आई एन वी सी न्यूज़
जयपुर,
विशेषाधिकारी (मुख्यमंत्री) दिनेश कुमार शर्मा ने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने विभाग की महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी एवं राज्य सरकार की भावना को सोशल मीडिया के माध्यम से शीघ्रता से आम जन तक पहुंचा सकते है।

श्री शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में सीएमआईएस के प्रभावी क्रियान्वयन आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय की आईटी टीम ने जन कल्याण पोर्टल बनाया है जिसके माध्यम से सभी विभागों एवं बजट घोषनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी आम जन तक पहुंच रही है।

इस अवसर पर विशेषाधिकारी, मुख्यमंत्री श्री अनुराग वाजपेयी ने कहा कि वर्तमान समय में प्रचार-प्रसार में सोशल मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा विभिन्न विभागों के सोशल मीडिया से संबंधित कार्मिक विषय सामग्री पर विशेष ध्यान देवे ताकि विभिन्न योजनाओं एवं समाचार स्पष्ठ रूप में संबंधित के पास पहुंच सके।

उन्होंने कहा कि यू-ट्यूब, ट्विटर, फेसबुक, इन्ट्राग्राम एवं वाट्सएप सोशल मीडिया के प्रमुख माध्यम है तथा सभी माध्यमों की अपनी-अपनी विशेषताओं के साथ ही टारगेट भी पृथक है जिनके अनुसार ही प्रचार-प्रसार सामग्री अपलोड की जानी चाहिए।

श्री वाजपेयी ने कहा कि विषय वस्तु की सामग्री अधिक सूचना परक, प्रजेन्टेबल एवं लक्ष्य की मांग के अनुसार होने के साथ ही इन्फ्राग्राफिक्स का भी इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री कार्यालय के आईटी सेल के प्रभारी श्री राजेश सैनी ने कार्यशाला के उद्देश्य की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जनकल्याण पोर्टल के माध्यम से 33 जिला वेबसाईट डीआईपीआर की वेबसाइट एवं चिरंजीवी योजना की वेबसाईट संचालित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि पूर्व में संचालित सीएमआईएस पोर्टल को जनकल्याण के माध्यम से नवीन सीएमआईएस पोर्टल बनया जा रहा है जिसमें बजट घोषणा केबिनेट निर्णय सीएम डाइरेक्शन जनघोषणा, सीएम घोषणा को जनकल्याण पोर्टल पर अघतन करते ही सीएमआईएस पोर्टल भी अपडेट हो जावेगा, इसकी मोबाइल एप भी बनाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा विभाग की वेबसाइट भी जनकल्याण पोर्टल के माध्यम से बनाई जा रही है। जिससे मेडिकल ऎजुकेशन के अधीन सभी मेडिकल कॉलेज की वेबसाइट पर डेटा अघतन किया जा सकेगा।

कार्यशाला में 50 से अधिक विभागों के संयुक्त निदेशक, एसीपी, आइटी स्टाफ के साथ-साथ जनकल्याण, सीएमआईएस पोर्टल के नोडल अधिकारियों ने भाग लिया, जिन्हें जनकल्याण पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों की वेबसाइट को जनकल्याण के माध्यम से बनाए जाने हेतु प्रशिक्षण दिया गया।

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