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Friday, December 4th, 2020

लॉकडाउन से कोरोना खत्म नहीं हो सकता

दिल्ली में दिल्ली में शुक्रवार को 118 मरीजों ने कोरोना के कारण दम तोड़ दिया। हालांकि राहत की खबर है कि कोरोना से संक्रमण दर में कुछ कमी जरूर आई है। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को दिल्ली में 6608 नए मरीजों की पुष्टि हुई। इन नए मरीजों के साथ दिल्ली में कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा 517238 हो गया है। गुरुवार को दिल्ली में 62425 टेस्ट हुए जिनमें 10.59 फीसदी मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए। विभाग के अनुसार शुक्रवार को 8775 मरीजों को छुट्टी दी गई, जबकि 118 मरीजों ने दम तोड़ दिया। दिल्ली में अभी तक 468143 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 8159 मरीजों ने कोरोना के कारण दम तोड़ दिया। दिल्ली में कोरोना से मृत्युदर 1.58 फीसदी है। विभाग के अनुसार दिल्ली में कोरोना के एक्टिव केस 40936 हैं। इनमें से दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में  9491 मरीज, कोविड केयर सेंटर में 584 मरीज और कोविड मेडिकल सेंटर में 211 मरीज हैं। होम आइसोलेशन में 24042 मरीज व वंदेभारत मिशन के तहत आए 535 मरीज भी आइसोलेशन में हैं। गुरुवार को दिल्ली में आरटीपीसीआर व अन्य माध्यम से 23507 व रैपिड एंटीजन के माध्यम से 38918 टेस्ट किए गए। दिल्ली में अभी तक 5715516 टेस्ट किए जा चुके हैं। दिल्ली में हॉटस्पॉट की संख्या बढ़कर 4560 हो गई है।


लॉकडाउन से कोरोना डिले हो सकता, खुलेगा तो फिर फैलेगा: अरविंद केजरीवाल
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लॉकडाउन से कोरोना खत्म नहीं हो सकता है। लॉकडाउन से कोरोना संक्रमण को तेजी से फैलने में देरी हो सकती है, जिस दिन सबकुछ खुलेगा उस दिन से वह फिर तेजी से बढ़ेगा। अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को एचटी लीडरशिप समिट (एचटीएलएस) में बोल रहे थे। केजरीवाल ने कोविड, प्रदूषण, दिल्ली सरकार की प्राथमिकताओं के साथ राष्ट्रीय राजनीति में आम आदमी पार्टी की भूमिका पर बात की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का समय खत्म हो गया है। देश को वैकल्पिक राजनीति को चुनना होगा।  अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब देश में लॉकडाउन लगा तो वह सही समय था। क्योंकि हमें उस समय पता नहीं था कि पीपीई किट क्या होता है। जांच क्या होती है। ये कैसे मिलेगा। पीपीई किट के लिए एक कंपनी के पीछे सभी सरकारें लगी हुई थी। हमें उस दौरान तैयारी करने का, समझने का समय मिला। फिर से लॉकडाउन पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को अपने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करनी चाहिए। मान लीजिए केस बढ़ रहे है बेड नहीं बचे है। उस समय समय हमें लॉकडाउन लगा देना चाहिए। उस लॉकडाउन के दौरान हम बेड बढ़ा लेंगे। जैसे ही हम स्वास्थ्य सेवाएं फिर बढ़ा लेंगे लॉकडाउन खत्म कर दूंगा।

उम्मीद नहीं थी इतनी तेजी से बढ़ेंगे केस
केजरीवाल ने कहा कि हमने यह कभी नहीं सोचा था कि कोरोना चला गया है। मगर यह उम्मीद नहीं थी कि इस तरह फिर वापस लौटेगा जिस तरह सितंबर और नवंबर में हुआ। जब अक्टूबर के पहले सप्ताह में संक्रमण की दर 5 से 6 फीसदी रहा तो तब लगा था कि यह कम हो गया है। मगर विशेषज्ञ कह रहे थे कि प्रदूषण आ रहा है दिक्कत बढेगी, इसलिए हमने तैयारी उसके हिसाब से रखी थी। जांच स्थिति को देखकर बढ़ाते है। पहले 20 था तो दूसरे  वेब में 60 किया अब तीसरी वेब में केस बढ़े तो फिर बढ़ाने जा रहे है।PLC.
 

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