Monday, May 25th, 2020

सरकार सभी जरूरतमंद लोगों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में ला रही है - अर्जुन मुंडा

आई.एन.वी.सी,, रांची,, आर्थिक विकास की प्रक्रिया से अब तक दूर रहे लोगों को राज्य सरकार विकास के साझीदार बनाना चाहती है। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ-साथ समावेशी विकास की अवघारणा से योजना निर्माण के द्वारा सरकार विकास के लिए क्षेत्रीय संतुलन के प्रति कटिबद्ध है। यह सरकार की प्राथमिकता है कि सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ सभी लोगों तक समान रूप से पहुंचे। आम आदमी के समेकित विकास राज्य की विकास योजनाओं का मूल उद्देश्य है। मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने आज अमेरिका के कांसुलेट जेनरल श्री डेनå आरå थॉमसन से औपचारिक विमर्श के दौरान उपरोक्त बातें कही। वेश्विक  आर्थिक परिदृश्य और मानव संसाधन प्रबंधन के संबंध में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने कांसुलेट जेनरल से कहा कि राज्य सरकार  सूबे में पारदर्शी  प्रशासनिक व्यवस्था के लिए इसी मानसून सत्र में सेवा प्रदायी बिल ला रही है जिसके अंतर्गत आम आदमी के काम-काज निर्धारित समय सीमा में निस्पादित किए जाने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि सरकार सभी जरूरतमंद लोगों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में ला रही है साथ ही सभी लोगों को स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधा सुलभ कराने के लिए प्रयासरत है। उन्होने कहा कि सरकार गांवों में रह रही साठ प्रतिशत आबादी को कौशल-प्रबंधन के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है ताकि सहभागिता आधारित औद्योगिक विकास में सबकी भागीदारी हो। उन्होने कहा कि राज्य में तसर उत्पादन एवं संबंधित उद्यमों की बेहतर संभावनाएं है। मूल्य संवंद्धर्न के जरिए  में राज्य के तसर एवं हस्तशिल्प उत्पादों को वेश्विक  बाजार में स्थापित किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसे ग्रामीण आजीविका कार्यक्रम के तौर पर शुद्ध किया गया है। आगामी अक्टूबर माह में इसके लिए मुख्यमंत्री स्वयं विशेषज्ञ प्रतिनिधिमंडल के साथ टोरंटो का दौरा करेंगें ताकि झारखंड के जैविक तसर सिल्क को नए बाजार प्राप्त हों। इसके अलावे मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा के साथ अमेरिकी कान्सुलेट जेनरल श्री डेनŒआरŒथॉमसन ने राज्य की आधारभूत संरचना,उर्जा-उद्योग एवं सरकार की प्राथमिकताओं के संबंध में चर्चा की मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने आर्थिक विकास के साथ-साथ विशिष्ट सांस्—तिक मूल्यों के संरक्षण-सर्वद्धन की आवश्यकता को रेखांकित किया वहीं अमेरीकी कान्सुलेट जेनेरल ने विदेशी भाषाओं के अध्ययन की व्यवस्था एक नए तकनीकी शैक्षणिक संस्थाओं के संस्थापन की आवश्यकता पर बल दिया।

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