आई एन वी सी न्यूज़
लखनऊ,
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि एक नागरिक के तौर पर हमारा कर्तव्य है कि हम स्वस्थ हों, दीर्घायु हों, आर्थिक स्वावलम्बन की ओर अग्रसर हो सकें व देश को भी शिखर पर पहुंचाने में अपना योगदान दंे। इनमें सबसे बड़ी भूमिका पर्यावरण की है और इसके संवर्धन का सबसे बड़ा माध्यम वृक्षारोपण है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक वृक्षारोपण करके ही हम आने वाली पीढ़ी को बेहतर कल दे सकते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि इस वृक्षारोपण महाकुम्भ में सभी लोगों की सहभागिता हो।

मुख्यमंत्री जी भारत छोड़ो आन्दोलन की 77वीं वर्षगांठ पर आयोजित ‘वृक्षारोपण महाकुम्भ’ के तहत प्रदेश में आज 22 करोड़ पौधरोपण कार्यक्रम का जैतीखेड़ा, जनपद लखनऊ में शुभारम्भ करते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत छोड़ो आन्दोलन की तिथि हमें नयी प्रेरणा देती है। सन् 1942 में आज ही के दिन महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आन्दोलन की नींव रखी थी। हम सब सौभाग्यशाली हंै कि हम आजादी के बाद उस पीढ़ी में जन्में जिसने गुलामी नहीं देखी, गुलामी नहीं झेली। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने वृक्षारोपण महाकुम्भ के ‘लोगो’ का अनावरण भी किया तथा 05 महिलाओं को सहजन के पौधे भी दिये। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह सृष्टि मनुष्य के साथ-साथ सम्पूर्ण चराचर की है। उत्तर प्रदेश एक बड़ा राज्य है इसलिए हमारे दायित्व भी अधिक है। इसीलिए आज 22 करोड़ वृ़क्ष जियो टैगिंग के साथ लगाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वृक्ष प्रकृति का अनमोल वरदान है। पीपल का वृक्ष पर्यावरण के लिए सबसे ज्यादा उपयोगी है। इसी प्रकार पाकड़, नीम और बरगद के पेड़ भी लगाए जाने आवश्यक हैं। हमारी ऋषि परम्परा में पंचवटी, नवग्रह व नक्षत्र वाटिका लगाने का इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा 22 जून, 2019 को जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्य प्रारम्भ किया गया है। यह वृक्षारोपण महाकुम्भ जल संरक्षण को बेहतर बनाने में मददगार सिद्ध होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने बरगद के पौधे का रोपण भी किया।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के उद्देश्य से चन्द्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल, अश्फाकउल्लाह खां आदि देशभक्तों के नाम पर वाटिका लगानी चाहिए। इसी तरह वर्तमान समय के वीरों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए उनकी स्मृति में भी वाटिका लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती को यादगार बनाने हेतु प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक जनपद में पौधरोपित कर ‘गाँधी उपवन’ एवं ‘पंचवटी’ की स्थापना की जा रही है। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वच्छ वातावरण स्वस्थ सृष्टि के लिए आवश्यक है। उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश भर में 100 वर्ष से ऊपर के सभी वृक्षों की गणना करंे तथा इन्हें हेरिटेज वृक्ष के रूप में मान्यता देते हुए संरक्षित करें। इन हेरिटेज वृक्षों पर केन्द्रित स्मारिका का प्रकाशन भी किया जाए। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष प्रदेश में 25 करोड़ पौधा रोपण का लक्ष्य वन विभाग को दिया गया है। 

वन और पर्यावरण मंत्री श्री दारा सिंह चैहान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज अगस्त क्रांति का ऐतिहासिक दिन है। आज 22 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा करने के बाद यह विश्व कीर्तिमान बन जाएगा। वर्ष 2022 तक प्रदेश में वनाच्छादन को 15 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। इस अवसर पर विभिन्न स्कूलों के बच्चों, स्वयं सेवी संगठनों तथा बी0एस0एफ0 के जवानों ने वृक्षारोपण किया।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री पवन कुमार ने वृक्षारोपण महाकुम्भ में आये सभी लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। 

ज्ञातव्य है कि आज जैतीखेड़ा वन ब्लाॅक, जनपद लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सात हेक्टेयर क्षेत्र में पीपल, पाकड़, बरगद, नीम, महुआ, आँवला, अर्जुन, कंजी, शीशम, ढाक व खैर आदि प्रजातियों के 10 हजार पौधे रोपित किये गये।

इस अवसर पर कृषि निर्यात, कृषि विपणन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती स्वाती सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय, शासन-प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे।