आई एन वी सी न्यूज़
रायपुर, 

 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में पिछड़ा वर्ग के विभिन्न संगठनों ने सौजन्य मुलाकात कर राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग को राष्ट्रीय मानको के रूप 27 प्रतिशत आरक्षण किए जाने पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम उपस्थित थे।  

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार ने छत्तीसगढ़ की जनता की भलाई के लिए पिछले सात माह में अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण की सीमा बढ़ाने के साथ ही अनेक जनकल्याणकारी फैसले लिए है। चाहे वह किसानों से 25 सौ रूपए प्रति क्विंटल में धान की खरीदी, किसानों का अल्प कालीन कृषि ऋण की माफी, 400 यूनिट तक बिजली बिल आधा या फिर तेदूपत्ता संग्रहण की दर 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा करना। इन सभी फैसलों का सभी वर्गो को लाभ मिला है। श्री बघेल ने कहा कि सरकार के इन फैसलों से न केवल लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है बल्कि उनके जीवन में परिवर्तन भी आया है।

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने लोगों को राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना के तहत गांव-गांव में बनाए जा रहे गौठानो, चारागाह, किसानों के यहां बाड़ी और मृत हो चुके हो चुके नालों के पुनर्जीवन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की इस योजना की आज देश-दुनिया में चर्चा हो रही है, सभी के सहयोग से सुराजी गांव योजना सफल होगी और ग्रामीण अजीविका के संवर्धन में मील का पत्थर साबित होगी।

    इस अवसर पर सर्वश्री कृष्ण कुमार यादव, पूर्व सांसद रामाधार कश्यप, पूर्व विधायक सियाराम कौशिक सहित बड़ी संख्या में पिछड़ा वर्ग संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।