Sunday, January 26th, 2020

शारीरिक बीमारी से बढ़ सकता है डिप्रेशन

depressionआई एन वी सी, दिल्ली, अगर आपमें शारीरिक परीक्षा के चलते डिप्रेशन हो और चिकित्सा सम्ब्ंधी सावधानी बरतने का पारिवारिक इतिहास रहा हो जिसमें शरीर के माध्यम से परेशानी हुई हों तो उसे उचित उपचार की आवश्यकता है। यह वक्तव्य पद्मश्री और डॉ. बी सी राय नेशनल अवार्डी व हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं आईएमए के निर्वाचित उपाध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल ने दिया। डिप्रेशन में न सिर्फ ये समझ में आता है कि मन और मस्तिष्क में क्या चल रहा है, बल्कि ये भी पता करना होता है कि शरीर पर क्या चल रहा है। कई चिकित्सीय समस्याएं व्यक्ति के मूड खराब होने से जुड़ी हुई हैं। 50 फीसदी से अधिक हार्ट अटैक के बच जाने वाले और जिनमें कैंसर का पता चल जाता है वे अवसाद में चले जाते हैं। कॉमनवेल्थ मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अरुलराज ने बताया कि डिप्रेशन का सम्बंध मधुमेह, पार्किंसन और अन्य क्रोनिक समस्याओं से भी है। मेदांता मेडिसिटी में कार्डियोलॉजी के चेयरमैन डॉ. प्रवीण चंद्रा ने कहा कि डिप्रेशन से शारीरिक बीमारी के कोर्स पर भी असर हो सकता है। डिप्रेशन से हार्ट अटैक और हृदय सम्बध्ंाी समस्याओं से मुक्ति पाने में ज्यादा वक्त लगता है। थायराइड की समस्या से मूड पर असर हो सकता है। ओवरएक्टिव थायराइड से मैनिया और अंडर एक्टिव थायराइड से डिप्रेशन हो सकता है। अन्य चिकित्सीय समस्याओं का सम्बंध मूड पर निर्भर करता है कि न्यूरोलॉजिक स्थिति (मल्टीपल स्लेरॉसिस, पार्किंसन डिसीज, अल्झाइमर), अन्य हार्मोनल असंतुलन और विटामिन बी 12 की कमी से है। एचसीएफआई के बारे में: एक ऐसी राष्ट्रीय गैर लाभांवित एनजीओ जिसके दो बड़े समुदाय स्वास्थ्य शिक्षा सम्बंधी कार्यक्रमों पर भारत सरकार ने दो बार डाक टिकट जारी किए और एक कैंसिलेशन स्टांप जारी किया। इसके अलावा एक के बाद एक ‘‘हैंड्स ऑनली सीपीआर’’ की ट्रेनिंग का आयोजन 1 नवंबर 2012 से किया और अब तक 31251 लोगों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। मरने के 10 मिनट के अन्दर, 10 मिनट तक, 10ग10 =100 पर मिनट की स्पीड से, अपनी छाती पीटने के बदले मरे हुए आदमी की छाती पीटो।

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