Monday, December 9th, 2019

समझने में लगेंगे कई जन्म

महाराष्ट्र के ताजा समीकरणों के अनुसार कांग्रेस-शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की सरकार बनाने को लेकर असमंजस बरकरार है। कांग्रेस की अतंरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने जो बयान दिया उसने शिवसेना की चिंता को बढ़ा दिया है। सोमवार को पवार ने कहा था कि उन्होंने सोनिया के साथ न तो शिवसेना और न ही सरकार बनाने को लेकर बात की। इसी बीच मंगलवार को शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने एक बार फिर कहा कि हम राज्य में सरकार बनाने वाले हैं।


सरकार बनेगी और सदन में 170 का बहुमत होगा: संजय राउत
राउत से जब पवार के बयान को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह गलत क्या बोल रहे हैं, सरकार शिवसेना ही बनाएगी। उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार बनेगी और सदन में 170 का बहुमत होगा। शिवसेना बड़ी पार्टी है, महाराष्ट्र में हम सरकार बनाने जा रहे हैं, हमें किसी की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है। सरकार बनेगी, सरकार का नेतृत्व शिवसेना करेगी।' शरद पवार को लेकर उन्होंने कहा कि शरद पवार को समझने में कई जन्म लग जाएंगे। राउत ने कहा कि हम किसानों के मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे, ये मुलाकात शरद पवार की अगुवाई में ही होगी।


जिंदगी में कुछ पाना हो तो तरीके बदलो
शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत रोजोना महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर ट्वीट करते रहते हैं। मंगलवार को उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, 'अगर जिंदगी में कुछ पाना हो तो तरीके बदलो इरादे नहीं। जय महाराष्ट्र।' उनका ट्वीट इस बात का संकेत दे रहा है कि शिवसेना राज्य में सरकार बनाने के लिए हर तरह के विकल्पों पर विचार करने के लिए तैयार है।


सोनिया से मिले पवार, सरकार गठन पर असमंजस बरकरार
शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की सोमवार शाम को हुई मुलाकात के बाद भी महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर असमंजस दूर नहीं हो सका। काफी अहम मानी जा रही बैठक के बाद पवार ने कहा, सोनिया के साथ राज्य के हालात पर चर्चा हुई लेकिन सरकार गठन पर बात नहीं हुई। उनके इस बयान को शिवसेना के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, सीएम पद को लेकर भाजपा से रिश्ता तोड़ा चुकी शिवसेना इन दोनों दलों के साथ सरकार बनाने की कोशिशों में जुटी हुई है।

कांग्रेस अध्यक्ष से करीब 50 मिनट चली बैठक के बाद पवार ने कहा कि हमने उन्हें राज्य के हालात की जानकारी दी, लेकिन किसी के साथ मिलकर सरकार बनाने पर बात नहीं हुई। हम हालात पर नजर रखे हैं और तय किया है कि एक-दो दिन में, दोनों दलों के प्रतिनिधि दिल्ली में बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। पवार ने कहा, महाराष्ट्र में हमने सपा, स्वाभिमानी शेतकरी संगठन से भी समझौता किया था। अब उन्हें अनदेखा नहीं कर सकते। हमें सभी को विश्वास में लेना होगा।


इस बयान से बढ़ाया सस्पेंस
इससे पहले सोमवार को पवार ने यह कहकर सस्पेंस बढ़ा दिया था कि भाजपा और शिवसेना मिलकर चुनाव लड़े थे, ऐसे में उन्हीं से पूछा जाना चाहिए कि वे सरकार बनाने को लेकर क्या कर रहे हैं। PLC.

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