पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार से शुरू होगा। शिरोमणि अकाली दल (बादल) के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब पार्टी बादल पिता-पुत्र के बिना विधानसभा सत्र के दौरान सरकार का सामना करेगी। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ कि पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल या शिअद प्रधान सुखबीर बादल में से कोई एक सदन में न रहा हो।शिअद प्रधान सुखबीर बादल फिरोजपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ कर सांसद बन गए हैं। लिहाजा इस सत्र में वे नहीं रहेंगे। वहीं, पार्टी के सरपरस्त प्रकाश सिंह बादल के पहुंचने की उम्मीद भी न के बराबर है। लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में वह हरसिमरत कौर बादल के प्रचार के लिए निकले थे। उसके बाद से किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर नहीं आए हैं। 

बादल के करीबी सूत्रों के मुताबिक वह अभी भी रोजाना अपने गांव स्थित घर में लोगों से मिलते जरूर हैं। उनके कामों के लिए फोन भी करते हैं। लेकिन घर के बाहर नहीं निकलते। जब भी कभी वह बाहर निकले, उनकी तबियत बिगड़ गई। इसलिए डॉक्टरों ने उन्हें घर ही रहने की सलाह दी है। 

ऐसे में शुक्रवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र में उनके पहुंचने की संभावनाएं कम हैं। अगर ऐसा हुआ तो यह पहला मौका होगा, जब पार्टी अपने दोनों शीर्ष नेताओं के बगैर सत्र में होगी। शिअद के सबसे सीनियर नेताओं में से एक और राज्यसभा मेंबर बलविंदर सिंह भूंदड़ ने कहा ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। जब बादल प्रधान थे तो सीएम हों या नेता प्रतिपक्ष, वह सदन में रहते थे। उनके बाद सुखबीर भी हमेशा रहे। ऐसा कभी नहीं हुआ कि दोनों में से कोई न रहे। PLC.