​आई एन वी सी न्यूज़​
रांची​,​
जिस तरह हम सत्यमेव जयते कहते हैं उस प्रकार “श्रममेव जयते” भी कहना चाहिए। ​​श्रम बड़ी पूंजी है। इसके बिना हम कोई निर्माण कार्य नहीं कर सकते। पूंजी बढ़ाने और राज्य को समृद्धशाली बनाने के लिए श्रम की बड़ी भूमिका है, इसको नकारा नहीं जा सकता। अगर ये मजदूर और सफाईकर्मी नहीं होते तो अपना झारखण्ड स्वच्छ नहीं रहता। हमारे शहर को स्वच्छ बनाने वाले और निर्माण में महती भूमिका निभनेवालों को इस दीपावली सरकार ने उपहार स्वरूप पुरुषों को पैंट-शर्ट का कपड़ा और महिलाओं को साड़ी और ब्लाउज देने का निर्णय लिया। उसी के निमित आज हमसब यहां हैं। आप सभी को पैंट- शर्ट के सिलाई के लिए 500 रुपये एवं ब्लाउज की सीलाई हेतु 100 रुपये श्रम विभाग प्रदान करेगा। आपको ठंड से बचाने के लिए सरकार स्वेटर भी देगी। गरिमा से आप भी जीवन जीएं। यह सरकार का लक्ष्य है। क्योंकि 8 प्रतिशत संगठित मजदूरों की आवाज उनकी यूनियन है। जबकि 92% असंगठित मजदूरों की आवाज कोई नहीं। ऐसे मजदूरों की आवाज वर्तमान सरकार बनेगी। सरकार आपको अपने परिवार का हिस्सा मानती है। असंगठित मजदूरों को भवन निर्माण विभाग से जोड़ने हेतु 3 दिन का प्रशिक्षण दिया​ ​जा रहा है, ताकि आप अर्द्धकुशल मजदूर का दर्जा प्राप्त करें और आप को मिलने वाली राशि में तत्काल 500 रुपये की बढ़ोतरी हो जाए। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने मोरहाबादी मैदान में आयोजित श्रम सम्मान समारोह एवं दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेला में कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मियों को लोग निम्न प्रवृत्ति के मजदूर के रूप में देखते हैं। समाज को अपनी मनोवृति बदलने की जरूरत है। अगर ये सफाई कर्मी नहीं होते तो हमारा शहर, हमारा राज्य गंदगी से पट जाता। ये भी भारत माता की संतान हैं, इनकी चिंता भी सभी करनी चाहिए।

1 माह में 13 लाख असंगठित मजदूरों का निबंधन हुआ
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य गठन के बाद 13 लाख असंगठित मजदूरों का निबंधन हुआ था। यह आंकड़ा 18 वर्ष का है। लेकिन वर्तमान सरकार ने असंगठित मजदूरों के निबंधन का काम शुरू किया। मात्र एक माह के अंदर 13 लाख असंगठित मजदूरों का निबंधन हुआ। अब यह संख्या बढ़कर 26 लाख हो गई है। छूटे हुए श्रमिक अपना निबंधन करा लें। साथ ही श्रम विभाग के अधिकारी भी घूम घूम कर ऐसे श्रमिकों का निबंधन करना सुनिश्चित करें। क्योंकि इन मजदूरों में आदिवासी, दलित, शोषित, वंचित लोग हैं। यह विभाग गरीबों के कल्याण के लिए ही कार्य कर रहा है, इस बात को समझने की जरूरत है। सभी असंगठित मजदूरों को योजना का लाभ दें। उनके बच्चों को कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण देकर हुनरमंद बनाएं। ताकि उन्हें रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।

सरकार कुशल कामगार का वेतन देना चाहती है
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को प्रशिक्षण देकर कुशल कामगार बनाने का कार्य हो रहा है। उन्हें कुशल कामगार का वेतन सरकार देना चाहती है। असंगठित मजदूर भाई बहन अपना निबंधन जरूर कराएं और असंगठित कर्मकार बीमा योजना, अंत्येष्टि सहायता, कौशल उन्नयन योजना, चिकित्सा सहायता योजना समेत अन्य योजनाओं का लाभ जरुर लें। ताकि किसी तरह की अनहोनी होने पर आपके परिजनों को तत्काल दो लाख रुपए की राशि प्रदान की जा सके।

आंगनबाड़ी सहायिका और सेविका के मानदेय में बढ़ोत्तरी की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी की सेविका व सहायिका बहनें बच्चों को संस्कार देने के काम करती हैं। इसलिए सरकार ने आंगनबाड़ी केन्द्रों की कुल 73074 सेविकाओं, सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोत्तरी करने का निर्णय लिया है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 35292 आंगनबाड़ी सेविकाओं को 500 रुपये मानदेय की बढ़ोत्तरी की जा रही है। इसके तहत् ₹ 5900 के बदले उन्हें ₹ 6400 दिये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 35,245 आंगनबाड़ी सहायिकाओं के मानदेय में 250 रुपये की वृद्धि की जा रही है। इसके तहत् ₹ 2950 के बदले उन्हें ₹ 3200 दिये जायेंगे।

दास ने कहा कि राज्य की 2537 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र की सेविकाओं को 500 रुपये मानदेय की बढ़ोत्तरी की जा रही है। इसके तहत् ₹ 4200 के बदले उन्हें ₹ 4700 दिये जायेंगे।

आंगनबाड़ी केंद्र की सेविकाओं और सहायिकाओं के मानदेय मानदेय में केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी होती है। इस बढ़ोत्तरी का पूरा आर्थिक वहन राज्य सरकार करेगी।

मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को यह निदेश दिया है कि अगली कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति के लिए प्रस्ताव रखे जाएं।

67 हजार लोगों को रोजगार देने में हम सफल हुए
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग लगातार बेहतर कार्य कर रहा है। रोजगार मेला का आयोजन कर हम लोगों को नियोजित कर रहे हैं। अब तक 67 हजार से अधिक लोगों को श्रम विभाग ने रोजगार मेला के माध्यम से रोजगार प्रदान किया है। आज भी हमने कई लोगों को नियुक्ति पत्र सौंपा। उन सभी नवनियुक्त लोगों को शुभकामनाएं। आप ईमानदारी से कार्य करते हुए राज्य का मान हमेशा बढ़ाएं।

केंद्र व राज्य सरकार श्रीमिकों के उत्थान में जुटी है
नगर विकास मंत्री श्री सीपी सिंह ने कहा कि श्रीमिकों के लिए कई योजनाएं संचालित हैं। सब्जी बेचने वालों से लेकर भवन निर्माण विभाग से जुड़े तमाम श्रीमिकों को लाभ दिया जा रहा है। लाभ सभी को मिले यह सरकार का प्रयास है। आप सभी श्रमिक योजनाओं का लाभ लें। अगर यह आप से संभव नहीं है तो फार्म मेरे पास है आपकी सहायता मैं करुंगा। कौशल विकास योजना के तहत रोजगार भी श्रमिकों को दिया जा रहा है। केंद्र व राष्ट्र का श्रमिकों के उत्थान में जुटी है।

इन्हें सांकेतिक तौर पर मिला नियुक्ति पत्र..

  • मुख्यमंत्री ने रोजगार मेला के माध्यम से नीतू कुमारी(एग्जीक्यूटिव एचआर), नितेश कुमार मांझी, सुन्दावती, ध्रुव विजय, अभय कुमार(कस्टमर केअर एग्जीक्यूटिव) और प्रवीण लुगु(सुपरवाइजर) को नियुक्ति पत्र सौंपा।
  • मुख्यमंत्री ने पैंट शर्ट/साड़ी योजना का तहत नगर निगम के बसंत कच्छप, छोटू मिंज, बिष्णु कच्छप व भवन निर्माण विभाग के मनोज कुशवाहा, वीरकोहर महतो, विरेन्द्र महतो को पैंट शर्ट का कपड़ा एवं नगर निगम की अनिला हेम्ब्रम, हीरा देवी और भवन निर्माण विभाग की सुमन देवी, निजम देवी, मिली देवी, सरबला देवी, रश्मि देवी को साड़ी एवं ब्लाउज का कपड़ा देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर खिजरी विधायक श्री रामकुमार पाहन, मांडर विधायक श्रीमती गंगोत्री कुजूर, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, महिला बाल विकास और खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव श्री अमिताभ कौशल, नगरनिगम के सफाईकर्मी, नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले लाभुक, भवन निर्माण विभाग के श्रमिक व अन्य उपस्थित थे।



 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here