Wednesday, December 11th, 2019

सरकार को मिला पंजाब में बढे निवेश का भरोसा

imagesआई एन वी सी, चंडीगढ़,

  • टाटा ग्रुप द्वारा पंजाब में बड़े निवेश का भरोसा
  • क पहली बार टाटा ग्रप की सभी कंपनियों द्वारा राज्य में दस्तक
  • क बुनियादी ढांचे, हाऊसिंग, बी आर टी सी और हुनर विकास प्राजैक्टों में निवेश में दिलचस्पी

टाटा ग्रुप द्वारा पंजाब के उप-मुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल के साथ लम्बी विचार चर्चा उपरांत राज्य के उद्योगीकरण, शहरी विकास और ऊर्जा बुनियादी ढांचे के विकास में बड़े निवेश का भरोसा दिया गया है। आज यहां टाटा ग्रुप की 9 अग्रणीय कंपनियों के प्रतिनिधियों जिनमें टाटा मोटरजऱ् के उप-चेयरमैन श्री रविकांत, अनिल सरदाना एम डी टाटा पावर, श्री आशीश माधुर एम डी जुसको, मधु कनन टाटा सन्ज़ के /व्यापार विकास/ के मुखी, संजय बेल एम डी ट्लि, सूमा वैंकटेस आई एच सी एल की /व्यापार विकास/ मुखी, शशी कुमार टाटा हाउॅॅसिंग के मुखी /व्यापार विकास/ मुखी, राहुल शाह टाटा पावर के मुखी /व्यापार विकास/ टेैनमोए चक्करवर्ती टी सी एस मुखी /व्यापार विकास/, डी के सुन्दर टाटा कैमिकल्ज़ के फर्टीलाईजर विंग के मुखी, वैमन नूरो नहा टी एम एल के सरकारी वेच के मुखी और गोविंदर सिंह टाटा हाउऊसिंग के सी एफ ओ शामिल थे, द्वारा स. बादल, राजस्व व लोक संपर्क मंत्री स.ब्रिकम सिंह मजीठिया, वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा और उद्योग मंत्री अनिल जोशी के साथ मुलाकात करके आर्थिक मुद्दों पर विचारविमर्श करके राज्य में निवेश के लिए भिन्न-भिन्न प्राजैक्टों की शिनाख्त की गई। विचारविमर्श उपरांत 5 सब ग्रुपों के साथ एक-एक कंपनी द्वारा भिन्न भिन्न विभागों से संबंधित प्रधान सचिवों के साथ बातचीत की गई। सब-ग्रुपों की बैठकें सुबह 10 बजे के बाद दोपहर 2 बजे तक हुई जिस उपरांत उप-मुख्यमंत्री स.बादल द्वारा एक प्रभावशाली पेशकारी दी गई। टाटा मोटरजऱ् के उप-चेयरमैन श्री रविकांत द्वारा विचारविमर्श के प्रारंभ में बताया गया कि यह पहली बार है कि टाटा ग्रुप की सभी कंपनियों द्वारा सामूहिक तौक्र पर आकर पंजाब में राज्य सरकार के साथ निवेश के लिए बातचीत की गई। उन्होंने कहा कि यह सब इसलिए संभव हो सका है क्यों जो टाटा ग्रुप के नए चेयरमैन श्री साइरस मिस्त्री पंजाब के मुूख्यमंत्री स.प्रकाश सिंह बादल की सुयोग अगुवाई व उप-मुख्यमंत्री स.सुखबीर सिंह बादल की दूरअंदेशी वाली पहुंच से बहुत प्रभावित हैं। स. बादल द्वारा भविष्य की विकास मुखी सोच आपस में पूरी तरह मेल खाती है। टाटा ग्रुप को पंजाब की उन्नति में भागीदार बनने का न्योैता देते स. बादल ने कहा कि पंजाब द्वारा हाल ही में एक अपनी किस्म की औद्योगिक नीति का एलान किया गया है जिसमें निवेशकों को उनकी समर्था व उत्पादकता अनुसार रियायतें दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वैट और सी एस टी /केन्द्रीय सेल टैक्स/ का नया माडल अपनाया गया है जिस तहत निवेश वाली कंपनियां 80 प्रतिशत तक वैट और सी एस टी सरकार को देकर वापिस लेने की जगह सीधे अपने पास रख सकती हैं। स. बादल ने टाटा ग्रुप को पंजाब में बुनियादी ढांचे के प्राजैक्टों में निवेश करन का न्यौता देते कहा कि वह एक या दो शहरों में 100 प्रतिशत पानी सप्लाई, सीवरेज व्यवस्था, बिजली वितरण, सडक़ीय विकास, ठोस वेस्ट मैटीरियल प्रबंधन के क्ष्ेात्र में काम करें। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा अगले दो वर्षों में राज्य के 147 शहरों के सर्वपक्षीय विकास के लिए हज़ारों करोड़ रूपए की योजनाएं मंजूर की गई हैं जिसके साथ निवेश की बड़ी संभावनाएं पैदा हुई हैं। उन्होंने कहा कि टाटा मोटरजऱ् राज्य के मैटे शहरों लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, बठिंडा में बी आर टी एस व्यवस्था /यातायात क्षेत्र/ के लिए भी काम कर सकती हेंै। बिज़ली वितरण के क्षेत्र में टाटा ग्रुप को निवेश का निमंत्रण देते हुए स. बादल ने कहा कि पंजाब दिसंबर तक देश का पहला ऐसा राज्य होगा जिसके पास सरपल्स बिज़ली होगी। इसके अतिरिक्त विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे, सडक़ीय और हवाई संपर्क से पंजाब टाटा ग्रुप के निवेश के लिए अह्म स्थान साबित होगा। उन्होंने कहा कि बिज़ली सरपल्स वाला राज्य होने के बाद पंजाब सरकार द्वारा ट्रांसमिशन नेटवर्क, पॉवर आडिट के क्षेत्र की तरफ ध्यान केंद्रित किया गया है। टाटा ग्रुप द्वारा बी आर टी सी प्रोजेक्ट, रोपड़-फगवाड़ा एक्सप्रेस वे, वॉटर सिटी लुधियाना और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए प्रोजेक्टों के अतिरिक्त मोहाली में आई टी कैंपस, सौलर सिटी कॉम्पलैक्सों, छत्तों पर लगने वाले सौलर प्रोजेक्टों, पॉवर प्रोजेक्टों, हाउसिंग, मोहाली और लुधियाना में डाउनटाउन प्रोजेक्ट, रिन्यूएबल उर्जा प्रोजेक्टों में निवेश के लिए गहरी दिलचस्पी दिखाई गई। जूसको के एम डी श्री आशीष माथुर ने बताया कि मैसूर और कोलकत्ता में सिटी सर्विसिज़ प्रोजेक्टों को सफलतापूर्वक लागू करने के बाद कंपनी पंजाब के तीन बड़े शहरों में विस्तृत सर्वे के बाद कार्य करने की इच्छा रखती है। उन्होंने बताया कि बी आर टी सी सिस्टम तहत लुधियाना और अन्य बड़े शहरों में यातायात की समस्या को हल किया जा सकता है। स. बादल ने टाटा ग्रुप को कहा कि वह इस्तांबुल (तुर्की) शहर के बी आर टी सी मॉडल को समझ कर उसी तर्ज पर लुधियाना में लागू करें। पंजाब के सरकारी कामकाज को पेपर रहित बनाने के लिए टी सी एस से सहयोग मांगते हुए स. बादल ने कहा कि इस वर्ष दिसंबर तक पंजाब सिविल सचिवालय के कामकाज को पेपर रहित करने के बाद वह संपूर्ण राज्य के लिए योजना बनायेंगे। टाटा ग्रुप द्वारा जहां टाटा स्किल यूनीविर्सिटी स्थापित करने की इच्छा जाहिर की गई वहीं न्यू चंडीगढ़ में ईको सिटी और मैडीसिटी में भी निवेश में दिलचस्पी दिखाई गई। इसके अतिरिक्त डाउन टाउन मोहाली, डाउन टाउन लुधियाना और सिटी सैंटर मोहाली में भी निवेश के लिए टाटा ग्रुप के प्रतिनिधियों द्वारा बातचीत की गई। हाउसिंग क्षेत्र में टाटा ग्रुप द्वारा विभिन्न शहरों में बड़े होटल स्थापित करने के लिए दिलचस्पी दिखाई गई है। स. बादल के दूष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए टाटा ग्रुप के नेता श्री रविकांत ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा हमारे लिए निवेश के राह खोल दिए गये हैं और अब यह हमारी जिम्मेवारी है कि हम प्रत्येक प्रौजेक्ट क ो निम्र स्तर पर लागू करें। उन्होंने कहा कि एक महीने में वह सभी प्रोजेक्टों संबंधी विस्तृत अध्ययन कर वापिस पंजाब सरकार के पास आयेंगे। टाटा पॉवर के एम डी श्री अनिल सरदाना ने स. बादल को कहा कि परिणाम प्राप्त करने के लिए आप अपनी विकासमयी और समयबद्ध पहुंच से हमें बैकफुट पर धकेल दिया है। स. बादल ने इस अवसर पर उद्योग विभाग के प्रधान सचिव श्री करण अवतार सिंह को टाटा ग्रुप के प्रोजेक्टों के लिए नोडल अधिकारी के तौर पर तैनात करने के आदेश दिए।

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