आई एन वी सी न्यूज़
रायपुर,
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि विगत सात महीनों के कार्यकाल में नई सरकार ने अनेक अहम फैसलें लिए हैं। ये फैसले लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने वाला है। किसानों की कर्जमाफी, ढाई हजार प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, तेंदूपत्ता की खरीदी दर में बढ़ोतरी आदि फैसलों से  आम नागरिकों की क्रय शक्ति बढ़ी है। यही वजह है कि जब देश का आटोमोबाईल सेक्टर मंदी के दौर से गुजर रहा है, छत्तीसगढ़ में इस सेक्टर में 25 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ना केवल लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है बल्कि राज्य सरकार ने यहां के नागरिकों के मान-सम्मान और स्वाभिमान बढ़ाने का भी काम किया है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण की कमान स्थानीय विधायकों के पास है। हरेली, विश्व आदिवासी दिवस, छठ पूजा, तीजा और कर्मा जयंती पर राज्य सरकार द्वारा सार्वजनिक अवकाश देने से लोगों को अहसास हो रहा है कि प्रदेश में पहली बार छत्तीसगढ़ियों की सरकार है। मुख्यमंत्री श्री बघेल आज बस्तर के तोकापाल में वन अधिकार, सुपोषण और ग्राम विकास कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में 123 करोड़ 88 लाख रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें 68 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और 55 करोड़ 87 लाख रूपए के विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मंच से 68 करोड़ 57 लाख रूपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा भी की। उन्होंने बस्तर में कुपोषण दूर करने के लिए हरिक नानी बेरा अर्थात खुशहाल बचपन अभियान का शुभारंभ किया। शुभारंभ अवसर पर बच्चों को मूंगफली और गुड़ के लड्डू खिलाए। इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों की सुविधा के लिए शासकीय कार्यालयों में शुरू किए जा रहे ’ मोचो ऑफिस-नगत आफिस’ ब्रोशर का विमोचन किया।

    कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश के साथ-साथ प्रदेश में भी कुपोषण एक बड़ी चुनौती है। पिछले अठारह साल में प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है, लेकिन गरीब और गरीब होते गए। प्रदेश में 37 प्रतिशत लोग कुपोषण के शिकार हैं। हमनें इस चुनौती को स्वीकार करते हुए कल दंतेवाड़ा में सुपोषित दंतेवाड़ा अभियान और आज यहां बस्तर जिले में हरिक नानी बेरा यानि खुशहाल बचपन अभियान का शुभारंभ किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सबसे बड़ी लड़ाई कुपोषण के खिलाफ है। माताएं कमजोर होंगी, तो बच्चे भी कमजोर होंगे। इसलिए सशक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आगामी 02 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में कुपोषण मुक्ति महाअभियान प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला खनिज न्यास निधि का पैसा अब खनिज क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च किया जाएगा। बस्तर और दंतेवाड़ा में हाट-बाजारों में लोगों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका उपचार किया जा रहा है। उन्हांेने कहा कि एनएमडीसी को सबसे ज्यादा आय बस्तर से होती है, इसलिए एनएमडीसी में होने वाली भर्ती के लिए परीक्षा अब बस्तर मंे होगी। बस्तर मंे कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड का भी गठन किया जा रहा है, इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने धान का समर्थन मूल्य केवल 65 रूपए बढ़ाया है, लेकिन हम अपने संसाधनों से 2500 रूपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि जंगल में रहने वाले लोगों को जंगल से हटाने की कोशिश की जा रही है। हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया। उन्होंने वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत तोकापाल स्कूल परिसर में वृक्षारोपण भी किया।

    बस्तर जिले के प्रभारी और आदिम जाति तथा स्कूली शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने लोहण्डीगुड़ा में किसानों की अधिग्रहित जमीन को वापस करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य सरकार आदिवासियों के साथ है। तेंदूपत्ता का दर 4000 रूपए मानक बोरा किया गया है। बैंक सखी के माध्यम से हितग्राहियों को उनके घर में पेंशन और  योजनाओं की राशि दी जा रही है। वाणिज्यिक कर (आबकारी) मंत्री श्री कवासी लखमा ने कहा कि आदिवासियों ने जंगल को बचाए रखा है, इसलिए आदिवासियों के जंगल से बेदखली के किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले सात महीनों में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने आम जनता के हित में ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लिए हैं। सांसद बस्तर श्री दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश मंे नई सरकार के गठन के बाद आउट सोर्सिंग बंद हुआ है। राशन कार्ड का नवीनीकरण किया जा रहा है। अब पात्र सभी परिवारों को 35 किलो चावल मिलेगा। उन्होंने कहा कि पहली बार बस्तर की आवाज दिल्ली तक पहुंची है। बस्तर के हित की लड़ाई जारी रहेगी। विधायक श्री मोहन मरकाम ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।

    इस अवसर पर विधायक बस्तर श्री रेखचंद जैन, विधायक नारायणपुर श्री चंदन कश्यप, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री अरविन्द्र नेताम, पूर्व विधायक श्रीमती फूलोदेवी नेताम, मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार श्री राजेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री द्वारा 68.57 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की घोषणा
    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने तोकापाल में आयोजित कार्यक्रम में 68 करोड़ 57 लाख 49 हजार रूपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने 24 करोड़ की लागत से तोकापाल में एकलव्य आवासीय विद्यालय भवन का निर्माण, 18 करोड़ 17 लाख 27 हजार रूपए की लागत से विकासखण्ड तोकापाल के अन्तर्गत रायकोट  सालेपाल मार्ग में 23 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण, 3 करोड़ 96 लाख 70 हजार रूपए की लागत से बड़ेबादेनार से कावड़गांव मार्ग का निर्माण, 21 करोड़ 63 लाख 52 हजार रूपए की लागत से डिलमिली से पखनार मार्ग का निर्माण तथा 80 लाख रूपए की लागत से कोपागुड़ा में फार्मर गेस्ट हॉउस के निर्माण की घोषणा की।

मुख्यमंत्री द्वारा 68 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने तोकापाल में आयोजित कार्यक्रम में 68 करोड़ 01 लाख 9 हजार रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। जिन विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया उनमें-2 करोड़ 7 लाख 27 हजार रूपए के तोकापाल में नवीन आई.टी.आई भवन का निमार्ण कार्य, 1 करोड़ 5 लाख 48 हजार रूपए के तोकापाल में छात्रावास भवन का निर्माण कार्य, 62 लाख 83 हजार रूपए के नवीन हाईस्कूल भवन एर्राकोट 13 लाख 20 हजार रूपए के एन.आर.सी भवन निर्माण कार्य, 1 करोड़ 92 लाख 72 हजार रूपए के शासकीय पॉलीटेक्निक जगदलपुर में 50 सीटर कन्या छात्रावास एवं अधीक्षिका सह चौकीदार आसावगृह का निर्माण कार्य, 3 करोड़ 27 लाख 75 हजार रूपए के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर के रूरल हेल्थ ट्रेनिंग सेन्टर-छात्रावास का भवन निर्माण कार्य, 39 लाख 80 हजार रूपए के इंदिरा गांधी कृषि महाविद्यालय कुम्हरावण्ड जगदलपुर पहुंच मार्ग लम्बाई 800 मीटर निर्माण कार्य,3 करोड़ 29 लाख  39 हजार रूपए के नगरनार नदी बोडना से बसेली मार्ग के 1.9 किलोमीटर गुलझोड़ी नाला पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण कार्य, 25 लाख 30 हजार रूपए के उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन बुरूंगपाल (नहरमुण्डा) का निर्माण कार्य, 1 करोड़ 12 लाख 35 हजार रूपए, के 21 स्थानों पर सोलर हाई मास्ट संयेत्रों की स्थापना कार्य, 4 करोड़ 88 लाख रूपए के बास्तानार में 44 जीएडी क्वाटर्स निर्माण तथा 48 करोड़ 97 लाख रूपए के 200/132/33 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र, महुपालबरई (परचनपाल) जगदलपुर निर्माण कार्य शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा 55 करोड़ 87 लाख रूपए के कार्यों का भूमिपूजन

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने तोकापाल में आयोजित कार्यक्रम में 55 करोड़  87 लाख 56 हजार रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास और भूमिपूजन किया। जिन विकास कार्यों का शिलान्यास और भूमिपूजन किया गया, उनमें 1 करोड़ 51 लाख 28 हजार रूपए के कोड़ेनार से कुमापारा घाटरोड तक 1.2 किलोमीटर क्रांकिट रोड़ का निमार्ण कार्य, 3 करोड़ 96 लाख रूपए के महारानी अस्पताल, जगदलपुर में ट्रांजिट हॉस्टल निर्माण कार्य,9 करोड़ 46 लाख 55 हजार रूपए के जगदलपुर कोंटा मार्ग 35 किलोमीटर, दरभा से चांदामेटा डामरीकृत सड़क लम्बाई 33 किलोमीटर निमार्ण कार्य, 2 करोड़ 25 लाख 38 हजार रूपए के जगदलपुर कोंटा रोड के बुदुपारा से भादुपारा तक लम्बाई 3 किलोमीटर डामरीकृत सड़क निमार्ण कार्य,87 लाख 70 हजार रूपए के जगदलपुर कोंटा रोड में पदरपारा रोड से लखमापारा तक 2.5 किलोमीटर डामरीकृत सड़क निमार्ण कार्य,1 करोड़ 31 लाख 34 हजार रूपए से जगदलपुर कोंटा रोड से बुदुपारा तक 6.40 किलोमीटर डामरीकृत सड़क निमार्ण कार्य,1 करोड़ 21 लाख 16 हजार रूपए से जिला बस्तर विकासखण्ड तोकापाल के सिरिसगुड़ास में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन का निर्माण कार्य,2 करोड़ 32 लाख 8 हजार रूपए सेे प्रदेश के विभिन्न जेलों में 50-50 बंदी क्षमता वाले 30 बैरकों का निर्माण कार्य। इसमें जगदलपुर में 6 बैरकों का निर्माण होगा। 4 करोड़ 30 हजार रूपए से महारानी अस्पताल जगदलपुर का नवीनीकरण कार्य लैब व मातृशिशु केन्द्र का निर्माण।2 करोड़ 86 लाख 40 हजार रूपए से जगदलपुर में चिकित्सकों के लिये ट्रांजिट क्वाटर्स का निर्माण कार्य, 2 करोड़ 65 लाख 98 हजार रूपए सेे किसानों की आय को 3 गुना करने के लिये इन्द्रावती नदी के किनारे ग्राम चितालूर के 200 किसानों के लगभग 300 एकड़ निजी भूमि एवं 200 एकड़ शासकीय पर 19298 वृक्षारोपण एवं फेसिंग कार्य, 70 लाख रूपए की लागत से नैननार, बिरगाली, वाहनपुर, ककनार, बीसपुर, नकटीसेमरा और ककालगुर में उचित मूल्य दुकान सह गोदाम निर्माण।18 लाख 90 हजार रूपए से डिमरापाल में बाजार शेड निर्माण।1 करोड़ 91 लाख 17 हजार रूपए से ग्राम तुरेनार में पोेल्ट्री एवं हैचरी सेन्टर निर्माण, विकासखण्ड जगदलपुर के कार्यालय भवन निर्माण, ट्रेनिंग सेन्टर, हैचिंग हाउस, बुडर हाउस एवं सीसी सड़क निर्माण तथा नाली निर्माण कार्य, 1 करोड़ 24 लाख 75 हजार रूपए से जिला पंचायत परिसर में ट्रांजिस्ट हॉस्टल का निर्माण, 2 करोड़ 49 लाख  50 हजार रूपए से आड़ावाल एजुकेशन हब में ट्रांजिस्ट हॉस्टल का निर्माण, 1 करोड़ 56 लाख रूपए सेे रूर्बन क्षेत्र के 13 ग्रामों में सोलर लाईट की स्थापना, 46 लाख 15 हजार रूपए से ग्राम ताईपदर जनपद पंचायत जगदलपुर में स्टामडेम निर्माण, 13 करोड़ 85 लाख 50 हजार रूपए से जगदलपुर जिले के सात विकासखण्डों के सात नालों के उपचार के लिए जलसंवर्धन और भू-संरक्षण के विभिन्न संरचनाओं का निर्माण, 37 लाख 78 हजार रूपए से दरभा विकासखण्ड के 6 ग्राम पंचायतों के 357 हितग्राहियों के 336 एकड़ बाड़ी में सिचाई सुविधा 34 लाख 37 हजार रूपए से दरभा विकासखण्ड के 6 ग्राम पंचायतों के 353 हितग्राहियों के 338 एकड़ बाड़ी में सिंचाई सुविधा शामिल है।

हरिक नानी बेरा का शुभारंभ
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने तोकापाल में जिला प्रशासन द्वारा कुपोषण को दूर करने के लिए शुरू की गई ’हरिक नानी बेरा’ अर्थात खुशहाल बचपन का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के तहत जिले के 70 हजार बच्चों और नौ हजार माताओं को नियमित पोषण आहार के अलावा अतिरिक्त पोषण आहार के तहत सप्ताह में दो दिन अंडा और दो दिन गुड़ और मूंगफली के लड्डू दिए जाएंगे। योजना का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बच्चों को मूंगफली और गुड़ के लड्डू खिलाकर योजना का शुभारंभ किया।

200/132/33 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र का लोकार्पण
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने तोकापाल में आयोजित कार्यक्रम में बस्तर के महुपालबरई (परचनपाल) में 48 करोड़ 97 लाख रूपए की लागत से निर्मित 200/132/33 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र का भी लोकार्पण किया। इस उपकेन्द्र के लोकार्पण से बस्तर की बारसूर विद्युत उपकेन्द्र से निर्भरता समाप्त हो जाएगी। बस्तर और बकावण्ड विकासखण्ड को निर्बाध बिजली मिलेगी और वर्षों पुरानी लो-वोल्टेज की समस्या से लोगों को निजात मिलेगी।