Tuesday, June 2nd, 2020

वक्फ अधिनियम, 1995 में कुछ संशोधन किया जाएगा : के. रहमान खान

Haryana Chief Minister,  Bhupinder Singh Hooda, k rahman khan minister of minority affairsसंजय राय ,
आई एन वी सी , चंडीगढ़,
""वक़्फ भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त करवाने के लिए वक़्फ के समक्ष आ रही समस्याओं के दृष्टिगत हरियाणा सरकार ने वर्ष 2006 में विधानसभा में सार्वजनिक परिसर अधिनियम संशोधित किया। हरियाणा सार्वजनिक परिसर और भूमि (बेदखली और किराया वसूली) संशोधन बिल में संशोधन करने से वक़्फ सम्पतियों से अवैध कब्जे हटाने में सहायता मिलेगी ""
 केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के. रहमान खान ने कहा कि वक्फ संस्थाओं को और सुदृढ़ करने के लिए वक्फ अधिनियम, 1995 में कुछ संशोधन किए जाएंगे। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को भी विश्वास दिलाया कि वे व्यक्तिगत तौर पर हरियाणा सार्वजनिक परिसर और भूमि (बेदखली और किराया वसूली) संशोधन बिल, 2006 को उच्च प्राथमिकता के आधार पर पास करवाने के लिए केन्द्रीय गृह मामालों के मंत्रालय के समक्ष मामले को रखेंगे, क्योंकि यह भारत के राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए लम्बित पड़ा है।    श्री खान आज अम्बाला कैन्ट में केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के सहयोग से हरियाणा वक़्फ बोर्ड द्वारा वक्फ संरक्षण एवं प्रबन्धन पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में  मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वक़्फ भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त करवाने के लिए वक़्फ के समक्ष आ रही समस्याओं के दृष्टिगत हरियाणा सरकार ने वर्ष 2006 में विधानसभा में सार्वजनिक परिसर अधिनियम संशोधित किया। हरियाणा सार्वजनिक परिसर और भूमि (बेदखली और किराया वसूली) संशोधन बिल में संशोधन करने से वक़्फ सम्पतियों से अवैध कब्जे हटाने में सहायता मिलेगी।     श्री खान ने कहा कि अल्पसंख्यक मामले मंत्रालय देश में वक़्फ संस्थाओं को और सुदृढ़ करने के लिए वक़्फ अधिनियम, 1995 में कुछ संशोधन करेगा। उन्होंने कहा कि वक़्फ सम्पतियों की पट्टा अवधि नए संशोधनों के अनुसार कुछ शर्तों के साथ मात्र 3 वर्ष से बढ़ाकर 30 वर्ष की जाएगी कि वक़्फ बोर्ड को अपनी सम्पतियों को पट्टे पर देने की समस्त प्रक्रिया में पारदर्शिता लानी होगी। इससे सम्पति के दुरूपयोग रोकने में सहायता मिलेगी। इसके अतिरिक्त ट्रिब्यूनल को बहु सदस्यीय ट्रिब्यूनल बनाया जा रहा है तथा इन ट्रिब्यूनलों को बेदखली और अपील की अतिरिक्त शक्तियां भी दी जाएंगी। श्री खान ने कहा कि वक़़्फ सम्पति का सर्वेक्षण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसलिए हम सर्वेक्षण प्रक्रिया में बदलाव भी ला रहें हैं। नए अधिनियम के अनुसार अब सर्वेक्षण रिर्पोट वक़्फ बोर्ड की बजाय राज्य सरकार द्वारा प्रकाशित करवाई जाएगी। इसी प्रकार सम्पति न तो बेची जा सकती है और न ही किसी को उपहार में दी जा सकती है। देशभर में एक समान नियम लागू होंगे। उन्होंने कहा कि आगामी बजट सत्र में इस नए अधिनियम के पारित हो जाने की संभावना है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मंत्रालय ने भी वक़्फ रिकार्ड के कम्प्यूटरीकरण की एक योजना शुरू की है। उन्होंने कहा कि वक़्फ बोर्ड के डिजीटेलाजेशन होने पर अवैध कब्जों से वक़्फ सम्पतियों के सरंक्षण में दीर्घकालिक सहायता मिलेगी। श्री खान ने कहा कि देश में वक़्फ बोर्ड की लगभग 4 लाख एकड़ भूमि उपलब्ध है जबकि हरियाणा में 47 हजार एकड़ भूमि उपलब्ध है, जिसमें से 21 हजार एकड़ भूमि शहरी क्षेत्रों में पड़ती है। उन्होंने कहा कि यदि इस भूमि को विकसित किया जाता है तो हरियाणा और अधिक समृद्घ बन जाएगा। उन्होंने वक़्फ बोर्ड से माध्यमिक शिक्षा पर विशेष बल देने का भी आग्रह किया, क्योंकि यह शिक्षा प्रणाली का आधार है। मुख्यमंत्री श्री हुड्डा की प्रंशसा करते हुए श्री खान ने कहा कि उन्होंने प्रदेश में वक़्फ बोर्ड के सरंक्षण और प्रबन्धन के लिए विभिन्न कदम उठाएं हैं। इस सम्मेलन के लिए अपना अमूल्य समय निकलाने के लिए केन्द्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए श्री हुड्डा ने कहा कि वक़्फ बोर्ड की सम्पति चाहे वह हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में हो, प्रमुख स्थानों पर उपलब्ध है। बोर्ड ऐसी सम्पतियों का सर्वोत्तम उपयोग कर सकता है बशर्ते वे ऐसी सम्पतियों का उचित सरंक्षण और प्रबन्धन सुनिश्चित करें। श्री हुड्डा ने कहा कि वर्ष 1954 में मुलाना अबुल कलाम आजाद द्वारा वक़्फ अधिनियम लाया गया।  श्री हुड्डा ने इसे एक उचित कदम बताया क्योंकि भारी संख्या में मुस्लिम पाकिस्तान पलायन कर गए थे और उनकी सम्पतियों पर अवैध कब्जे हो गए थे। उन्होंने कहा कि श्री आजाद के साथ उनके परिवार के गहरे सम्बन्ध थे। उनके पिता चौधरी रणबीर सिंह उस समय रोहतक से सांसद थे तथा वे और श्री आजाद घनिष्ठ मित्र थे। श्री हुड्डा ने कहा कि उन्हें भी उनके साथ कन्धे से कन्धा मिलाने का अवसर मिला। श्री हुड्डा ने कहा कि राज्य सरकार ने वक़्फ बोर्ड को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से वर्ष 2006 में विधानसभा में सार्वजनिक परिसर अधिनियम में संशोधन किया इससे वे अपनी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त करवाने के लिए अदालत जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसे सरकारी कार्यालयों को पहले ही निर्देश जारी किए जा चुकें  हैं। इसके अतिरिक्त सभी उपायुक्तों को वक़्फ भूमि का इन्तकाल तुरन्त बोर्ड के नाम करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वक़्फ सम्पति का सर्वेक्षण करवाने के लिए सभी मण्डल आयुक्तों को सर्वेक्षण आयुक्त नियुक्त किया गया है। ऐसी 414 सम्पतियों की पहचान की गई है, जो इससे पूर्व के सर्वेक्षण में अधिसूचित नहीं की गई थी। ऐसी सम्पतियों की अधिसूचना प्रक्रिया भी प्रगति पर है। श्री हुड्डा ने कहा कि राज्य सरकार ने भी हरियाणा वक़्फ नियम, 2012 अधिसूचित किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले आठ से अधिक वर्षों के दौरान मेवात में त्वरित गति से विकास किया है। मेवात में विभिन्न विकास कार्यों पर 3025 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। उन्होंने कहा कि लगभग 247 करोड़ रुपये की लागत से राजीव गांधी पेयजल परियोजना लागू की गई है। इस परियोजना के रेनीवैल सेग्मेन्ट और टयूबवैल सेग्मेन्ट का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 419 गांवों को 50 लिटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की दर से पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। श्री हुड्डा ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र पर विशष बल दे रही है। जिला मेवात के गांव     नल्हर में शहीद हसन खान मेवाती चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किया जा रहा है। इस पर 678 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इस  चिकित्सा महाविद्यालय में ओपीडी पहले ही स्थापित की जा चुकी है। आगामी शैक्षणिक सत्र से 100 सीटों के लिए दाखिला आरम्भ हो जाएगा। श्री हुड्डा ने कहा कि मेवात में स्टाफ की कमी पूरी करने के लिए अध्यापकों और डॉक्टरों के लिए अलग कैडर बनाया गया है। इस अवसर पर श्री हुड्डा ने मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज नूंह में लड़कों के होस्टल के निर्माण की घोषणा की। बाद में श्री हुड्डा ने अम्बाला कैन्ट में राष्ट्रीय नेत्रहीन प्रसंघ हरियाणा शाखा द्वारा संचालित इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, ट्रेनिंग एंड रिहेब्लिटेशन ऑफ दि विजीयूलि चैलेंज का उद्घाटन किया। श्री हुड्डा ने अपने ऐच्छिक कोटे से राष्ट्रीय नेत्रहीन प्रसंघ हरियाणा शाखा को 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष चौ. अकरम खान, नूंह के विधायक एवं हरियाणा हज कमेटी के चेयरमैन आफताब अहमद, हरियाणा वक़्फ बोर्ड के प्रशासक नसीम अहमद, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा0 परवेज अहमद, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह एवं प्रशासन समीर माथुर, अम्बाला-पंचकुला के पुलिस आयुक्त के.के. शर्मा, उपायुक्त शेखर विद्यार्थी, पुलिस उपायुक्त अशोक कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त डा0 एस.एस. फुलिया, एसडीएम मुकेश आहूजा, प्रशासनिक अधिकारी इम्तियाज खिज़र, युवा कांग्रेस नेता उदयवीर सिंह, जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष ब्रह्मपाल राणा, युवा हल्का अध्यक्ष अतुल महाजन, जसमीत टोनी, प्रतीक गुप्ता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा देश के विभिन्न राज्यों के वक़्फ बोर्डों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे

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