Tuesday, March 31st, 2020

शाहीन बाग मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज होगी अहम सुनवाई - दो माह शांति के बाद फिर बिगड़ा माहौल

शाहीन बाग मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए वार्ताकारों में से एक, वजाहत हबीबुल्लाह ने शाहीन बाग में सड़क अवरोध पर एक हलफनामा दायर किया है। इस हलफनामे में कहा है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने शाहीन बाग के आसपास पांच रास्तों को बंद कर रखा है जिसकी वजह से लोगों को परेशानी हुई।

इससे पहले शाहीन बाग का रास्ता खाली कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त वार्ताकार संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन अंतिम दिन रविवार को प्रदर्शनस्थल नहीं पहुंचे। उन्हें अब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट देनी है। अब सभी पक्षों की नजरें एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पर हैं। वार्ताकारों के आने की उम्मीद में भारी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोर्ट उनके हक में ही फैसला देगा। उधर, अब तक की वार्ता बेनतीजा रहने के पीछे प्रदर्शनकारियों की गुटबाजी को ही कारण बताया जा रहा है।

शाहीन बाग का रास्ता खाली कराने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए तीन वार्ताकारों को नियुक्त किया था। इनमें से दो संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन ने चार दिन तक प्रदर्शनकारियों को रास्ता खाली करने के लिए मनाया, लेकिन बातचीत हर बार बेनतीजा रही। यहां तक कि एक तरफ का रास्ता खाली करने का प्रस्ताव भी प्रदर्शनकारियों ने कोर्ट व पुलिस से सुरक्षा का लिखित आश्वासन मांगकर टाल दिया। इसके बाद वार्ताकारों ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। उम्मीद है कि सोमवार को सुनवाई के दौरान रास्ता खाली करने को लेकर फैसला आ सकता है।

शाहीन बाग से की जाफराबाद जाने की अपील
शाहीन बाग में प्रदर्शन स्थल पर रविवार सुबह से ही महिलाओं से जाफराबाद में प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाने की अपील की जा रही थी। मंच से कहा जा रहा था कि जाफराबाद में भारी से भारी संख्या में पहुंचकर वहां के प्रदर्शन को सफल बनाएं। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भी लोगों से जाफराबाद जाने के लिए कहा जा रहा था।

सुप्रीम सुनवाई से पहले पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
सुप्रीम कोर्ट में शाहीन बाग के बंद पड़े रास्ते को लेकर सुनवाई से पहले पुलिस भी सतर्क है। प्रदर्शन स्थल के आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। किसी भी हंगामे की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त बल को रिजर्व रखा गया है।

 

सीएए: दो माह शांति के बाद फिर बिगड़ा माहौल

सीएए-एनआरसी के विरोध में करीब दो माह शांत रहा माहौल रविवार को बिगड़ गया। शाहीन बाग के अलावा जाफराबाद व सीलमपुर में भी महिलाएं धरने पर बैठी थीं, लेकिन शनिवार रात जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे महिलाओं ने सड़क जाम कर दी। पुलिस ने उन्हें खदेड़ा, बावजूद इसके प्रदर्शनकारी वहां फिर से जमा हो गए। उधर, भीम आर्मी ने रविवार को भारत बंद का आह्वान किया था, वहीं इसके समर्थन में जाफराबाद के प्रदर्शनकारियों ने राजघाट तक मार्च निकालने की घोषणा की थी।

सुबह करीब 10 बजते ही सीएए विरोधी महिलाओं ने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर एक तरफ का रास्ता बंद कर दिया। धीरे-धीरे सीलमपुर, जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, वेलकम और कर्दमपुरी से भी महिलाएं वहां जुटने लगीं। भारी संख्या में युवक भी वहां पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। दोपहर तक वहां भारी भीड़ जुट गई थी। इसी बीच, भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने सीएए के समर्थन में दोपहर तीन बजे मौजपुर लालबत्ती पर धरना देने का आह्वान कर समर्थकों से वहां जुटने का आह्वान कर दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग एकजुट होने लगे।

उनके साथ कपिल मिश्रा भी धरने पर बैठ गए। शाम करीब चार बजे भीम सेना के कुछ समर्थक नारेबाजी करते हुए वहां से गुजर रहे थे। इनके साथ कपिल समर्थकों की कहासुनी हो गई जो हाथापाई में बदल गई। भीम सेना के समर्थकों को पीटने के साथ ही उनकी गाड़ी तोड़ दी गई। इसके बाद भीम सेना के समर्थक वहां से चले गए। जिला डीसीपी वेदप्रकाश सूर्या वहां पहुंचे और कपिल मिश्रा के समर्थकों से शांति बनाए रखने व लालबत्ती धरनास्थल को खाली करने की अपील करने लगे। कुछ ही देर बाद मौजपुर व कबीर नगर की तरफ से सीएए के विरोधी वहां पहुंचे और पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके जवाब में दूसरे पक्ष के लोगों ने भी पत्थरबाजी शुरू कर दी। PLC.

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