Sunday, December 8th, 2019

शीला दीक्षित की LOVE लाइफ की अनसुनी बातें

 

नई दिल्ली: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित (Sheila dixit) का शनिवार को दिल्ली के एस्कॉटर्स अस्पताल में निधन हो गया. शीला 15 साल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही थीं. तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रह चुकीं शीला कुछ समय से बीमार चल रहीं थीं. शीला की निधन पर दलगत राजनीति की सारी बाधाएं टूटती दिखी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित गैर कांग्रेसी कई नेता शीला दीक्षित (Sheila dixit) को नमन करने पहुंचे. लोग अपने-अपने तरीके से शीला दीक्षित (Sheila dixit) को याद कर रहे हैं. शीला दीक्षित (Sheila dixit) के राजनीतिक करियर के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन आज हम आपको उनकी निजी जिंदगी और उनकी शादी से जुड़ा एक किस्सा बता रहे हैं.


मिरांडा हाऊस में एक क्लास में पढ़ते थे शीला-विनोद
दिल्ली के मशहूर मिरांडा हाउस में पढ़ाई के दौरान शीला दीक्षित (Sheila dixit) की मुलाकात विनोद दीक्षित से हुई थी. विनोद दीक्षित कांग्रेस के बड़े नेता उमाशंकर दीक्षित के इकलौत बेटे थे. BBC हिंदी को दिए एक इंटरव्यू में शीला ने बताया था, 'मैं और विनोद एमए हिस्ट्री (इतिहास) के स्टूडेंट थे, दोनों एक ही क्लास में थे. विनोद मुझे कुछ ज्यादा अच्छे नहीं लगते थे. मैं सोचती थी ये अपने आप को बहुत समझते हैं, बहुत ही एरोगेंट (अक्खड़) हैं.'

गर्लफ्रेंड और ब्वॉयफ्रेंड का झगड़ा सुलझाते हुए शीला-विनोद में बढ़ी नजदीकी
शीला दीक्षित (Sheila dixit) ने बताया था कि एक बार उनके दो दोस्तों के बीच गर्लफ्रेंड और ब्वॉयफ्रेंड को लेकर झगड़ा हो गया था. इस जाड़े में लड़की शीला के पास और लड़का विनोद के पास पहुंचा. इन दोनों की जिम्मेदारी थी कि वे गर्लफ्रेंड और ब्वॉयफ्रेंड का पैचअप कराएं. इसी दौरान विनोद और शीला की बातचीत शुरू हुई. दिलचस्प बात यह है कि यह बातचीत शुरू होने के बाद कभी ख्त्म ही नहीं हुई.


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शीला दीक्षित (Sheila dixit) ने इंटरव्यू में बताया था कि यहां से शुरू हुआ बातचीत का सिलसिला चलता गया. दोनों क्लास में भी जमकर बातें करते. मन ना भरता तो एक-दूसरे को खत लिखकर बातें करते. विनोद अक्सर शीला दीक्षित (Sheila dixit) के साथ बस में बैठकर फिरोजशाह रोड जाया करते थे, ताकि वे उनके साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त गुजार सकें.

बस नंबर 10 में विनोद ने किया था शीला को प्रपोज
एक दिन उसी रूट पर बस नंबर 10 पर साथ चलते हुए विनोद ने शीला के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया. शीला दीक्षित (Sheila dixit) के मुताबिक बस नंबर 10 में चांदनी चौक के सामने विनोद ने उन्हें शादी के लिए प्रपोज किया था. शीला ने बताया, 'विनोद ने मुझसे कहा, मैं मां से कहने वाला हूं कि मुझे एक लड़की मिल गई है. तो मैंने कहा कौन सी लड़की मिल गई है. उन्होंने कहा मेरे साथ बैठी हुई है. मैं बिल्कुल दंग रह गई.'


विनोद के प्रपोजल पर शीला दंग रह गई थीं, वहां कुछ भी नहीं बोलीं. जब वह घर पहुंचीं तो बहन से यह बात शेयर की और खुशी के मारे नाचीं. हालांकि शीला जी ने यह बात अपनी मां-पिता को नहीं बताई. उस वक्त शीला के मन में डर था कि मां-पिता पूछते कि लड़का क्या करता है तो वह कैसे बतातीं की लड़का बेरोजगार है.

विनोद ने हासिल की थी UPSC में 9वीं रैंक
इन सबके बावजूद शीला जी की विनोद दीक्षित से शादी हुई. इस शादी में विनोद के परिवार वालों ने खासा विरोध किया, क्योंकि शीला ब्राह्मण नहीं थीं. हालांकि बाद में विनोद दीक्षित यूपीएससी की परीक्षा पास कर गए. पूरे देश में उन्हें 9वां स्थान मिला था. उन्होंने उत्तर प्रदेश कैडर चुना था.


शीला जी ने इंटरव्यू में बताया था कि एक बार लखनऊ से अलीगढ़ आते हुए उनकी ट्रेन छूट गई थी. उसके बाद विनोद ने शीला से जिद्द करने लगे कि वह उन्हें कार से कानपुर छोड़ें, ताकि वे वहां से ट्रेन पकड़ सकें.

जब शीला को देखकर लड़कों ने गाया लड़की भीगी-भागी सी...
शीला जी ने बताया था कि कानपुर स्टेशन पर विनोद को छोड़ने के बाद वह जैसे ही बाहर आईं तो बारिश होने लगी. उन्हें रास्ता नहीं मालूम था. वह स्टेशन के आस-पास ही इधर-उधर हो रही थीं. तभी वहां मौजूद कुछ लड़के उन्हें देखकर गाना गाने लगे- 'एक लड़की भीगी-भागी सी...'. यह सब देखकर शीला थोड़ी घबरा गईं, क्योंकि उस वक्त काफी रात हो चुकी थी.


इत्तेफाक से उस वक्त वहां पुलिसवाला आ गया था. शीला जी ने उससे कहा कि वह उन्हें थाने लेकर चले. थाने में शीला जी ने पुलिस वाले से कहा कि वह IAS की पत्नी हैं, उन्हें लखनऊ जाना है इसलिए एस्कॉर्ट चाहिए. थाने में मौजूद पुलिस वालों ने शीला की बात को नजरअंदाज कर दिया. इसके बाद शीला जी ने रात करीब डेढ़ बजे कानपुर के पुलिस कमिश्नर को फोन किया, जो कि उनके परिचित थे. कमिश्नर की डांट के बाद पुलिस वाले शीला जी को छोड़ने लखनऊ तक आए. पूरे रास्ते शीला जी ने खुद की गाड़ी चलाई, पुलिस वाले को पीछे की सीट पर बिठा रखी थीं.

शीला दीक्षित (Sheila dixit) ने राजनीति के गुर अपने ससुर उमाशंकर दीक्षित से सीखीं. उमाशंकर दीक्षित इंदिरा गांधी की कैबिनेट में गृहमंत्री रहे. बाद में कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल भी रहे. PLC.

 

 

 

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