Saturday, February 29th, 2020

सरकार सभी तबके के लिए कार्य कर रही है

आई एन वी सी न्यूज़  
लखनऊ ,

लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां लोकभवन में आयोजित प्रगतिशील कृषक सम्मेलन व कृषि कल्याण केन्द्रों एवं नवीन कृषि विज्ञान केन्द्र का शिलान्यास तथा दृष्टि योजनान्तर्गत चयनित कृषक उत्पादक संगठनों को स्वीकृति-पत्र/चेक एवं कस्टम हायरिंग सेण्टर के लाभार्थियों को ट्रैक्टर/कृषि यंत्रों के वितरण समारोह कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष तथा मुख्यमंत्री जी ने 05 किसान कल्याण केन्द्रों (जनपद बाराबंकी में विकास खण्ड फतेहपुर और राम नगर तथा हरदोई में मल्लावा, टोडरमल एवं पाली) तथा जनपद अमरोहा के कृषि विज्ञान केन्द्र का शिलान्यास किया। उन्होंने 11 कृषक उत्पादक संगठनों को चेक तथा कस्टम हायरिंग सेण्टर के 09 लाभार्थियों को प्रतीक स्वरूप चाभी भेंट की।
लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के सर्वांगिण विकास के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाई है। जिसके कारण राज्य की तस्वीर बदली है। उन्होंने कहा कि देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में कृषकों के इस कार्यक्रम में सम्मिलित होकर गर्व की अनुभूति हो रही है।
श्री बिरला ने कहा कि भारत ग्राम प्रधान देश है। इसलिए गांवों को सशक्त करके ही देश को मजबूत बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री किसानों की आय को 2022 तक दो गुना करने के लिए संकल्पित है। कृषि एक ऐसा क्षेत्र है जहां सर्वाधिक मानव संसाधन की आवश्यकता है। इसलिए यह रोजगार देने वाला एक प्रमुख सेक्टर है। कृषकों को मत्स्य पालन, दुग्ध उत्पादन मधुमक्खी पालन तथा रेशम कीट जैसे क्षेत्रों मंे भी सम्भावनाओं को तलाशना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भारत की साख विश्व में बन रही है। इसलिए भारत को एक बड़ा बाजार भी उपलब्ध हो रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिला तथा समाज के सभी तबके के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने भी उसे अंगीकार करके लागू किया है। देश में नया परिवर्तन देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश ने नये भारत का सपना साकार किया है। इसका केन्द्र बिन्दु किसान है। वर्तमान में शासन की योजनाओं का सर्वाधिक लाभ किसान को मिल रहा है। पहली बार किसान सरकार के एजेण्डे में सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि कृषि से कृषकों का पलायन रूक गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में प्रोक्योरमेन्ट योजना के तहत किसानों से खरीद की जा रही है। इस वर्ष 50 लाख मीट्रिक टन धान का क्रय इस नीति के तहत किया गया है। ढुलाई व छिनाई के लिए अतिरिक्त पैसा भी मण्डी परिषद के माध्यम से दिया जा रहा है। इस तरह से किसानों को प्रति कुन्तल 1855 रुपए का भुगतान उनके खाते में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा गन्ना किसानों को अब तक 82 हजार करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार आलू के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में 352 कृषि उत्पादक संगठन हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में सभी 823 विकास खण्डों में एक-एक कृषि उत्पादक संगठन अनिवार्य रूप से कार्य प्रारम्भ करें। द्वितीय चरण में 8,000 से अधिक न्याय पंचायतों के स्तर पर एक-एक कृषि उत्पादन संगठन और तृतीय स्तर पर 60,000 ग्राम पंचायतों में एक-एक कृषि उत्पदक संगठन अवश्य हो।
  मुख्यमंत्री जी ने कहा राज्य सरकार ने लघु एवं सीमान्त किसानों का ऋण माफ किया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जैसी योजनाओं ने किसान के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्रों के साथ कृषकों को जोड़ने का प्रयास फलीभूत हो रहा है। इसी का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में 604 लाख मीट्रिक टन का रिकाॅर्ड खाद्यान्न उत्पादन हुआ है। अब भारत कृषि में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि समुचित सिंचाई साधनों के बिना किसान का भला नहीं हो सकता। वर्षाें से लम्बित सिंचाई परियोजनाओं को कार्ययोजना बनाकर पूरा किया जा रहा है। वर्ष 1978 में शुरू की गयी बाण सागर परियोजना को राज्य सरकार ने जुलाई, 2018 में पूरा किया, जिसे प्रधानमंत्री जी ने 15 जुलाई, 2018 को राष्ट्र को समर्पित किया। सरयू नहर परियोजना, मध्य गंगा परियोजना, अर्जुन सहायक परियोजना, कनहर परियोजना आदि को तेजी से पूरा किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से सिंचन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के कुशल निर्देशन में कृषि के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किए है। उत्तर प्रदेश की भूमि अत्यधिक उर्वर है। वर्तमान में प्रदेश की कृषि दर 11.5 प्रतिशत है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को तिलहन उत्पादन में कृषि कर्मण कृषि पुरस्कार प्राप्त प्राप्त हुआ। कृषि राज्य मंत्री श्री लाखन सिंह राजपूत ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर गन्ना मंत्री श्री सुरेश राणा तथा प्रमुख सचिव कृषि श्री अमित मोहन प्रसाद सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
ज्ञातव्य है कि दृष्टि योजनान्तर्गत स्वीकृति-पत्र एवं चेक वितरण हेतु चयनित 11 कृषक उत्पादक संगठनों (प्रोड्यूसर कम्पनियों) को 60 लाख रुपये का स्वीकृति-पत्र देते हुए प्रथम किश्त के रूप में प्रत्येक संगठन को 18 लाख रुपये का चेक वितरित किया गया। चेक प्राप्त करने वालों में शहीद भूमि बासमती प्रोड्यूसर कम्पनी लि0 शाहजहांपुर की श्रीमती ममता वाजपेयी, कमल किसान प्रोड्यूसर कम्पनी लि0 प्रयागराज की श्रीमती नम्रता पाण्डेय, त्रिवेणी समृद्धि प्रोड्यूसर कम्पनी लि0 प्रयागराज के श्री अभिषेक पाण्डेय, विकासपथ फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी लि0 ललितपुर के श्री राजेश साहू, पूर्वांचल पोल्ट्री प्रोड्यूसर कम्पनी लि0 देवरिया के श्री वेदव्यास सिंह, शिवांश कृषक प्रोड्यूसर कम्पनी लि0 गाजीपुर के श्री राम कुमार राय, महात्मने स्पाइसेज प्रोड्यूसर कम्पनी लि0 रायबरेली के श्री अरुण कुमार, विंध्य सब्जी एवं बीज प्रोड्यूसर कम्पनी लि0 मिर्जापुर के श्री राजेश कुमार पाठक, सत्यम किसान प्रोड्यूसर कम्पनी लि0 भदोही के श्री राज प्रताप सिंह, गुरु सिद्धनाथ पुरी प्रोड्यूसर कम्पनी लि0 भदोही के श्री विकास पुरी तथा अंकुर किसान प्रोड्यूसर कम्पनी लि0 इटावा के श्री राम बहोरे पाठक सम्मिलित हैं।
कस्टम हायरिंग सेण्टर के 9 लाभार्थियों को प्रतीकस्वरूप चाभी भेंट की गयी है। चाभी प्राप्त करने वालों में श्री सम्राट सिंह, श्री मनोज कुमार, श्री सुबोध कान्त मिश्रा, श्री शशिकान्त पाण्डेय, डाॅ0 कामिनी सिंह, श्री हेमन्त द्विवेदी निराला, श्री कैलाश कुमार, श्री बलराज सिंह तथा श्री रामबाबू द्विवेदी शामिल हैं।

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