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Thursday, October 29th, 2020

शिक्षा के बिना मानव अधूरा : आचार्य देवव्रत

Journalist Ravi Malik INVC NEWSआई एन वी सी न्यूज़ रोहतक,

  • राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किया शिक्षाविदों को सम्मानित

शिक्षा के बिना मानव आधूरा है। अगर बच्चों को सही शिक्षा नहीं मिलती तो इससे समाज का बहुत भारी नुक्सान होगा। हमें अपनी शिक्षा प्रणाली को इस कदर मजबूत बनाना होगा कि इससे हर बच्चा लाभान्वित हो तथा समाज का नाम रोशन करे। यह बात आज स्थानीय दिल्ली बाईपास स्थित जिवेश गार्डन में शिक्षा सृष्टि परिवार द्वारा आयोजित शिक्षा सम्मान समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने बतौर मुख्य अतिथि कही। इस अवसर पर आर्य प्रतिनिधि सभा के उपाध्यक्ष आचार्य यशपाल ने अध्यक्षता की जबकि विधायक मनीष ग्रोवर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। आचार्य देवव्रत ने कहा कि पहले के जमाने में गुरूकुल रूपी शिक्षा प्रणाली मौजूद थी। जो बच्चों का स्र्वांगीण विकास करती थी। बच्चों को गुरू के कुल में शामिल करवाया जाता था तथा गुरू अपने बच्चों को उच्च शिक्षा की गारंटी देता था। लेकिन मौजूदा समय में शिक्षा में तमाम तरह की खामियां आ गई हैं, जिन्हें दूर करना होगा तथा शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाना होगा ताकि समाज को सही दिशा दी जा सके। उन्होंने शिक्षा सृष्टि के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सेमिनारों से शिक्षाविदों को आपसी मंथन का मौका मिलता है तथा शिक्षा में व्याप्त खामियां दूर होती हैं। इस अवसर पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 51 शिक्षाविदों को शिक्षा सृष्टि अवार्ड देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में शिक्षा सृष्टि परिवार के अध्यक्ष रवि मलिक, उपाध्यक्ष खुशी मलिक, सर्वोत्तम स्कूल का खिताब जी.डी. गोयनका स्कूल के निदेशक कर्मवीर मायना को, सर्वोत्तम एकेडमी का पुरस्कार कैरियर पथ कैंपस के निदेशक अरूणेश आर्य को, सर्वोत्तम प्रेरणादायक स्कूल का खिताब सेंट मैरी सीनियर सैकेंडरी स्कूल के प्राचार्य फादर जैस को, बेस्ट लेजेंडरी स्कूल का खिताब पठानिया पब्लिक स्कूल के निदेशक अंशुल पठानिया को, सर्वोत्तम बी.एड. कॉलेज का खिताब वी.बी. कॉलेज ऑफ एजूकेशन के निदेशक सुदर्शन मलिक को, ग्रामीण स्तर के स्र्वोत्तम स्कूल का खिताब ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल कारोर के निदेशक ईश्वर शास्त्री को, सर्वोत्तम होम्योपैथिक कॉलेज का ईनाम जे.आर. किसान कॉलेज ऑफ होमियोपैथी के निदेशक डॉ. सुरेश नांदल को, सर्वोत्तम कम्प्यूटर सेंटर का पुरस्कार हारट्रोन के निदेशक यशपाल राठी को, सर्वोत्तम सांस्कृतिक स्कूल का खिताब मानव रचना ग्लोबल स्कूल के निदेशक सुधीर को, सर्वोत्तम प्राईवेट आईटीआई का पुरस्कार बाबा एस.आर.ए. पैरामैडिकल आईटीआई के निदेशक डॉ. राजपाल को, सर्वोत्तम होम्योपैथिक प्रोफेसर का पुरस्कार डॉ. अश्विनी आर्य को, सर्वोत्तम स्कूल प्राचार्या का खिताब मॉडल स्कूल सेक्टर-4 की प्राचार्या श्रीमति विजय बल्हारा को, पानीपत के सर्वोत्तम प्राचार्य जसमेर सिंह, सोनीपत के श्री कृष्ण अंतिल, सर्वोत्तम कॉलेज प्राचार्य का खिताब नेकी राम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वेद प्रकाश श्योराण व जाट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेन्द्र कुमार मलिक को, सर्वोत्तम रिसर्च के लिए हिसार के डॉ. सुरेन्द्र पुनिया को दिया। माननीय राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि इन पुरस्कारों से शिक्षाविदों का हौंसला बढ़ेगा तथा वे शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए और अधिक संघर्षशील रहेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे पुरस्कार समारोह हर वर्ष आयोजित होने चाहियें। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आचार्य यशपाल ने कहा कि शिक्षाविदों को कड़ी मेहनत करके बच्चों के भविष्य को निखारना चाहिये। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षक मेहनत नहीं करेंगे तो आने वाले समय में बच्चों में गुण पैदा नहीं हो सकेंगे। इस अवसर पर विधायक मनीष ग्रोवर ने कहा कि शिक्षा के उत्थान के लिए सरकार प्रयासरत है। सरकार की मंशा है कि हर बच्चे को नैतिक शिक्षा मिले, इसके लिए पाठ्यक्रम में कई बदलाव किये जा रहे हैं तथा शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही शिक्षा में नैतिक शिक्षा विषय को जोड़ा जायेगा तथा शिक्षा उत्थान के प्रयास किये जायेंगे। इससे पूर्व हुए राष्ट्रीय सेमिनार में लगभग दो दर्जन से अधिक वरिष्ठ शिक्षाविदों ने शिक्षा सुधार के लिए अपनी-अपनी राय रखी। शिक्षाविदों का प्रयास था कि सेमिनार के जरिये शिक्षा सुधार के गंभीर प्रयास होने चाहियें। इस अवसर पर हजारों की संख्या में वरिष्ठ शिक्षाविद, कुलपति, प्राचार्य, शिक्षकों व बच्चों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

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