Monday, May 25th, 2020

शिवराज सिंह चौहान द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गो का रख-रखाव के लिएँ आग्रह किया

आई.एन.वी.सी,,

दिल्ली,,

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के सांसदों सहित नेता प्रतिपक्ष लोकसभा श्रीमती सुषमा स्वराज के नेतृत्व में आज यहाँ संसद भवन में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री सी.पी. जोशी से मुलाकात कर उन्हें प्रदेश से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गो की बदतर स्थिति, उनके रखरखाव और मरम्मत से जुड़े मुद्दों से अवगत करवाया।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पहले केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री को पत्र लिखकर प्रदेश से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग की खराब स्थिति पर चिंता जताई थी। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गो का रख-रखाव और मरम्मत करवाने का कार्य राज्य सरकार को सौंपे जाने का आग्रह किया था।

मुख्यमंत्री द्वारा उठाये गये सभी मुद्दों पर केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यतः सभी समस्याओं पर सहमति जताई। उन्होंने बताया कि लगभग 1500 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग, जो एनएचडीपी के विभिन्न स्तरों पर हैं, को एन एच ए आई द्वारा टेंडर देने की प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इसके अलावा कार्यो का सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत लगभग 650 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग को एन एच (ओ) अवार्ड किया गया है।

केन्द्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग के रखरखाव के संबंध में बताया कि एन एच ए आई को निर्देशित किया गया है कि इस संबंध में उचित कार्रवाई करें। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी आग्रह किया कि राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव में पायी गयी खामियों का राज्य सरकार अपने ही स्तर पर आंकलन करे।

केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि एन एच ए आई द्वारा राज्य के विभिन्न मार्गों की सैद्धांतिक स्वीकृति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके अंतर्गत ग्वालियर-शिवपुरी, शिवपुरी-देवास, जबलपुर-रीवा-कटनी, जबलपुर-लखनादौन, इंदौर-बैतूल, शाहगंज-औबेदुल्लागंज-बैतूल मार्गो का निर्माण किया जायेगा।

एन एच-12 (जबलपुर-भोपाल), एन एच-12 विस्तार (ब्यावरा-राजगढ़-राजस्थान सीमा), एन एच-12ए (जबलपुर-मंडला-चिलपी सीमा), एन एच-7बी (कटनी-शहडोल-अनूपपुर- छत्तीसगढ़ सीमा) का कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को पी पी पी के अंतर्गत केन्द्रीय सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ करारनामे पर हस्ताक्षर कर कार्य करना होगा।

केन्द्रीय मंत्री ने बमीठा-सतना मार्ग के संबंध में कहा कि यह कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा करने की मंजूरी वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से उचित अनुमति लेने के उपरान्त ही दी जा सकती है। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को अपनी अन्य परियोजनाओं, जिनके लिए निविदाएँ आमंत्रित की जा चुकी हैं, के लिए भी वन एव पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति लेना होगी।

केन्द्रीय मंत्री श्री जोशी ने राज्य सरकार को राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण अनुमति और निर्माण से जुड़ी शुरूआती प्रक्रियाओं में पूरा समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया।

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