिंधिया के समर्थक हैं जो इस बैठक में मौजूद नहीं थे. उनके इस्तीफे आने बाकी हैं.

नए सिरे से मंत्रिमंडल का गठन कर सकते हैं:उमंग सिंघार
इस्तीफा देने के बाद बैठक से बाहर निकलते समय मध्यप्रदेश के वन मंत्री उमंग सिंघार ने बताया कि, ‘मंत्रिमंडल की बैठक में हमने मुख्यमंत्री को अपने-अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं. अब कमलनाथ नए सिरे से मंत्रिमंडल का गठन कर सकते हैं.’ वहीं, इस्तीफा देने वाले एक अन्य मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने संवाददाताओं को बताया, ‘अभी-अभी हमने मंत्रिमंडल बैठक में मुख्यमंत्री को अपने-अपने इस्तीफे सौंपे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘लगभग 20 मंत्रियों ने इस्तीफे दिए हैं.’ वर्मा ने बताया, ‘मंत्रियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए ये इस्तीफे दिए हैं.’ उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री अपने विवेक से मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं.

पूरे पांच साल चलेगी कांग्रेस सरकार:पीसी शर्मा


इसी बीच, जनसंपर्क मंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले पी सी शर्मा ने बताया, ‘कांग्रेस सरकार पूरे पांच साल चलेगी और हमारी सरकार को कोई संकट नहीं है.’ इन मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से मंत्रिमंडल का पुनर्गठन करने का अनुरोध किया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित उनके समर्थक 27 विधायकों के मोबाइल फोन बंद होने के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार रात 10 बजे मुख्यमंत्री निवास पर अचानक यह मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई थी.

‘सरकार को अस्थिर करने वाली ताकतों को सफल नहीं होने दूंगा’
इन मंत्रियों के इस्तीफा देने से पहले कमलनाथ ने सोमवार रात को एक बयान में कहा कि, ‘मैं अपनी सरकार को अस्थिर करने वाली ताकतों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दूंगा.’ उन्होंने कहा, ‘प्रदेश की जनता का विश्वास और उनका प्रेम मेरी सबसे बड़ी ताकत है. जनता की जनता के द्वारा बनाई गई सरकार को किसी भी कीमत पर अस्थिर करने वाली ताकतों को सफल नहीं होने दूंगा.’सरकार को अस्थिर करना चाहती है बीजेपी
कमलनाथ ने कहा, ‘मैंने अपना पूरा सार्वजनिक जीवन जनता की सेवा के लिए समर्पित किया है. मेरे लिए सरकार होने का अर्थ सत्ता की भूख नहीं, जन सेवा का पवित्र उद्देश्य है. पंद्रह वर्षों तक बीजेपी ने सत्ता को सेवा का नहीं, भोग का साधन बनाए रखा था. वो आज भी अनैतिक तरीके से मध्य प्रदेश की सरकार को अस्थिर करना चाहती है.’PLC.

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