shivrajsinghchauhanआई एन वी सी न्यूज़ नई दिल्ली,

मध्यप्रदेश में पिछले दस वर्षों में लगन और मेहनत से जनता के लिए कई काम किए हैं और विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज यहां आयोजित कार्यक्रम ’दस का दम’ में अपने विचार रखे। श्री चौहान ने अपने दस वर्ष के मुख्यमंत्री कार्यकाल को पूरा करने पर अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि दस वर्ष पहले मध्यप्रदेश एक बीमारू एवं पिछड़ा राज्य माना जाता था। पहले बिजली, सड़क, पानी की समस्या से जूझ रहा राज्य आज विकास सूचकांक की कड़ी में अग्रिम कतार में खड़ा है। श्री चौहान ने अपने मन की बात कहते हुए कहा कि इस विकास यात्रा में उनके मन में एक कसक रह गयी कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपेक्षाकृत विकास नहीं हो पाया है, जिसका मुख्य कारण डाक्टरों और चिकित्सा विशेषज्ञों की प्रदेश में पर्याप्त संख्या में उपलब्धता नहीं होना है। उन्होंने इसके लिए प्रदेश से बाहर कार्यरत और बसे डाक्टरों से प्रदेश के विकास में अपने योगदान देने का आह्वान भी किया है। उन्होंने आशा व्यक्त कि आने वाले समय में वह इस कार्य को पूरा करेंगे।
श्री चौहान ने बताया कि इस विकास यात्रा के दौरान हमने सभी वर्गों से संवाद स्थापित किया और पंचायतें बुलवायीं। नीति निर्धारण के लिए संबंधितों से सुझाव लिये गये और नीति निर्माण में हमने उन लोगों के मत और विचार को अनदेखा नहीं किया। नीति को सरल और व्यवहारिक बनाया। भ्रष्टाचार रोकने के लिए भी हमने कई ठोस निर्णय लिये और भ्रष्टाचारियों की सम्पत्ति राजसात की साथ ही व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किये।
श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में पिछले दस वर्षों के अंतराल में व्यापक परिवर्तन हुआ है, चाहे वह अधोसंरचना विकास में हो, कृषि उत्पादन और औद्योगिकीकरण के क्षेत्र में भी प्रदेश में भारी निवेश आया है। अधोसंरचना के क्षेत्र में पूरे प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया गया है। ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश न केवल स्वावलंबी हुआ है बल्कि हम पड़ौसी राज्यों को बिजली दे रहे हैं। कृषि के क्षेत्र में लगातार पिछले तीन वर्षों से कृषि कर्मण अवार्ड से नवाजा गया है। प्रदेश की कृषि उत्पादक दर अब 24.99 प्रतिशत हो गयी है। प्रदेश में पिछड़ों, अल्पसंख्यक और अनुसूचित जाति एवं जनजाति को पिछले दस वर्षों में इनके उत्थान के लिए राज्य सरकार द्वारा कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई गयीं और इन्होंन समाज में अपनी नई पहचान बनाई। शिक्षा के क्षेत्र में भी सामान्य छात्रों के साथ पिछड़े वर्ग के छात्रों ने भी नया आयाम स्थापित किये। महिलाओं के लिए प्रदेश की पंचायतों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया और साथ ही सरकारी संस्थाओं पुलिस एवं वन विभाग में भी 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
प्रदेश की बेटियों के चहुंमुखी विकास के लिए श्री चौहान ने बताया कि विभिन्न योजनाएं बनाई गयी हैं। पहले बेटियों को अभिशाप माना जाता था लेकिन अब पिछले दस सालों के अंतराल में बेटियों को अब भार नहीं माना जाता है। उनके पैदा होने से उनकी शिक्षा, शादी और नौकरी आदि के लिए सरकार ने लाडली लक्ष्मी योजना बनाई। यह योजना इतनी सफल हुई कि अन्य राज्यों ने भी इस योजना का अनुसरण किया है। बेटियों के साथ साथ सरकार ने बेटों का भी विशेष ध्यान रखा। उनकी शिक्षा-दीक्षा से लेकर उनको स्वावलंबी बनाना और उनको अपनेे पैरों पर खड़ा करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने निभायी।