Thursday, December 12th, 2019

लापरवाही और सुस्ती बर्दाश्त नहीं

आई एन वी सी न्यूज़ भोपाल,

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक में ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान बिजली उपभोक्ताओं को पर्याप्त एवं निरंतर बिजली उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि कार्य के लिये अनिवार्यत: 10 घंटे विद्युत आपूर्ति की जाये। सब स्टेशन/निर्माण कार्य पूरा करने के लिये और अत्यंत आवश्यक होने पर ही शट-डाउन किया जाये। बिजली की आपूर्ति में किसी भी प्रकार का व्यवधान स्वीकार नहीं किया जायेगा। इसकी निरंतर एवं गहन मॉनीटरिंग करने के निर्देश भी उन्होंने दिये। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने रबी मौसम में सिंचाई के महत्व को देखते हुए ट्रांसफार्मर के फेल होने पर उसे बदलने का कार्य तत्परता से करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि तीन दिन में ट्रांसफार्मर को उचित क्षमता के ट्रांसफार्मर से बदला जाना सुनिश्चित किया जाये। इस कार्य में राज्य शासन के निर्देशानुसार किसानों अथवा बिजली उपभोक्ताओं द्वारा परिवहन में सहयोग किया जाता है तो उन्हें ट्रेक्टर आदि के किराये का भुगतान भी किया जाये। बिजली लाइन टूटने से होने वाली दुर्घटनाओं में जन-हानि होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाये। मुख्यमंत्री ने बिजली बिल की शिकायतों के निराकरण के लिये समाधान शिविर लगाने के निर्देश भी दिये।

श्री कमल नाथ ने कॉल-सेंटर/1912 सेवाओं को और मजबूत करने तथा जनता को उनका लाभ दिलवाने के लिये व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने खेती के लिये 10 घंटे और अन्य उपभोक्ताओं को 24 घंटे की बिजली आपूर्ति गुणवत्तापूर्वक सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये। अधिकारियों से कहा गया कि बिजली आपूर्ति के संबंध में राज्य शासन के निर्देशों को कागजों तक सीमित न रखकर उनका मैदानी स्तर पर समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये।

मुख्यमंत्री की समीक्षा के दौरान विद्युत उपलब्धता, अधोसंरचना की स्थिति, वर्तमान में चल रहे कार्य, रबी मौसम के लिये पर्याप्त बिजली की उपलब्धता आदि की जानकारी दी गई। बैंकिंग एवं विद्युत क्रय-विक्रय की समीक्षा भी की गई। विभाग द्वारा बताया गया कि वर्तमान में किये गये अनुबंधों एवं एक-दो वर्षों में म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कम्पनी, एनटीपीसी के साथ ही नवकरणीय ऊर्जा की क्षमता बढ़ाने से वर्ष 2024-25 तक पर्याप्त विद्युत उपलब्ध हो जायेगी। बैठक में नवकरणीय ऊर्जा की वर्तमान स्थिति एवं आगामी वर्षों में बढ़ने वाली विद्युत क्षमता पर भी चर्चा की गई। बैठक में ऊर्जा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

लापरवाही और सुस्ती बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि शासन में लापरवाही और सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके प्रति सरकार जीरो टालरेंस होगी। जनसेवा सरकार का  प्राथमिक दायित्व होगा। जनता को यह आभास होगा कि सरकार उसकी सेवा के लिये है। श्री नाथ आज यहां मंत्रालय में मंत्री-परिषद और अधिकारियों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री नाथ ने निर्देश दिये कि जनहित के कार्य बिना हीला-हवाली के हों। नियमानुसार किये जा सकने वाले कार्य नियमित कार्य-प्रणाली से सुनिश्चित किये जायें।  मुख्यमंत्री के समक्ष केवल ऐसे विषय लाए जायें, जो नियमित व्यवस्था में नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि विभाग के संचालन का दायित्व विभागीय मंत्री का होगा। प्रशासनिक व्यवस्थाओं के संचालन का दायित्व मुख्यमंत्री सचिवालय का नहीं बल्कि विभाग का होगा।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि वचन पत्र के समस्त बिंदुओं के क्रियान्वयन का उत्तरदायित्व संबंधित विभाग का होगा। विभाग इसके क्रियान्वयन की समयबद्ध कार्ययोजना बना लें। उन्होंने कहा कि नये नजरिए के साथ व्यवस्था को देखें। परिवर्तन नवाचार के लिये यह आवश्यक हैं। उन्हें अमल करने का प्रयास करें। नियम-कायदों में केवल परिवर्तन पर्याप्त नहीं होगा। श्री नाथ ने कहा कि मंत्री-परिषद की बैठक के साथ ही विभागीय बैठकें भी शीघ्र ही आयोजित की जाएंगी। इससे सभी मंत्रीगण विभागों की कार्य प्रणाली से परिचित रहेंगे।  मुख्यमंत्री ने  बताया कि प्रथम बैठक ऊर्जा विभाग की होगी।  इसके बाद कृषि विभाग की बैठक होगी। शीघ्र ही अन्य विभागों की बैठकों की समय-सारणी जारी की जाएगी।

मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह ने बताया कि वचन पत्र के अनुसार कार्रवाई का प्रारूप संबंधित विभागों द्वारा तैयार कर लिया गया है। विभागीय मंत्री का मार्गदर्शन प्राप्त कर उसे प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि प्रदेश में योग्य और कर्मठ अधिकारियों की टीम है, जो समय-सीमा में  कार्य करने में दक्ष हैं। बैठक के प्रारंभ  में समस्त अधिकारियों ने अपना परिचय दिया। बैठक में सभी विभागों के प्रमुख सचिव, विभाग के सचिव और विभागाध्यक्ष मौजूद थे।




 

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