शुरूआती दौर में ही दे ब्लैक फंगस का उपचार

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आई एन वी सी न्यूज़
जयपुर,
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की राजधानी में कोविड रोगियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जयपुर में संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए विशेष योजना बनाएं। उन्होंने जयपुर में कोविड संक्रमण की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरे जिले में कंटेनमेंट जोन, अधिक टेस्टिंग, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग आदि व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।

श्री गहलोत शुक्रवार रात को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कोविड संक्रमण, लॉकडाउन तथा संसाधनों की उपलब्धता सहित अन्य संबंधित विषयों पर उच्च स्तरीय समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जयपुर में बीते करीब तीन सप्ताह में एक्टिव केसेज की संख्या 18 हजार से बढ़कर 51 हजार से अधिक होना तथा पॉजिटिविटी रेट का लगातार 30 प्रतिशत के आस-पास  बना रहना बेहद चिंता का विषय है। इस पर प्रभावी रोकथाम के लिए हमें नई रणनीति तैयार करनी होगी। इसके लिए शनिवार को ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा तथा चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक होगी।

मुख्यमंत्री ने कोविड रोगियों में ब्लैक फंगस रोग के मामले सामने आने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इस रोग की रोकथाम के लिए उचित चिकित्सा प्रोटोकॉल तैयार करने तथा जिला अस्पताल एवं सीएचसी स्तर तक चिकित्सकों के साथ इसकी जानकारी साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस की शुरूआती दौर में ही पहचान कर मरीजों को इसके लिए उचित उपचार देना बहुत जरूरी है, ताकि मरीजों में यह बीमारी गंभीर रूप नहीं ले। उन्होंने अधिकारियों को इस रोग से संबंधित दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

श्री गहलोत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के संक्रमण के तेजी से फैलाव को देखते हुए निचले स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना बहुत जरूरी है। इसके लिए आवश्यकता के अनुसार मानव संसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर सर्वे और दवा किट के वितरण के काम को प्रभावी ढंग से करने से रोगियों की समय पर जांच हो सकेगी और उन्हें प्राथमिक स्तर पर ही दवा तथा जरूरी उपचार मिल जाने से जीवन बचाना आसान होगा।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि संक्रमण की रोकथाम के लिए गांव तथा शहरों के लिए अलग-अलग रणनीति बनाकर काम करना चाहिए। साथ ही, उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में वृहद स्तर पर एंटीजन टेस्ट कराए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जयपुर सहित 7 जिलों में एक्टिव केसों की संख्या करीब 1 लाख 25 हजार है। इन जिलों के लिए भी चिकित्सा विभाग विशेष रणनीति के साथ काम करेगा।

मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य ने ऑक्सीजन के अतिरिक्त आवंटन को लेकर केंद्र सरकार तथा विभिन्न राज्य सरकारों के स्तर पर की जा रही वार्ता से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि हजीरा से 20 मैट्रिक टन अतिरिक्त आवंटन पर सहमति बनी है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुबोध अग्रवाल ने ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर की आपूर्ति, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने केंद्र के साथ किए जा रहे समन्वय तथा जयपुर जिले की स्थिति से अवगत कराया। प्रमुख शासन सचिव गृह श्री अभय कुमार तथा पुलिस महानिदेशक श्री एमएल लाठर ने लॉकडाउन के क्रियान्वयन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री अखिल अरोरा ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए तत्काल प्रभाव से चिकित्सकों एवं नर्सिंग कर्मियों की सेवाएं लेने के संबंध में जानकारी दी।

चिकित्सा सचिव श्री सिद्धार्थ महाजन ने प्रदेशभर में कोविड संक्रमण एवं वैक्सीनेशन की स्थिति, उद्योग सचिव श्री आशुतोष एटी ने ऑक्सीजन के उठाव, शासन सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती मंजू राजपाल ने मनरेगा कार्यां, एमडी आरएमएससीएल श्री आलोक रंजन ने दवाओं की उपलब्धता की जानकारी दी। आयूएचएस के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार एवं एसएमएस अस्पताल के प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी ने भी विचार व्यक्त किए।

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