आई.एन.वी.सी,,
दिल्ली,,

कुछ समाचार पत्रों में पक्षियों के इन्‍फ्लूएंजा यानी बर्ड फ्लू होने की खबरें मिली हैं । खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की इस चेतावनी को सरकार ने गंभीरता से लिया है और वह किसी भी संभावित स्‍थिति का सामना करने के लिए तैयार है ।

हाल के कुछ दिनों में एशिया के कई देशों में पक्षी इन्‍फ्लयूएंजा होने की घटनायें सुनने को मिली हैं । भारत में फरवरी 2006 में अनेक पक्षी इन्‍फ्लूएंजा की खबरें मिली हैं । फरवरी-मार्च, 2011 में इस तरह की अंतिम घटना हुई थी । नियंत्रण के तरीकों का पालन करते हुए हमारा देश 4 जुलाई, 2011 से इस बीमारी से मुक्‍त घोषित कर दिया गया है ।

भारत सरकार ने इस सिलसिले में स्‍थायी निर्देश दे दिये हैं कि ऐसे मामलों के बारे में बगैर देरी किये तुरंत सूचना दी जाय । पक्षी इन्‍फ्लूएंजा पर कारगर नियंत्रण रखने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया का अनुसरण किया जाय । इस बीमारी के होने वाले स्‍थान की लगातार निगरानी और चौकसी रखी जाय । बीमारी की निगरानी और नियंत्रण कार्यक्रम के सिलसिले में हाई सिक्‍यूरिटी एनिमल डिजीज डायग्‍नोस्‍टिक लेबोरेटरी, भोपाल (आईसीएआर के अंतर्गत) और नियंत्रण एवं रोग निगरानी के भाग के रूप में रीजनल डिजीज डायग्‍नोस्‍टिक लेबोरेट्री इन प्रयोगशालाओं में नियमित रूप से विभिन्‍न क्षेत्रों से रक्‍त और टिशू की आपूर्ति जारी रखी जाय ।

ये प्रयोगशालायें बुनियादी ढांचे और जैव सुरक्षा लेबल-3 के उपकरणों से सुसज्‍जित हैं ।

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