मॉस्को । कोरोना महामारी से जूझ रही दुनिया में हर कोई इसकी रोकथाम के लिए सक्रिय है ऐसे में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले महीने मंजूरी दिए गए कोरोना वायरस के टीके की प्रशंसा की और कहा कि यह प्रभावी और सुरक्षित है। राष्ट्रपति ने इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय आशंकाओं को दूर करने की कोशिश की जो केवल दो महीने तक कुछ दर्जन लोगों पर परीक्षण के आधार पर मंजूरी देने पर सवाल उठा रहे हैं। रूस के सरकारी रशिया 24 टीवी चैनल पर प्रसारित इंटरव्यू में राष्ट्रपति पुतिन ने जोर देकर कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ दुनिया के पहले टीके को सरकार ने सख्त रूसी कानून की कसौटी पर परखने के बाद मंजूरी दी है और ये कानून अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। पुतिन ने कहा कि उनकी एक बेटी को भी टीका दिया गया है और उसमें एंटीबॉडी विकसित हुए हैं और वह बेहतर है।
हालांकि, रूसी अधिकारियों ने इस दावे को साबित करने के लिए कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं दिए हैं। पुतिन का दावा ऐसे समय आया है जब दुनियाभर के डॉक्टरों ने जल्दबाजी में टीके को मंजूरी देने और रूस के इसकी प्रभावकारिता के संबंध में आंकड़ों को साझा करने में असफल होने पर चिंता जताई है और इसे वैज्ञानिक प्रक्रिया का उल्लंघन करार दिया है। फार्मासूटिकल ग्रुप अस्ट्राजेनिका ने कोविड-19 की एक दवा का क्लिनिकल ट्रायल शुरू किया है। यह दवा कोविड-19 होने से रोकेगी और इलाज भी करेगी। इस ट्रायल के लिए पहले वॉलंटिअर्स को खुराक दी जा चुकी है। कंपनी पहले से ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर वैक्सीन एजेडडी1222 पर काम कर रही है। उसकी बनाई दवा एजेडडी7442 दो मोनोक्लोनल ऐंटीबॉडी के कॉम्बिनेशन से बनी है। PLC.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here