आई एन वी सी न्यूज़
लखनऊ,
शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों के अलावा प्रधानाध्यापक की इच्छाशक्ति के ऊपर विद्यालय की स्वच्छता है। जब इच्छाशक्ति होगी तो सभी सहयोग करेंगे और निश्चित रूप से विद्यालय साफ-सुथरा होगा। प्रदेश की बेसिक शिक्षा, बाल विकास पुष्टाहार, (स्वतंत्र प्रभार) तथा राजस्व एवं वित्त राज्यमंत्री श्रीमती अनुपमा जायसवाल आज बलिया में बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा कर रही थी। इस दौरान स्कूल चलो अभियान और परिषदीय विद्यालयों में ड्रेस वितरण की तैयारी से संबंधित कोई बैठक न होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और प्रभारी बीएसए सुभाष गुप्ता को फटकार लगाई। आधार नामांकन के कार्य को लेकर उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री जी के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। ऐसे में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई होगी।

श्रीमती जायसवाल ने कहा कि अधिकारी स्कूलों में लगातार निरीक्षण करें। शत-प्रतिशत अध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए। नामांकन के सापेक्ष छात्र-छात्राओं की भी उपस्थिति का विशेष ख्याल रखा जाए। परिषदीय विद्यालयों में सरकार जो सुविधा दे रही है उसका लाभ प्रत्येक छात्र छात्राओं को मिले। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर परिषदीय विद्यालय से जुड़ी कोई भी गंभीर शिकायत मिली और उसमें किसी की लापरवाही सामने आई तो सख्त कार्रवाई तय है।

बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल ने कहा कि 25 प्रतिशत अलाभित समूह के बच्चों को चिन्हित विद्यालयों में दाखिला कराने की व्यवस्था है। बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि अगर कोई चिन्हित  विद्यालय एडमिशन लेने से मना करता है तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाये।

बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के बाद मंत्री अनुपमा जायसवाल ने कलेक्ट्रेट सभागार में लेखपालों को लैपटॉप का वितरण किया। उन्होंने लेखपालों से कहा कि आज के आधुनिक समय में सबका काम भी आधुनिक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है जनता को आसानी से और त्वरित गति से न्याय मिले। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए लेखपालों को लैपटॉप देने की व्यवस्था की गई। जरूरी है कि हर लेखपाल अपने हल्के के लोगों का काम शीघ्र अतिशीघ्र करें तो इससे जनता भी खुश रहेगी और उनकी छवि भी बेहतर बनेगी।