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Thursday, April 22nd, 2021

विद्युत प्रदेश के विकास की धुरी

आई एन वी सी न्यूज़ 
जयपुर,
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि बारां जिले के थर्मल पावर प्लान्ट छबड़ा में इकाई 5 और 6 के प्रारम्भ होने विद्युत ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश में आत्मनिर्भरता आएगी और आमजन को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि विद्युत विकास की धुरी है और हमें प्रदेश को विद्युत ऊर्जा के क्षेत्र में सरप्लस स्थिति में लाना है, ताकि इसका लाभ किसान, उद्योग एवं गांव, ढाणी के जन-जन को मिले।


श्री गहलोत रविवार को बारां जिले के उपखंड छबड़ा में स्थित थर्मल पावर प्लान्ट की दो इकाइयों 5 और 6 के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जापान की आधुनिक सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित छबड़ा थर्मल पावर प्लान्ट में दो नई इकाइयों के प्रारंभ होने से इस प्लान्ट की विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़कर 2320 मेगावाट हो गई है। इससे प्रदेश के 78 लाख नये उपभोक्ताओं को लाभान्वित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आजादी के समय प्रदेश में 13 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता था, जो बढ़कर करीब 22 हजार मेगावाट हो गया है। इसमें राज्य विद्युत उत्पादन निगम का हिस्सा 7277.35 मेगावाट है। उन्होंने कहा कि आज ही 1320 मेगावाट विद्युत उत्पादन प्रदेश की जनता को समर्पित किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने बताया कि प्रदेश में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा के क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद है और प्रदेश सरकार इन संसाधनों का समुचित उपयोग कर वर्ष 2021-22 तक प्रदेश को विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में सरप्लस स्थिति में लाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी क्षेत्र में विद्युत उत्पादन बढ़ाने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों को योजना बनाने के निर्देश दिए है। विद्युत वितरण व्यवस्था को सुदृढ करने तथा इसे पारदर्शी बनाया जाएगा, जिससे नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण विद्युत की आपूर्ति हो सके।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए ऊर्जा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने कहा कि उद्योग लगाने के लिए भूमि, पूंजी, साहस के साथ-साथ विद्युत की भी आवश्यकता रहती है। राज्य सरकार ने अपने 6 माह के अल्पकाल में विद्युत उत्पादन में 1793 मेगावाट की अभिवृद्धि की है और हम इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढे़ हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने कृषि विद्युत कनेक्शन की दरों में बढ़ोतरी नहीं करने तथा 1 लाख नये विद्युत कृषि कनेक्शन देने का निर्णय लिया है। इससे प्रदेश के किसान निश्चित तौर पर लाभान्वित होंगे।

डॉ. कल्ला ने कहा कि प्रदेश सरकार ने छबड़ा एवं कालीसिन्ध तापीय परियोजनाओं के विनिवेश के फैसले को रद्द करते हुए इन परियोजनाओं को राज्य सरकार के उपक्रम के तौर पर चलाने का निर्णय भी लिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार नागरिकों को 24 घण्टे गुणवत्तापूर्ण बिजली देने के लिए संकल्पबद्ध है।
समारोह को नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री श्री शांति धारीवाल तथा खान एवं गोपालन मंत्री श्री प्रमोद जैन भाया ने भी संबोधित किया।

नियंत्रण कक्ष एवं फोटो गैलेरी का अवलोकन

मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने थर्मल पावर प्लान्ट छबड़ा में इकाई 5 और 6 के नियंत्रण कक्ष का अवलोकन किया और विद्युत उत्पादन की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने प्लान्ट की विकास यात्रा से संबंधित फोटो गैलरी का अवलोकन किया और इसकी प्रगति की सराहना भी की। मुख्यमंत्री के समक्ष नियंत्रण कक्ष में प्लांट की इकाई 5 व 6 के संबंध में लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

लोकार्पण समारोह में विधायक श्री पानाचन्द मेघवाल और श्रीमती निर्मला सहरिया, पूर्व विधायक करणसिंह, ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री नरेश पाल गंगवार एवं राजथान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री पी. रमेश, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे।

प्रदेश की प्रथम सुपर क्रिटिकल परियोजना

राज्य सरकार प्रदेश को विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। थर्मल पावर प्लान्ट छबड़ा की इकाई 5 और 6 सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित है और यह प्रदेश की सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित प्रथम परियोजना है। सुपर क्रिटिकल तकनीक में कोयले की खपत कम होती है और यह उच्च दक्षता के साथ उच्च दाब तथा तापमान पर संचालित होती है। यह परियोजना कुल 2,361 बीघा भूमि पर बनी है और इसकी अनुमानित लागत 9,550.27 करोड़ रूपए है।

थर्मल पावर प्लान्ट छबड़ा की इकाई 5 और 6 प्रारंभ होने से परियोजना की विद्युत उत्पादन क्षमता में 1,320 मेगावाट की वृद्धि हुई है। अब इस विद्युत गृह की कुल उत्पादन क्षमता 2,320 मेगावाट हो गई है। परियोजना की पांचवीं इकाई में 9 अगस्त, 2018 एवं छठी इकाई में 2 अप्रेल, 2019 से वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया जा चुका है। इन दोनों इकाइयों से राज्य को लगभग 316.80 लाख यूनिट प्रतिदिन प्राप्त हो रही है। इस परियोजना द्वारा विद्युत उत्पादन प्रारम्भ करने से राज्य को प्रतिदिन 3 करोड़ यूनिट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होगी, जिससे प्रदेश के करीब 78 लाख नये उपभोक्ताओं को लाभान्वित किया जा सकेगा।



 

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