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Monday, October 26th, 2020

लावारिस शिशु की सूचना महिला एवं बाल विकास विभाग को दे-निधि गुप्ता

आदेश त्यागी , आई एन वी सी, हरियाणा,पानीपत। बच्चें संसार के सबसे सुन्दर प्राणी हैं। जिनमें अनेक प्रतिभाएं छुपी हुई हैं। यहीं नहीं देश का भविष्य भी इनमें स्पष्ट झलकता है। सभी बच्चों को बेहतर वातावरण मिल सके। सरकार ने केन्द्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण एवं राज्य दत्तक एजैंसी का गठन किया है। जिससे जहां बच्चों का भविष्य उज्जवल हो सकेगा, वहीं जरूरतमंद नागरिकों और नि:संतान दम्पतियों को भी बुढ़ापे की लाठी के रूप में इन बच्चों का सहयोग मिल सकेगा। इसलिए सभी समाज सेवी संस्थाओं , महिला एवं बाल विकास विभाग व शिक्षा विभाग के सभी कर्मचारियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों को दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण की योजनाओं का और अधिक प्रचार-प्रसार करना चाहिए ताकि देश के बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाया जा सके। यह आहवान जिला बाल संरक्षण अधिकारी निधि गुप्ता ने हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग पंचकूला एवं जिला बाल संरक्षण समिति पानीपत की ओर से बीडीपीओ कार्यालय मडलौडा के प्रांगण में आयोजित एक दिवसीय जागरूकता शिविर को सम्बोधित करते हुए किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने केन्द्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण एवं राज्य दत्तक एजैंसी का गठन किया है, जो देश एवं देश से बाहर बच्चों के दत्तक ग्रहण को प्रोत्साहित करने में अपना पूर्ण सहयोग देती है। किसी लावारिस शिशु के प्राप्त होने से लेकर उसकी देखभाल और उसको दत्तक देने एवं दत्तक देने के बाद भी कम से कम दो साल तक उसके पालन पोषण पर नजर रखती है। हरियाणा में विशेष दत्तक ग्रहण एजैंसी एसएए का गठन किया गया है, जो हरियाणा में दत्तक ग्रहण कार्यक्रम को प्रोत्साहित करेगी। दत्तक लेने वाले इच्छुक व्यक्ति इस संस्था से सम्पर्क कर सकते हैं और दत्तक लेने वाले व्यक्ति की पहचान के रूप में मतदाता पहचान पत्र, पेन कार्ड, पासपोर्ट, आय प्रमाण पत्र और ड्राईविंग लाईसैंस होना अनिवार्य है।OLYMPUS DIGITAL CAMERA विभाग की सामाजिक कार्यकर्ता सरोज कुमारी ने कहा कि प्रत्येक बच्चा राष्ट्र का बच्चा है। उसे हर बच्चें को बाल अधिकार भारतीय संविधान ने दिए हैं। कोई भी बच्चा इन अधिकारों से वंचित न रहे। इसलिए उक्त संस्थाओं का गठन किया गया है। यदि किसी व्यक्ति कहीं कोई लावारिस शिशु मिलता है तो वे इसकी सूचना कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में जिला बाल संरक्षण अधिकारी और बाल भवन स्थित जिला बाल कल्याण अधिकारी के कार्यालय में दे सकते हैं। इस अवसर पर सीडीपीओ बिमला डागर, सलाहकार युद्धवीर सिंह, एसए रवीन्द्र कुमार, लेखाकार दीपक कुमार व रणबीर सिंह आदि मौजूद रहे।

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casino, says on December 18, 2014, 12:01 AM

super article ! merci