Sunday, October 20th, 2019
Close X

सत्ता वापसी के लिए हुड्डा ने संभाला लिया मोर्चा

हरियाणा में कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने के लिए चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कमान संभाल ली है। चुनाव आचार संहिता लगने से पहले हुड्डा प्रदेश कांग्रेस में बदलाव से नाराज चल रहे नेताओं को मनाने में जुट गए हैं। शुरूआत उन्होंने पूर्व सीएलपी लीडर किरण चौधरी से की है। शनिवार को नई प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा और नए सीएलपी लीडर भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यभार संभालने के दौरान किरण चौधरी, पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर व कुलदीप बिश्नोई नदारद रहे थे।
हुड्डा इसे गंभीरता से लेते हुए रविवार को ही दिल्ली में किरण चौधरी के घर पर पहुंच गए। हुड्डा ने किरण के साथ ही वहां पर मौजूद उनकी बेटी व पूर्व सांसद श्रुति चौधरी से भी गुफ्तगू की। तीनों नेताओं के बीच काफी देर तक चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार हुड्डा ने विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए किरण से दिल खोलकर साथ मांगा है। साथ ही गिले-शिकवे भी दूर किए हैं। किरण ने भी अपनी बात खुलकर रखी। मुलाकात के बाद किरण हंसते हुए हुड्डा को बाहर तक छोड़ने आईं।

सूत्रों के अनुसार हुड्डा जल्दी ही कुलदीप बिश्नोई सहित अन्य नेताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं। चूंकि, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के हुड्डा को सबको साथ लेकर चलने के साफ निर्देश हैं। इसलिए हुड्डा मतभेद भुलाकर चुनावी बिसात बिछाने के लिए सबका साथ मांग रहे हैं। इनेलो और आजाद विधायकों को तोड़ने के बाद कुल विधानसभा क्षेत्रों में कमजोर दिख रही भाजपा मजबूत स्थिति में है, ऐसे में हुड्डा असंतुष्टों को साथ लाकर ही सत्तारूढ़ दल को टक्कर दे सकते हैं।

असंतुष्टों से भितरघात व बगावत का खतरा
प्रदेश नेतृत्व में बदलाव के बाद असंतुष्टों को साधने में जुटे हुड्डा जानते हैं कि असंतुष्ट चुनाव में उनकी रणनीति व समीकरण बिगाड़ सकते हैं। चूंकि, बगावत व भितरघात कांग्रेस को और कमजोर करेगा। अगर तंवर, किरण से टिकट की आस लगाए बैठे नेताओं ने भितरघात किया तो कांग्रेस को अनेक सीटें हाथ से गंवानी पड़ सकती हैं। इसलिए हुड्डा ने मान-मनोव्वल की राह पर चल पड़े हैं।

बसपा व एससी वोट बैंक पर निगाह
कांग्रेस की निगाहें इस समय बसपा और एससी वोट बैंक पर भी टिकी हुई हैं। जजपा से गठबंधन तोड़ने वाली बसपा को हुड्डा खेमा साथ लाना चाहता है ताकि अनेक सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाने वाले एससी वोट का फायदा मिल सके। एससी कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक रहा है। लेकिन, बीते चुनाव में इनेलो और भाजपा ने कांग्रेस के इस वोट में सेंध लगाई थी। कांग्रेस इस बार परंपरागत वोट को साथ लाना चाहती है।

हुड्डा वरिष्ठ नेता, कोई नाराजगी नहीं : किरण
कांग्रेस विधायक व वरिष्ठ नेता किरण चौधरी ने कहा कि भूपेंद्र सिंह पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। हम सब लोग कांग्रेस में ही हैं, आपस में मुलाकातें होती रहती हैं। हुड्डा जी चाय पर आए थे उनसे बात हुई। कोई नाराजगी नहीं है। PLC.

 

 

Comments

CAPTCHA code

Users Comment