आई एन वी सी न्यूज़

लखनऊ,
उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा है कि संसदीय लोकतंत्र में सदन की समितियों की गहरी भूमिका होती है। सदन की समितियाँ जितनी मजबूती से कार्य करेंगी लोकतांत्रिक व्यवस्था उतनी ही सुदृढ़ होगी। मा0 अध्यक्ष, विधान सभा ने यह बात आज दिनांक 16 अक्टूबर, 2017 को विधान सभा की नवगठित प्रदेश के स्थानीय निकायों के लेखा परीक्षा प्रतिवेदनों की जाँच संबंधी समिति एवं पंचायती राज समिति के उद्घाटन अवसर पर कही।

श्री दीक्षित ने समितियों की कार्य प्रणाली एवं कर्त्तव्यों के बारे में बताते हुए कहा कि ‘‘स्थानीय निकायों के लेखा परीक्षा प्रतिवेदनों की जाँच संबंधी समिति एवं पंचायती राज समिति वित्तीय समितियाँ हैं इसलिए इनका कार्य अति महत्वपूर्ण है। विधान सभा अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में बताया कि समिति और सभा वैदिक काल से ही प्रशासनिक इकाई का महत्वपूर्ण अंग रही है और ऋग्वेद के अन्तिम अध्याय में समितियों का विस्तृत वर्णन किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि महाभारत पर दृश्य डालें तो उसमें भी सभा पर्व का उल्लेख आता है।

श्री दीक्षित ने विधायकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि विधान सभा द्वारा जो बजट पास किया जाता है तथा राजकोष के लिए दिया जाता है उस राजकोष का धन कार्यपालिका को जिस उद्देश्य के लिए दिया गया है उसका सही ढ़ंग से उपयोग किया जा रहा है या नहीं। इसके सूक्ष्य विश्लेषण का कार्य इन समितियों को सौंपा गया है।

श्री दीक्षित ने संविधान सभा में समितियों की कार्यप्रणाली की चर्चा के बारे में बताया कि संविधान सभा में संविधान की संरचना के समय विभिन्न प्रकार की समितियाँ गठित की गयी थीं और उनके सभापति के रूप में जवाहर लाल नेहरू, सरदार बल्लभ भाई पटेल आदि ने अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन किया था। इन समितियों की रिपोर्टों को संग्रहित कर संविधान का एक अनुपम एवं अद्वितीय ढ़ाँचा बाबा साहेब अम्बेडकर द्वारा तैयार किया गया।

समिति के सभापति द्वारा मा0 अध्यक्ष के संज्ञान में लाया गया कि समिति के पास अभी तक 2011-12 तक के ही प्रतिवेदन विधान सभा के पटल पर रखे जा सके हैं। विधान सभा अध्यक्ष ने समितियों को आडिट के कार्य को अद्यावधिक बनाने के लिए प्रभावी ढ़ंग से कार्य करने के लिए निर्देश दिये हैं। श्री दीक्षित ने यह भी बताया कि समिति के प्रतिवेदनों को समय-समय पर विधान सभा के पटल पर रखा जाय जिससे उन पर विस्तृत चर्चा हो सके और कार्यपालिका को जवाबदेह बनाया जा सके।

इस अवसर पर स्थानीय निकायों के लेखा परीक्षा प्रतिवेदनों की जाँच संबंधी समिति के सभापति श्री पंकज गुप्ता एवं पंचायती राज समिति के सभापति डा0 सोमेन्द्र तोमर ने मा0 अध्यक्ष विधान सभा को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए समिति की अधिक-से-अधिक बैठक आयोजित कर आडिट आपत्तियों को निस्तारित किये जाने की बात कही। उदघाट्न बैठक में प्रमुख सचिव, विधान सभा श्री प्रदीप कुमार दूबे व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here