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Thursday, December 9th, 2021

साल के अंत तक बनेगा नॉलेज हब

paras chandra jain ministerआई एन वी सी न्यूज़ नई दिल्ली, मध्यप्रदेश  में शिक्षकों और छात्रों के लिए  ’नॉलेज हब’ इस साल  के अंत तक शुरू कर दिया जायगा। उक्त आशय  के विचार मध्यप्रदेश्ज्ञ के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री पारस चंद्र जैन ने आज यहां केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित आई सी टी बैठक में भाग लेते हुए कहा।  केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में देश के सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों और मंत्रालय के अधिकारियों ने भाग लिया। श्री जैन ने बताया कि प्रदेश में ई-पाठशाला के माध्यम से एन सी ई आर टी की पाठ्यपुस्तकें अपलोड की गयी हैं। जिनको कि डाउनलोड भी किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त शिक्षकों तथा छात्रों के लिए ’नॉलेज हब’ दिसम्बर माह तक प्रारम्भ करने का प्रस्ताव है।  साथ ही आई सी टी योजना के अंतर्गत प्रदेश में मोबाइल एप  (एम शिक्षा मित्र), ई-पाठशाला आदि के कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। मोबाइल एप के जरिये समस्त शिक्षकों की शालाओं पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ-साथ, वेतन पर्ची, अवकाश आवेदन, शिकायत निवारण, विभागीय निर्देश, निरीक्षण रिपोर्ट, छात्रवृत्ति आदि की जानकारी एप द्वारा प्राप्त की जा सकती है। इस एप के माध्यम से ई ऑडिट सर्वर, समस्त स्कूलों की जी आई एस मैपिंग होने से शिक्षकों की स्कूल में ही होने की लोकेशन भी उपलब्ध हो सकती है। श्री जैन ने बताया कि सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के अंतर्गत 75 प्रतिशत अंशदान केन्द्र सरकार और 25 प्रतिशत राज्य सरकार को करना होता है। उन्होंने बताया कि इस योजना में लगभग 128 करोड़ रूपये व्यय होंगे। योजना के अंतर्गत प्रदेश में 200 हायर सैकेन्ड्री स्कूलों में कम्प्यूटर की प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए वर्ष 2011 में स्वीकृति दी गयी थी। इस योजना में लगभग 5 लाख 10 हजार की लागत से 10 कम्प्यूटरांें की प्रयोगशाला सोलर पैनल सहित एक स्कूल में लगाना है। कम्प्यूटर लगाने के उपरान्त पांच साल का रखरखाव भी लगाने की कम्पनी को करना होगा। वर्तमान में विभिन्न कम्पनियों ने अपने मॉडल भोपाल के पांच स्कूलों में प्रदर्शित किये हैं। जिनमें से श्रेष्ठ सिस्टम को चुना जायगा । इसके उपरान्त ही ग्लोबल टेंडरिंग के माध्यम से फर्म का चयन कर कम्प्यूटर प्रयोगशाला स्थापित करने का कार्य दिया जायगा। श्री जैन ने बताया कि प्रदेश के पांच जिलों के सभी शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला दर्पण के माध्यम से  प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों को अपने विद्यालय की प्रगति स्वआंकलन करने की योजना शुरू की है। इसके अलावा श्री जैन ने बताया कि जिला पंचायत के माध्यम से प्रदेश की सभी शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शाला एवं अनुदान प्राप्त प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला तथा मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त मदरसों में ई जी एस ए आई ई के तहत दी जाने वाली सुविधाओं के अंतर्गत मध्यान भोजन कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।

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