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Thursday, October 29th, 2020

सचिन पायलट खेमा के बाहर हरियाणा पुलिस का पहरा

जयपुर |  राजस्थान में लगातार बढ़ते कोरोना मरीजों के बीच राज्य की सियासी क्वारंटाइन के 14 दिन की अवधि 24 जुलाई को पूरी होने वाली है। दरअसल, हाईकोर्ट ने इसी तारीख तक अपना फैसला सुरक्षित रखा है। ऐसे में कांग्रेस सरकार के दोनों खेमे होटल से सियासत व संगठन चला रहे हैं। पिछले 11 दिनों से होटल से ही सारी गतिविधियां संचालित हो रही हैं। यहां तक कि विधायक दल की बैठक से लेकर मंत्रियों के दफ्तर के काम भी बाड़ाबंदी के बीच ही निपटाए जा रहे हैं। सचिन पायलट खेमा मानेसर की पांच सितारा होटल में है। बाहर हरियाणा पुलिस का पहरा है।

वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पक्ष में दिल्ली रोड स्थित  फेयरमोंट होटल में होटल में मंत्री, विधायक व केंद्रीय संगठन के पदाधिकारी हैं। सुबह योगा से सरकार जागती है और रात को मनोरंजन के लिए विधायकों को फिल्म दिखाई जाती है। ब्रेकफास्ट, लंच, टी और डिनर सब कुछ होटल में ही हो रहा है।

पिछले 10 दिन में 1.20 करोड़ खर्च हो चुके
होटल फेयरमोंट में विधायकों के रहने पर 12 लाख रोजाना खर्च हो रहा है। यहां सरकार ने 120 कमरे बुक करवाए हुए हैं। विधायक 109 बताए जा रहे हैं और शेष केंद्रीय नेतृत्व व गुप्त मंत्रणा के लिए हैं। सारी जिम्मेदारी मुख्य सचेतक महेश जोशी के जिम्मे हैं।  रोजाना अनुमानित 10 हजार एक कमरे का खर्च हैं, जिसमें सुबह की चाय, नींबू पानी, काढ़ा के साथ सुबह की शुरुआत होती है। इसके बाद ब्रेक फास्ट, लंच, हाई टी व डिनर भी शामिल हैं।

पिछले 11 दिन में 25 लाख का बिल बना है
वहीं पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ जिस मानेसर होटल में ठहरे हुए हैं। उसका रोज ढाई लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। 22 कमरे बुकिंग करवाए गए हैं। विधायक करीब 19 ही रुके हुए हैं, शेष तीन कमरे विशेष मंत्रणा के लिए व अन्य लोगों के लिए हैं।  रोजाना 11 हजार रुपए खर्च हो रहे हैं, जिसमें कमरे के अलावा सुबह की चाय, ब्रेक फास्ट, लंच, हाई टी व डिनर आदि शामिल हैं।

पॉलिटिकल चार्टर मूवमेंट पर हर घंटे 3 लाख खर्च

वहीं कांग्रेस नेताओं का मूवमेंट चार्टर प्लेन के जरिए हो रहा है। एक चार्टर विमान को किराए पर लेने का खर्चा तीन लाख प्रति घंटे के करीब होता है। राजनीतिक दल आमतौर पर दिल्ली से चार्टर विमान उपलब्ध करवाने वाले एविएशन कंपनियों से विमान किराए पर लेते हैं।

ढाई से तीन लाख किराया
इस बीच रणदीप सिंह सुरजेवाला और टीएस सिंह देव ने दो चार्टर विमानों का उपयोग किया है। इनमें एक चार्टर विमान दिल्ली की हिमालयपुत्र एविएशन कंपनी का है तो दूसरा चार्टर विमान दिल्ली की सराया एविएशन कम्पनी का है। हालांकि केसी वेणुगोपाल त्रिवेन्द्रम से वीएसआर वेंचर्स प्राईवेट लिमिटेड के चार्टर विमान से जयपुर आए थे। तीनों कंपनियों ने राजनेताओं से प्रति घंटे के हिसाब से ढाई से तीन लाख रुपए किराया वसूला है।

चार्टर उड़ान
-10 जून का रणदीप सिंह सुरजेवाला चंडीगढ़ से जयपुर पहुंचे. इसी दिन राज्यसभा चुनाव ऑब्र्जवर टीएस सिंह देव रायपुर से जयपुर आए.
-12 जून को टीएस सिंह देव वापस रायपुर गए.
-13 जून को टीएस सिंह फिर रायपुर से जयपुर आए.
-13 जून को सुरजेवाला चंडीगढ़ गए.
-16 जून को सुरजेवाना चंडीगढ़ से जयपुर आए.
-19 जून को सुरजेवाला जयपुर से भोपाल गए.
-19 जून को केसी वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला दिल्ली गए.
-12 जुलाई को अजय माकन दिल्ली से चंडीगढ़ गए, चंडीगढ़ से सुरजेवाला के साथ जयपुर आए.
-13 जुलाई को केसी वेणुगोपाल त्रिवेन्द्रम से चार्टर विमान से जयपुर पहुंचे. पीएलसी।PLC.

 

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